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विभाग का दावा: शहर के 90 प्रतिशत घरों में पेयजल लाइनों पर मोटर का होता है इस्तेमाल

पेयजल सप्लाई कनेक्शनों पर सीधे मोटर लगाने से शहर की दर्जनभर कॉलोनियों में गर्मी के मौसम में भीषण जलसंकट पैदा हा़े...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:15 AM IST

विभाग का दावा: शहर के 90 प्रतिशत घरों में पेयजल लाइनों पर मोटर का होता है इस्तेमाल
पेयजल सप्लाई कनेक्शनों पर सीधे मोटर लगाने से शहर की दर्जनभर कॉलोनियों में गर्मी के मौसम में भीषण जलसंकट पैदा हा़े जाता है। इसके अलावा शहर के अंदर भी जाे गलियां ऊंची है उन मकानों में भी पानी नहीं पहुंच पाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर लाइनों से मोटर हटाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। हर घर को स्वच्छ व पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग लोगों को मोटर हटाने की अपील करेगा। ताकि प्रत्येक कॉलोनी व मोहल्ले के आखिर मकान तक पानी की सप्लाई पहुंच सके। इसके लिए दस अप्रैल से विभाग जागरूकता अभियान चलाएगा।

हलफनामा देकर भी लगा रखी हैं मोटरें

शहर में लगभग 90 प्रतिशत मकानों में पेयजल कनेक्शन की लाइन पर लोगों ने बिजली की अवैध रूप से मोटरें लगा रखी है।

नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति अपने मकान व प्रतिष्ठान पर विभाग की पेयजल लाइन पर सीधे मोटर नहीं लगा सकता है।

कनेक्शन जारी करने से पहले विभाग प्रत्येक उपभोक्ता से लिखित रूप में लाइन पर मोटर न लगाने का हलफनामा भी लेता है।

आज तक नहीं हुइ कोई कार्रवाई

विभाग लाइन पर मोटर लगाने वालों को समय समय पर नोटिस जारी करता है। इसके बावजूद कार्रवाई आज तक किसी के खिलाफ नहीं की गई। पानी सभी की मूलभूत जरूरत है। इसी के कारण विभाग आज तक किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं कर पाया है।

5 हजार कनेक्शन अवैध

विभाग ने शहर में लगभग 500 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाई है। शहर में लगभग 22 हजार स्वीकृत पेयजल कनेक्शन है और पांच हजार के लगभग अवैध कनेक्शन है। लगभग 25 वर्षों से शहर में लोग पेयजल लाइन पर मोटर लगा रहे है। विभाग ने अवैध मोटर लगाने वालों के खिलाफ कभी अभियान नहीं चलाया। इसलिए शहर में 90 प्रतिशत घरों में पेयजल की लाइन पर मोटर लगी हुई है।

गर्मी में आपूर्ति भी हो जाती है कम

भीषण गर्मी में जब जल संकट पैदा होता है तो जिन लोगों ने अपने घरों व प्रतिष्ठानों में लाइन पर मोटर लगा रखी है उनको भी पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। पानी की सप्लाई कम छोड़ी जाती है तो सप्लाई कुछ घरों तक ही पहुंच पाती है।

लाइन पर मोटर लगाने से यहां बनी है पानी की दिक्कत

लोग बोले- विभाग लापरवाह

विभाग की लापरवाही से मोटर लगाने को हैं मजबूर वर्षों से लोग पेजयल लाइन पर मोटर लगा रहे हैं। बिना मोटर के किसी के घर पर पानी पहुंचना मुश्किल है। क्योंकि किसी भी गली में अगर एक व्यक्ति भी मोटर लगाता है तो शेष घरों में पानी नहीं पहुंच पाता है। इसके चलते गली में सभी लोग लाइन पर मोटर लगाते है। जो लाइन ज्यादा लंबी होती है उस लाइन के अंतिम छोर पानी नहीं पहुंच पाता है।

शहर की बाहरी कॉॅलोनी: जयश्री कॉलोनी, डीसी कॉॅलोनी, हनुमान ढाणी रेलवे लाइन पार, रुद्रा कॉलोनी, शास्त्री नगर, ब्रह्मा कॉलोनी, कीर्ति नगर, टिब्बा बस्ती, आजाद नगर, ढाणा रोड क्षेत्र।

शहर के अंदर: तेलीवाड़ा, बिचला बाजार, कन्हैया राम अस्पताल क्षेत्र, हालु मोहल्ला, बावड़ी गेेट आदि क्षेत्रों में भी पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं पहुंच पाती है।

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Web Title: विभाग का दावा: शहर के 90 प्रतिशत घरों में पेयजल लाइनों पर मोटर का होता है इस्तेमाल
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