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इस बार नहीं होगी देरी, सत्र शुरु होने से पहले मिलेगी विद्यार्थियों को किताबें

पहली बार शिक्षा सत्र शुरू होने से पूर्व अधिकतर स्कूलों में शिक्षा विभाग की ओर से निशुल्क पुस्तकें पहुंचा दी गई है।...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:00 AM IST
पहली बार शिक्षा सत्र शुरू होने से पूर्व अधिकतर स्कूलों में शिक्षा विभाग की ओर से निशुल्क पुस्तकें पहुंचा दी गई है। सभी 600 प्राइमरी स्कूलों में सभी किताबें पूरी हो गई हंै। मिडल स्कूलों में भी अगले एक दो दिन में सभी विषयों की किताबें पहुंच जाएगी।

इस बार किताबों की कमी के कारण बच्चे स्कूलों में खाली बैठकर घर नहीं लौटेंगे। शिक्षा विभाग की ओर से इस बार हर स्कूल में किताबें भिजवाई जा रही है। प्राइमरी कक्षा पहली व दूसरी के तीनों टाइटल हिंदी, मैथ व अंग्रेजी पहुंचा दिए गए हैै। कुछ क्लस्टर में डिमांड के अनुसार पुस्तकें न पहुंचने की इक्का दुक्का शिकायत है। जिसे सप्लायर शीघ्र पूरा करने का दावा कर रहे हैं। वहीं जिले के सवा दो सौ मिडिल स्कूलों में किताबें भिजवाने का काम जोरों पर चल रहा है। छठी की किताबों को छोड़ कर सातवीं व आठवीं की किताबें लगभग पूरी कर ली गई हैं। हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ स्कूलों में संख्या के हिसाब से कम किताबें भेजी गई है।

बीईओ धर्मसिंह राठी का कहना है कि इस बार डीईईओ यमुनानगर की ओर से किताबें सीधे स्कूलों में भेजी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 90 प्रतिशत स्कूलों में किताबें पहंचाने का काम पूरा कर लिया गया है। हालांकि फिलहाल सप्लायर ने इस बाबत सर्टिफिकेट नहीं दिया है। उनका कहना है कि एक ट्रक बुक्स और आनी बाकी है। आते ही पूरे स्कूलों में किताबें बांट दी जाएंगी।

बीईओ धर्म सिंह बोले- सभी 600 प्राइमरी स्कूलों में भेजी जा रही किताबें

15 हजार बच्चों को मिलेंगी सुविधा

जिले के छह सौ से अधिक प्राइमरी व सवा दो सौ स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे 15 हजार विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग की ओर से निशुल्क किताबों की सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके अलावा इन बच्चों को बैग, वर्दी व अन्य सुविधाएं भी दी जाएगी। डीईईओ कार्यालय में रिजर्व में पुस्तकें रखी जाएगी। जिन स्कूलों में किताबें कम सप्लाई हुई होगी वे यहां से अपनी जरूरत के मुताबिक ले सकेंगे। जिले के एक मात्र अंग्रेजी माध्यम राजकीय आदर्श संस्कृति सीसे स्कूल में अंग्रेजी माध्यम की किताबें नहीं भेजी गई है। बताया जा रहा है कि सप्लायर ने अंग्रेजी माध्मम की जगह हिंदी मीडियम की किताबें ही भेज दी। इस विद्यालय में प्राइमरी कक्षाओं में हिंदी व अंग्रेजी के अलावा मैथ व ईवीएस की पुस्तकें अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई जाती है। वहीं मिडिल कक्षाओं की सातवीं की किताबें अंग्रेजी माध्यम की पहुंच गई है। छठी व आठवीं की कोई किताब नहीं पहंची है।

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