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क्षतिग्रस्त रिंग बांध से बढ़ी लोगों की मुश्किल

हैबतपुर- खेड़ा गांव का रिंग बांध क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को बाढ़ का खतरा सताने लगा है। बाढ़ग्रस्त एरिया...

Danik Bhaskar | May 04, 2018, 02:15 AM IST
हैबतपुर- खेड़ा गांव का रिंग बांध क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को बाढ़ का खतरा सताने लगा है। बाढ़ग्रस्त एरिया होने के कारण चतंग नदी व खेतों का बरसाती पानी गांव में घुस जाता है। जिसके लिए ड्रेनेज विभाग की ओर से गांव के चारों ओर रिंग बांध बनाया गया है। रखरखाव के अभाव में यह कई जगह से टूट चुका है। लोगों को डर है कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत न की गई तो बरसाती सीजन में ग्रामीणों को भारी मुसीबत होना तय है।

चतंग नदी के किनारे टापू सरीके हैबतपुर-खेड़ा गांव के चारों ओर रिंग बांध बना हुआ है। हर साल यहां बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है। गांव के रणधीर सिंह, पवन राणा, मनोज कुमार, नरेश कुमार, श्याम राणा, महीपाल व राजकुमार ने बताया कि गांव की पटरी हर साल टूट रही है। खेतों का बरसाती पानी गांव में घुसने का भय बना हुआ है। उन्होंने बताया कि इसे मरम्मत के लिए वे ड्रेनेज विभाग व पंचायत विभाग के चक्कर काट कर थक चुके हैं। ड्रेनेज विभाग का तर्क है कि अब तो काफी दिनों से नदी में बाढ़ नहीं आई तो अब मरम्मत पर पैसा क्यों खर्च किया जाए। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बाहर आने जाने का यह ही मुख्य रास्ता है।

रिटेनिंग वाल बने तो बने बात

गांववासियों का कहना है कि रिंग बांध पुराना हो चुका है। पटरी की चौड़ाई कम है। फिरनी की चौड़ाई 22 फीट है। मांग है कि खेतों की तरफ रिटेनिंग वाल बनाकर इसकी चौड़ाई बढ़ाई जाए।

पंचायत के पास पैसे नहीं: नाथीराम

गांव के सरपंच नाथी राम का कहना है कि गांव में विकास कार्य करवाने के लिए पूरी तरह से प्रशासन व सरकार पर निर्भर है। पंचायत में आमदनी का कोई साधन नहीं है। इसलिए फिरनी या पटरी की मरम्मत सरकार को ही करवानी पड़ेगी। मौजूदा पटरी से गुजरना जोखिमपूर्ण बना हुआ है। वाहन पलटने का खतरा बना रहता है। उनका कहना है कि बरसात के दिनों में काफी दिक्कत होती है।