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गांव चबूतरों में पंचायती जमीन से कब्जे हटाने के आदेश फांक रहे धूल

गांव चबूतरों में पंचायती जमीन पर हुए अवैध कब्जे हटाने के आदेश धूल फांक रहे हैं। एक साल पहले जिला विकास एंव पंचायत...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 03:15 AM IST
गांव चबूतरों में पंचायती जमीन पर हुए अवैध कब्जे हटाने के आदेश धूल फांक रहे हैं। एक साल पहले जिला विकास एंव पंचायत अधिकारी ने गांव से कब्जे हटाने के आदेश दिए थे। दो महीने पहले ही बिलासपुर के तहसीलदार को भी इस सिलसिले में कार्रवाई करने की बात कही गई थी। अभी तक कब्जे छुड़वाने को लेकर कोई प्रयास नहीं हुआ। चबूतरों गांव में पंचायत की कई एकड़ जमीन पर कब्जे को लेकर लंबे समय से कई मामले अधिकारियों की अदालतों में चल रहे थे। इस पर डीडीपीओ गगनदीप सिंह की कोर्ट ने तीन जनवरी 2017 को अपने फैसले में पंचायती जमीन पर अवैध कब्जों को पूरी तरह गैरकानूनी ठहराया था। तब नवंबर 2017 में तहसीलदार बिलासपुर को जमीन खाली कराने के आदेश भी दिया। लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

इस मामले को लेकर ग्राम पंचायत भी पैरवी कर रही है लेकिन गांव के ही युवा नवीन कुमार ने 11 दिसंबर को 2017 को डीसी को शिकायत देकर बताया कि पंचायती जमीन पर दशकों से कई लोग काबिज हैं। इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है, केवल कागजों के माध्यम से लोगों को गुमराह किया जा रहा है। नवीन कुमार ने बताया कि गांव चबूतरों में शामलात देह की करीब 108 एकड़ भूमि है जिसमें लगभग 60 एकड़ कृषि योग्य जमीन है। इस जमीन पर दश्कों से लोगों ने कब्जा किया हुआ है। जिससे पंचायत को हर वर्ष लाखों रुपयों का नुकसान हो रहा है। पंचायत यदि इस जमीन की बोली करवाए तो हर वर्ष लाखों की आमदनी पंचायत को हो सकती है।

अनदेखी

डीडीपीओ की अदालत कब्जों को गैरकानूनी घोषित कर चुकी

डीडीपीओ ने एक वर्ष पूर्व दिए थे आदेश, पंचायत को हर वर्ष का हो रहा है लाखों रुपए का नुकसान

तहसीलदार को करनी है कार्रवाई


सीएम विंडो पर भी दी थी शिकायत

नवीन ने इस मामले की शिकायत उसने सीएम विंडो पर भी की थी, जिसको अधिकारियों ने गोलमोल कर दिया। उनका कहना है कि पंचायत की जमीन से कब्जा जानबूझकर नहीं हटाया जा रहा है। पंचायत भी इसे लटका रही है जबकि डीडीपीओ ने इस मामले अवैध कब्जा हटवाने के निर्देश दिए हुए हैं। इस फैसले को अमल में नहीं लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 4 हजार रुपए प्रति एकड़ के दर से कब्जा धारियों पर पेनल्टी लगाई गई है। उसकी भी अभी तक वसूली नहीं हो पाई है।

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