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ब्रह्मज्ञान से मानव अपने घट में ही ईश्वर के दर्शन कर सकता है: साध्वी कालिंदी

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से राजकीय आदर्श सीसे स्कूल में आयोजित श्रीकृष्ण कथा ज्ञान सप्ताह में पहले दिन...

Danik Bhaskar | Jun 05, 2018, 02:05 AM IST
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से राजकीय आदर्श सीसे स्कूल में आयोजित श्रीकृष्ण कथा ज्ञान सप्ताह में पहले दिन भगवान की दिव्य लीलाओं का वर्णन किया गया। विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से कथावाचक ने लीलाओं के भीतर छिपेे आध्यात्मिक रहस्य भजन संकीर्तन के माध्यम से उजागर किए।

साध्वी सुश्री कालिंदी भारती ने कहा कि आज के समाज में व्याप्त सामाजिक बुराइयों का मूल मानव मन ही है।

मानव मन को वश में करने की प्रक्रिया केवल ब्रह्मज्ञान ही है। वर्तमान दौर में कन्या भ्रूण हत्या सामाजिक जीवन के लिए एक बड़ी व्याधि बन कर गई है। साध्वी ने कहा कि जिस प्रकार अंधकार को दूर करने के लिए प्रकाश की जरुरत होती है, उसी प्रकार समाज में फैले इस अंधकार को दूर करने के हमें स्वयं को प्रकाशमान करना होगा। नारी तो स्वयं संवेदना की प्रतिमूर्ति होती है। जिसमें संवेदना नहीं वह नारी नहीं। अपितु पशु है। पशु नारी कभी समाज के उत्थान में योगदान नहीं दे सकती। ब्रह्मज्ञान का भाव वह ज्ञान है जिसके द्वारा मानव अपने घट में ही ईश्वर के दर्शन करता है। यह ज्ञान पूर्ण गुरु की कृपा से ही संभव है।

बिलासपुर | छछरौली के राजकीय विद्यालय में चल रही श्रीकृष्ण कथा में प्रवचन करतीं साध्वी कालिंदी। (दाएं) प्रवचन सुनते श्रद्धालु।