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हारे थके मन से कोई युवा नहीं होता, यौवन तो वह है जो महावेग से समस्याओं के गिरि शिखरों को काट डाले

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से राजकीय आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चल रही सात दिवसीय श्री कृष्ण कथा के...

Danik Bhaskar | Jun 10, 2018, 02:10 AM IST
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से राजकीय आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चल रही सात दिवसीय श्री कृष्ण कथा के सातवें दिन आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी कालिंदी भारती ने भगवान श्रीकृष्ण व रूकमणी विवाह का संगीतमय व्याखान किया। उन्होंने कहा कि आत्मा रूपी रूकमणी का का परमात्मा रूपी श्रीकृष्ण से मिलन एक पूर्ण गुरु की अनुकंपा से ही संभव है। साध्वी ने कहा कि जब भी एक जीव परमात्मा की खोज में निकलता है तो वो सीधे परमात्मा को नहींं पा सकता। गुरु ही है जो जीव और परमात्मा के मध्य सेतु का कार्य करते हैं। सतगुरु से संबंध हुए बिना ज्ञान नहीं हो सकता। गुरु इस संसार सागर से पार उतारने वाले हैं। उनका दिया हुआ ज्ञान नौका के सामान है। जो मानव को भवसागर से पार उतारने में मददगार होता है। शिष्या साध्वी कालिंदी भारती ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से अवगत कराया। साध्वी ने बताया कि हारे थके मन से कोई युवा नही होता, यौवन तो वह है जो महावेग से समस्याओं के गिरि शिखरों को काट डाले। विषमताओं के महा वट को उखाड़ दे। जब भी देश पर संकट के बादल छाए तब-तब युवा शौर्य ने ही प्रचंड प्रबंधन बन कर निदान किया है। साध्वी ने कहा कि प्रत्येक समस्या मन के स्तर पर जन्म लेती है और इसका समाधान भी मन के स्तर पर ही होना चाहिए। इस मन को काबू में करने के लिए ब्रह्मज्ञान की नितांत आवश्यकता है। कार्यक्रम में विस स्पीकर चौधरी कंवरपाल, चेयरमैन मंगत राम, मुनीष गर्ग व कैलाश शर्मा उपस्थित रहे।

बिलासपुर। श्रीकृष्ण कथा का शुभारंभ कराते स्पीकर कंवरपाल व अन्य।