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दुकानदारों ने फुटपाथ व पार्किंग स्पेस को कवर कर बढ़ाया अतिक्रमण का दायरा

शहर में अनेक स्थानों पर रेहड़ी-फड़ी वालों की ओर से अतिक्रमण किया जा रहा है, इस कारण मार्केट्स में आने वाले लोगों को...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 03:10 AM IST
शहर में अनेक स्थानों पर रेहड़ी-फड़ी वालों की ओर से अतिक्रमण किया जा रहा है, इस कारण मार्केट्स में आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मार्केट का हाल तो इतना बुरा है कि फुटपाथ पर ही रेहड़ी व खाने-पीने का सामान बेचने वाले अपने आसपास का एरिया घेर कर वहां पर अवैध कब्जा कर बैठे हैं। तो फुटपाथ पर पार्किंग एरिया में टेबल-कुर्सियां लगाकर भी अतिक्रमण करने से पीछे नहीं रहा गया है। नप की ओर से कड़ी कार्रवाई नहीं होने के कारण ऐसे संचालक खुलेआम अपनी मनमर्जी कर रहे हैं। इसी कारण लोगों को सड़कों पर पार्किंग की जगह तक नहीं मिल पा रही है। शहर के हर कोने, हर मार्केट में भारी मात्रा में अवैध कब्जा धारकों ने कब्जे किए हुए हैं। रेहड़ियों पर सामान बेचने वालों की ओर से अपनी दुकानें खोल कर रखी जाती हैं। ऐसा नहीं है कि शहर के अतिक्रमण के बारे में नप के अधिकारी बेखबर हैं। उन्होंने अनेक बार इंक्रोचमेंट ड्राइव चलाई गई लेकिन इसका असर शहर की मार्केट तथा अन्य क्षेत्रों में उस समय तक ही देखने को मिलता है जब तक नप अधिकारियों की कार्रवाई टीम बाजार में रहती है। डाइनिंग यानी वो एरिया जहां पर रेहड़ी और दुकानदार मालिकों ने टेबल-कुर्सियां लगा दी हैं और इनके पास खाद्य सामग्री लेने आने वाले ग्राहकों को वहीं पर बैठा कर खाना-परोसा जाता है। नेहरू पार्क, हांसी गेट से घंटाघर के आसपास व शहर के अनेक बाजारों में कुछ फुटपाथ को पार्किंग व पैदल राहगीरों के लिए छोड़ा गया है।

नेहरू पार्क के सामने सरकुलर रोड पर फुटपाथ पर रेहड़ियां व पीली पट्टी के बाहर खड़ी गाड़ियां।

शहरवासी भी दें सहयोग

शहर में अकेले फुटपाथों पर ही नहीं बाजारों में दुकानों के बाहर की खाली जगहों पर भी अवैध रूप से सामान लगाकर दुकानदार व रेहड़ी-फड़ वाले बैठे हुए हैं। इन लोगों के कारण बाजारों में आए दिन जाम की समस्या बन रही है। प्रशासन ही नहीं नागरिकों को भी सहयोग देना चाहिए।

लोहे के रैक, फोल्डिंग आदि भी प्याऊ में रखते हैं

नेहरू पार्क के सामने बनी प्याऊ में लगी टोटियों को बंद कर कुछ दुकानदार अपनी दुकानदारी के लिए इसका उपयोग करते हैं जबकि प्याऊ से पानी कोई भी पी सकता हैं। वहीं जिस संस्था की ओर से प्याऊ बनवाई गई है उसका भी ध्यान इस ओर नहीं है कि उनके पूर्वजों की ओर से सार्वजनिक उद्देश्य को बनवाई गई प्याऊ आज किस हालात में है। कुछ दुकानदार न केवल इसका पानी बल्कि दुकान का सामान जिनमें लोहे के रैक, फोल्डिंग आदि शामिल हैं, प्याऊ में ही रखते हैं।

फिर शुरू करेंगे अभियान