• Hindi News
  • Haryana
  • Bilaspur
  • बसें कम, विद्यार्थियों को आने जाने में दिक्कत
--Advertisement--

बसें कम, विद्यार्थियों को आने-जाने में दिक्कत

Dainik Bhaskar

Mar 19, 2018, 02:05 AM IST

Bilaspur News - गुमथला-यमुनानगर मार्ग पर लगने वाले दर्जनों गांवों के लोगों को हर दिन बस समस्या से दो चार होना पड़ता है। लंबे चौड़े...

बसें कम, विद्यार्थियों को आने-जाने में दिक्कत
गुमथला-यमुनानगर मार्ग पर लगने वाले दर्जनों गांवों के लोगों को हर दिन बस समस्या से दो चार होना पड़ता है। लंबे चौड़े इस क्षेत्र में केवल 4 बसें ही विभाग की ओर से लगाई गईं हैं, जो कि गांवों की आबादी व यात्रियों की संख्या को देखते हुए नाकाफी हैं। लोगों को मजबूरन निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। जिनके पास निजी वाहन नहीं है ऐसे लोग अॉटो चालकों व अन्य वाहन चालकों की मनमानी का शिकार होते हैं। सबसे अधिक परेशानी छात्राओं को हो रही है।

ये गांव लगते है इस रूट पर : इस रूट पर गढ़ीबीरबल, गुमथला, कंडरौली, मंधार, संधाला, संधाली, लालछप्पर, मॉडल टाउन, बरहेड़ी, जठलाना, खजूरी, उन्हेडी, मारूपुर, नाहरपुर, टोडरपुर व शादीपुर के अलावा भी काफी संख्या में ऐसे गांव है, जिनसे प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में छात्र व अन्य लोग इस मार्ग से यमुनानगर जाते है। यहां पर प्राइवेट बसों की सुविधा नहीं है।

लड़कियों के लिए समस्या अधिक समस्या : शिक्षा प्राप्त करने लिए यमुनानगर जाने वाले छात्र तो किसी तरह अपने गंतव्यों तक पहुंच जाते हैं। लेकिन छात्राओं के लिए अपने गंतव्यों तक पहुंचना पहाड़ी की चढ़ाई करने जैसा है। साधनों का अभाव होने के कारण कई छात्राओं का उच्च शिक्षा पाना केवल सपना ही बन चुका है।

अपने कदमों पर खड़े हो कुछ कर गुजरने का सपना लगा टूटने : क्षेत्र के छात्र व छात्राएं पूजा, रीना, कोमल, सपना, स्नेह, राजीव, शैंकी, अमरजीत, सुरेंद्र व प्रवीन आदि ने बताया कि वह अच्छी शिक्षा प्राप्त कर क्षेत्र व अपने माता-पिता का नाम रोशन करना चाहते है। उनकी भी दिली तमन्ना है कि वह भी अपने कदमों पर खड़े हो अपने परिवार का सहारा बने। लेकिन प्रतिदिन उनके समक्ष खड़ी होने वाली बसों की समस्या के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

हलका विधायक ने कुछ इस तरह रखा अपना तर्क


X
बसें कम, विद्यार्थियों को आने-जाने में दिक्कत
Astrology

Recommended

Click to listen..