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भिवानी में सीवर लाइन की सफाई करते समय दो युवकों की दम घुटने से मौत

नए बस स्टैंड के पीछे सड़क मार्ग के साथ लगती सीवर लाइन की सफाई करते समय मैन होल में बिना सुरक्षा किट के घुसे ठेकेदार...

Dainik Bhaskar

May 02, 2018, 02:15 AM IST
भिवानी में सीवर लाइन की सफाई करते समय दो युवकों की दम घुटने से मौत
नए बस स्टैंड के पीछे सड़क मार्ग के साथ लगती सीवर लाइन की सफाई करते समय मैन होल में बिना सुरक्षा किट के घुसे ठेकेदार के दो कारिंदों की जहरीली गैस से दम घुटने के कारण मौत हो गई। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक दस्ते ने जेसीबी व अन्य लोगों की मदद से मैन होल को उखाड़कर दोनों के शवों को बाहर निकाला। उधर परिजन आर्थिक मदद व इस तरह की घटनाओं को रोक लगाने की मांग को लेकर मौके पर ही एंबुलेंस के आगे सड़क पर लेट गए और शवों को अस्पताल में नहीं ले जाने दिया। अधिकारियों व मौजिज लोगों के आश्वासन के बाद परिजनों ने शवों को अस्पताल में ले जाने दिया। जैन चौक कमेटी मोहल्ला निवासी 30 वर्षीय मुकेश व नेहरू कॉलोनी निवासी 28 वर्षीय राजेश उर्फ लाला शाम लगभग साढ़े चार बजे नए बस स्टैंड के पीछे सीवर साफ करने की मशीन से मैन होल की सफाई कर रहे थे।

एक तरफ सरकार जहां सीवर लाइन की सफाई के लिए रोबोटिक मशीन खरीदने की योजना बना रही है वहीं हुडा के पास सुपर सकर मशीन तक नहीं है। भिवानी हुडा के पास सुपर सकर मशीन होती तो आज दोनों सीवरमैनों की जिंदगी बच जाती। दूसरी तरफ सीवर लाइन की सफाई के दौरान मैनहोल में जहरीली गैस से अचेत हुए दो सीवरमैन को बचाना तो दूर प्रशासन घटना का पता लगने के ढाई घंटे बाद भी मृतकों के शव को बाहर नहीं निकाल पाया। सीवर मैन को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के मैनहोल में उतारा गया फिर हादसा हुआ तो उन्हें बचाने में भी लापरवाही बरती गई। अगर घटना का पता लगने के बाद समय रहते उन्हें अस्पताल पहुंचाया जाता तो दाेनों की जान बचाई जा सकती थी।

साढ़े चार बजे घटना हुई। पांच बजे प्रशासन मौके पर पहुंचा और एक घंटे तक अधिकारी फोन पर जेसीबी के लिए ही संपर्क करते रहे। सिविल लाइन पुलिस थाना प्रभारी अजीत सिंह ने नगरपरिषद सचिव से फोन पर संपर्क किया कि मौके पर जेसीबी पहुंचाए। जवाब मिला कि जेसीबी का चालक नहीं है। इसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अधिकारी सुभाष यादव, नायब तहसीलदार नरेश कुमार भी फोन पर जेसीबी का प्रबंध करने में लगे रहे लेकिन व्यवस्था नहीं हो पाई। मौके पर लगभग एक घंटे तक मैनहोल में गैस खत्म करने का प्रयास कर रहे गौसेवक संजय परमार ने जेसीबी की व्यवस्था की और गौरक्षक मनोज कालुवासिया अपनी जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचा। इसके बाद ही मैनहोल को उखाड़कर दोनों कर्मियों के शव बाहर निकाले जा सके।

सीवर में फंसे युवकों के शव निकालने के लिए मैनहोल को उखाड़ती जेसीबी मशीनें।

सीवर के मैनहोल में उतरने के ये है नियम




इससे पहले भी हो चुकी ऐसी घटनाएं : भिवानी में इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी है। वर्ष 2005 में नए बसस्टैंड के सामने सीवर की सफाई करते समय मैनहोल में जहरीली गैस से दो युवकों की मौत हो गई थी। इसके अलावा 2012 में पुराना बसस्टैंड के नजदीक सीवर लाइन की सफाई के दौरान जहरीली गैस ने मैनहोल में घुसे दो कर्मियों की जान ले ली थी। इसके बाद भी प्रशासन सचेत नहीं हुआ। हैरानी की बात यह है कि सभी घटनाओं में सीवरमैन बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ही मैनहोल में उतरे थे। प्रदेश में 1995 से अब तक लगभग 119 सीवरमैन जान गवां चुके हैं।

मिल सकती है दस-दस लाख की मदद

मृतक के परिजनों को सरकार की तरफ से दस दस लाख की मदद मिल सकती है। अगर इस तरह की घटना में किसी सीवरमैन की मौत होती है तो नियमों के अनुसार मृतक के परिजनों को दस लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है।

कोई लापरवाही करता है तो खुद जिम्मेदार : भिवानी हुडा के एसडीओ का प्रभार हिसार के एसडीओ भूपेंद्र के पास है। भूपेंद्र ने बताया कि हुडा के पास पूरी सुरक्षा किट है व उन्होंने दस से 15 मार्च के बीच सभी ठेकेदारों को पत्र लिखा था कि सीवर की सफाई करते समय पूरी सावधानी बरते व सुरक्षा किट का अवश्य प्रयोग करें। कोई इस में लापरवाही करता है तो वे स्वयं इसके जिम्मेदार होंगे। वे थोड़ी सी भी सजगता से काम करते तो यह हादसा नहीं होता। सुपर शकर मशीन बारे उन्होंने कहा कि विभाग के पास हिसार में केवल सीवर क्लीनिंग मशीन है। सुपर शकर मशीन तो केवल जनस्वास्थ्य विभाग के पास है। उधर सिटीएम महेश कुमार ने कहा कि ठेकेदार का पता किया जा रहा है। ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।

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भिवानी में सीवर लाइन की सफाई करते समय दो युवकों की दम घुटने से मौत
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