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हाईकोर्ट में लड़कर बच्चे अपने स्कूल के लिए लाए थे सुविधाएं, अब उसी तर्ज पर बालू के ग्रामीण पीएचसी के लिए ले आए डॉक्टर व नर्स

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 03:15 AM IST

गांव बालू के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टर व स्टाफ नर्स सहित 5 कर्मचारी नियुक्त कर दिए...
गांव बालू के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टर व स्टाफ नर्स सहित 5 कर्मचारी नियुक्त कर दिए हैं। ग्रामीणों को हाईकोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद अस्पताल में स्टाफ भेजा गया। शुरुआत 4 माह पहले इसी गांव के 7 विद्यार्थियों ने की थी। जो स्कूल में सुविधाओं के अभाव में हाईकोर्ट गए थे।

हाईकोर्ट की फटकार के बाद विभाग ने स्कूल के लिए 20 लाख का फंड जारी किया था। बच्चों को कानूनी लड़ाई में जीत मिली तो गांव वालों का हौसला बढ़ा व महिलाओं सहित 13 ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। आरोप था कि गांव में पीएचसी तो है लेकिन डॉक्टर व स्टाफ सदस्य नहीं हैं। भवन भी जर्जर है। सिरदर्द की दवाई लेने भी कलायत जाना पड़ता है। याचिका पर 24 जनवरी सुनवाई कर हुए हाईकोर्ट ने 8 फरवरी तक केंद्र व राज्य सरकार सहित स्वास्थ्य विभाग से जवाब मांगा था। जवाब दायर करने से पहले विभाग ने बालू पीएचसी में स्टाफ नियुक्त कर दिया। स्वास्थ्य विभाग को 8 फरवरी हाईकोर्ट में जवाब देना है। इसलिए सिर्फ 14 दिन के लिए डॉक्टर लगाया है। विभाग का तर्क है कि कलायत सीएचसी से डॉ. कुलदीप की बालू पीएचसी में ड्यूटी लगाई है। कलायत में स्टाफ की कमी है। यहां से डॉ. का स्थाई तौर पर ट्रांसफर हो गया तो वहां परेशानी होगी। निदेशालय से मांग की जाएगी कि बालू या कलायत के लिए एक और डॉक्टर दिया जाए। सीएमओ कैथल डॉ. अशोक चौधरी ने कहा कि बालू पीएचसी में डॉक्टर, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन व फोर्थ क्लास कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। कलायत में डॉक्टरों की कमी हैं इसलिए पीएचसी में 14 दिन के लिए ही डॉक्टर लगाया है। तब तक दूसरा विकल्प तलाशा जाएगा।

चार महीने पहले 7 विद्यार्थी गए थे कोर्ट, फटकार के बाद जारी हुआ था 20 लाख का फंड

फिलहाल 14 दिन के िलए लगाया डॉक्टर

हक के लिए हाईकोर्ट जाने की शुरुआत बालू के विद्यार्थियों ने की थी। अक्टूबर में राजकीय स्कूल के छात्र अंकुश, अमन, मनजीत, सौरभ, अभिषेक, संजीत व मोहित ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें कहा था कि स्कूल का भवन जर्जर है, पीने के पानी और शौचालय की सुविधा नहीं है। शिक्षकों की भी कमी है। हाईकोर्ट की फटकार के बाद शिक्षा विभाग ने बालू के स्कूल के लिए 20 लाख रुपए की राशि जारी की थी। अब यहां कमरों का निर्माण चल रहा है।

अब ये है पदों का ब्योरा

पद स्वीकृत भरे पद खाली

मेडिकल ऑफिसर 02 01 01

डेंटल सर्जन 01 00 01

फार्मासिस्ट 01 01 00

स्टाफ नर्स 02 01 01

एलटी 01 00 01

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Web Title: हाईकोर्ट में लड़कर बच्चे अपने स्कूल के लिए लाए थे सुविधाएं, अब उसी तर्ज पर बालू के ग्रामीण पीएचसी के लिए ले आए डॉक्टर व नर्स
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