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शुगर मिल हुआ बंद, अब क्रशर में 250 रुपए में डालना पड़ रहा बचा हुआ गन्ना, किसानों की पेमेंट भी फंसी, पड़ रही दोहरी मार

सरस्वती शुगर मिल रविवार की सुबह बंद हो गया। अब किसानों से कोई गन्ना नहीं खरीदा जाएगा। जिससे उन किसानों की चिंता बढ़...

Bhaskar News Network| Last Modified - May 30, 2018, 04:10 AM IST

शुगर मिल हुआ बंद, अब क्रशर में 250 रुपए में डालना पड़ रहा बचा हुआ गन्ना, किसानों की पेमेंट भी फंसी, पड़ रही दोहरी मार
शुगर मिल हुआ बंद, अब क्रशर में 250 रुपए में डालना पड़ रहा बचा हुआ गन्ना, किसानों की पेमेंट भी फंसी, पड़ रही दोहरी मार
सरस्वती शुगर मिल रविवार की सुबह बंद हो गया। अब किसानों से कोई गन्ना नहीं खरीदा जाएगा। जिससे उन किसानों की चिंता बढ़ गई है, जिनके पास गन्ने की फसल खड़ी है। शुगर मिल ने पहले ही किसानों की पेमेंट रोक रखी है।

अब गन्ना भी खेतों में बचा रहने से दोहरी मार किसानों पर पड़ रही है। गन्ना क्रशर भी इस मौके का फायदा उठा रहे हैं। वह भी किसानों का गन्ना औने पौने दामों पर ले रहे हैं। मजबूरी में किसान इस गन्ने को क्रशर में डालने को मजबूर हैं। इस बार गन्ने की रिकॉर्ड पैदावार हुई है। करीब दो लाख क्विंटल गन्ने की पैदावार इस बार हुई। मिल भी इस साल 26 दिन अधिक तक चला। शुगर मिल ने डेढ़ लाख क्विंटल पेराई का लक्ष्य रखा था, लेकिन पैदावार को देखते हुए पेराई करीब 180 क्विंटल गन्ने की हुई। बावजूद इसके कुछ किसानों के खेतों में गन्ना खड़ा रह गया। किसान इसमें मिल प्रशासन की लापरवाही बता रहे हैं। किसानों का कहना है कि शुगर मिल को पहले ही पता था कि इस बार गन्ने की पैदावार अच्छी है। आरोप है कि लेकिन शुगर मिल ने समय पर पर्चियां नहीं दीं। जिसकी वजह से किसानों को दिक्कत झेलनी पड़ी। एक-एक सप्ताह बाद पर्ची मिली। जिसकी वजह से गन्ने की फसल की छिलाई नहीं हो सकी।

सरस्वती शुगर मिल बंद होने के कारण किसान के खेत में खड़ी गन्ने की फसल।

इस बार गन्ने का रकबा अधिक था। इसलिए ही मिल लेट तक चली। हर बार कुछ किसानों का गन्ना रह जाता है। यह अधिक नहीं है। इस पर शुगर मिल नहीं चलाई जा सकती। इससे शुगर मिल को नुकसान होगा। खेतों में जो गन्ना खड़ा है, वह बुआई के लिए हो सकता है। नेत्रपाल, गन्ना अधिकारी यमुनानगर।

शुगर मिल बंद होने के कारण गन्ने की करीब तीन ट्रॉलियां मिल में गिरे बिना रह गईं हैं। अबकी बार मेरे पास 12 एकड़ गन्ने की फसल थी। फरवरी माह में गन्ने की पर्चियां ठीक मिल रहीं थीं। बाद में पर्चियों की समस्या बनी। जिस कारण इस बार गन्ने की बिजाई का क्षेत्र बढ़ाया था। इस बार 20 एकड़ भूमि में गन्ने की बिजाई कर दी है। मुझे नहीं पता था कि मिल प्रशासन पूरा गन्ना लिए बिना ही मिल को बंद कर देगा। प्रमोद मेहता

गन्ने की दो ट्रॉलियां रह गईं हैं। मिल पहले ही बंद हो गया है। 60 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से गन्ने की छिलाई करवा रहा था। अब इस गन्ने को क्रशर पर गिराना पड़ेगा। बिलासपुर गया था क्रशर में गन्ने का रेट पूछने, क्रशर मालिक 250 रुपए क्विंटल के हिसाब से गन्ना लेने की बात कह रहा है। अब मजबूरी में इसी भाव गन्ना क्रशर में डालना पड़ेगा। - वेदप्रकाश मेहता

मिल बंद हो गया है और करीब 4 कनाल भूमि में अभी गन्ने की फसल खड़ी है। पर्ची को लेकर शुरू से ही मिल प्रशासन ने परेशान किया है। अब इस आधे एकड़ में खड़ी गन्ने की फसल को कहां लेकर जाऊं, अब इस गन्ने को क्रशर में ही डालना पड़ेगा। अभिषेक

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