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अनुसूचित जाति के छात्रों के अिभभावकों को खुद के पैसे से खरीदनी होगी साइकिल

दो साल से फ्री साइकिल की इंतजार कर रहे एससी छात्र-छात्राओं को एक बार फिर से विभाग ने अपने पैसे से साइकिल खरीदने की...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 13, 2018, 03:10 AM IST

दो साल से फ्री साइकिल की इंतजार कर रहे एससी छात्र-छात्राओं को एक बार फिर से विभाग ने अपने पैसे से साइकिल खरीदने की पेशकश की है। बाद में विभाग द्वारा तय की गई कीमत रसीद की वेरीफिकेशन के बाद दी जाएगी। निदेशक मौलिक शिक्षा हरियाणा की ओर से पत्र भेज कर स्कूल मुखियाओं को बच्चों को साइकिल खरीदने के निर्देश देने को कहा गया है। सरकारी स्कूलों में दो किलोमीटर दूर से शिक्षा ग्रहण करने आने वाले कक्षा छठी, नौंवी व ग्यारहवीं के स्टूडेंट्स को सरकार की ओर से नि:शुल्क साइकिलें दी जाती है। बशर्तें कि उस गांव में उस स्तर का मिडिल, हाई या सीसे स्कूल न हो। पहले साइकिलें सरकार की ओर से खरीद कर स्कूलों में भेज कर बच्चों में वितरित की जाती थी। लेकिन इस बार फिर शिक्षा विभाग ने नियमों में परिवर्तन करते हुए अभिभावकों को अपने पैसे से साइकिल खरीद कर रसीद स्कूल मुखिया के पास जमा कराने के निर्देश जारी किए है। पिछले साल इस नियम के तहत किसी भी अभिभावक ने साइकिल खरीद कर क्लेम नहीं किया था। जिसके चलते मौजूदा सत्र में मेरी पसंद की साइकिल योजना शुरू की गई। लेकिन यह योजना भी कामयाब नहीं हो पाई। अब फिर से विभाग ने स्कूल मुखिया को हिदायत दी है कि वे नियमानुसार जिन बच्चों को साइकिलें मिलनी है उनके अभिभावकों को अपने स्तर पर साइकिल खरीदने के लिए आदेश जारी करें। स्कूल मुखिया खरीदी गई साइकिल की रसीद की वेरीफिकेशन कर इसकी सूचना संबंधित बीईओ व डीईओ को देनी होगी।

फेल स्कीम फिर से लागू कर दी: सरीन

हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप सरीन का कहना है कि विभाग व सरकार फेल स्कीमों को फिर से अजमा रहा है। ऐसे ही आदेश विभाग की ओर से दो साल पहले भी जारी किए गए थे। लेकिन किसी भी अभिभावक ने अपने बच्चों को साइकिल खरीद कर नहीं दी थी। मौजूदा शैक्षिक सत्र में साइकिल मेले की वजह से अभी तक किसी भी बच्चे को साइकिल नहीं मिल पाई हैं। उनका कहना है कि सरकार का तय रेट मार्केट रेट से काफी कम है। इतने पैसे में साइकिल नहीं आती। उनका कहना है कि पहले वाली स्कीम सही थी। कम से कम बच्चों को साइकिल तो मिल जाती थी। उन्होंने फिर से पुराने सिस्टम से साइकिलें देने की मांग की है।

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Web Title: अनुसूचित जाति के छात्रों के अिभभावकों को खुद के पैसे से खरीदनी होगी साइकिल
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