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ओवरलोडिंग रोकने पर नाकों पर ड्यूटी देने वाले अधिकारी खौफजदा, मांगे हथियार

जिले में ओवरलोडिंग रोकने के लिए प्रशासन ने नाके तो लगा दिए, लेकिन ट्रक व डंपर चालकों से नाकों पर ड्यूटी देने वाले...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 13, 2018, 02:00 AM IST

जिले में ओवरलोडिंग रोकने के लिए प्रशासन ने नाके तो लगा दिए, लेकिन ट्रक व डंपर चालकों से नाकों पर ड्यूटी देने वाले अधिकारी व कर्मी ही खौफजदा हैं। इनसे निपटने के लिए अधिकारियों ने शुक्रवार को हुई बैठक में खुद की सुरक्षा के लिए हथियार व साथ में हथियार बंद पुलिसकर्मी मांगे। अधिकारियों व कर्मचारियों ने यह परेशानी एडीसी केके भादू के साथ ओवरलोडिंग पर अभी तक हुई कार्रवाई की समीक्षा बैठक में सामने आई।

एडीसी ने अधिकारियों से ओवरलोडिंग को लेकर आ रही दिक्कतों व बेहतर काम के लिए सुझाव मांगे थे। इस दौरान नाकों पर तैनात रहे अधिकारियों ने बताया कि डंपर रोकते हैं, तो उसके साथ चल रही गाड़ी में हथियारबंद लोग भी होते हैं। जबकि नाकों पर तैनात पुलिसकर्मियों के पास तक कोई हथियार नहीं है। इसके लिए हथियारबंद पुलिसकर्मियों के साथ-साथ वहां पर तैनात विभागीय कर्मियों को भी हथियार दिए जाने चाहिए। इससे असुरक्षा की भावना कुछ हद तक कम हो सकेगी।

विभागों से पूरे स्टाफ की नहीं मिली डिटेल | मीटिंग के दौरान वन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि तीन दिन से उनके स्टाफ की लगातार ड्यूटी लग रही है। अन्य विभागों की भी ड्यूटी लगनी चाहिए। जिस पर एडीसी ने सभी विभागों को स्टाफ की पूरी डिटेल देने के निर्देश दिए। क्योंकि नाकों पर रोजाना 15 से 45 टीमें चाहिए। स्टाफ भी समय से नाकों पर नहीं पहुंचता। इसके लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए।

ई चालान मशीन से भी परेशानी |ओवरलोडिंग का आन लाइन चालान काटने के लिए जो मशीनें अधिकारियों को दी गईं हैं वह भी ठीक से कार्य नहीं कर ही है। साथ ही मशीनों को चलाने की ट्रेनिंग भी कर्मचारियों को नहीं दी गई। मशीन में चालान काटने पर नेट व ग्रोस वेट के ऑप्शन आते हैं। कर्मी समझ ही नहीं पाते कि चालान किस वेट पर करना है। इसके अलावा जो डंफर खनन सामग्री लेकर आ रहे हैं, वह काफी पुराने हैं। इनके चालकों के पास आरसी तक नही होती। ऐसे में चालान करने में परेशानी आ रही है। इस समस्या पर एडीसी ने ऐसे वाहनों को इंपाउड करने के निर्देश दिए। आरसी नहीं होने के कारण इंपाउंड करने में आ रही दिक्कत को भी मीटिंग में कर्मियों ने रखा।

यह रहे मीटिंग में मौजूद | एसडीएम भारत भूषण कौशिक, एसडीएम बिलासपुर नवीन आहुजा, एसडीएम रादौर डॉ. पूजा भारती, सीईओ सुमित सिहाग, नोडल अधिकारी देशराज, सीएम के सुशासन सहयोगी कर्ण अलावादी, डीएसपी अनिल कुमार, डीएफएससी सुरेंद्र कुमार समेत अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

बाेले, हमारे साथ जो पुलिसकर्मी होते हैं, उनके पास भी हथियार नहीं

यमुनानगर | अधिकारियों के साथ मीटिंग करते एडीसी केके भादु।

गैर हाजिर रहने वालों पर होगी कार्रवाई

एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ओवर लोडिड वाहनों को रोकने के लिए जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की डयूटी लगाई जाती है वे अपनी डयूटी में कोताही न बरतें। गैर हाजिर रहने, कोताही बरतने वालों पर सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि सीएम कार्यालय व विजलेंस की टीम कभी भी इन नाकों का दौरा कर सकती है। जिनकी डयूटी नाकों पर लगाई जा रही है, उनको सूचना उनके विभाग से ईमेल, टेलफोन व एसएमएस के माध्यम से दी जाती है। उन्होंने बताया कि उप पुलिस अधीक्षक देसराज को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

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Web Title: ovrlodinga rokne par naakon par dyuti dene vaale adhikari khaufjdaa, maange hthiyaar
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