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नहर में पानी पीने गई लड़की डूबी, नहाने गए 3 दोस्तों में से एक बहा, 1 माह में 4 मौत; नहर पर न गश्त न तार लगाए

बादली से निकलने वाली एनसीआर नहर में नहाने गए लोगों के डूबने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले एक महीने...

Danik Bhaskar | Apr 12, 2018, 02:05 AM IST
बादली से निकलने वाली एनसीआर नहर में नहाने गए लोगों के डूबने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले एक महीने में ही यहां 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक प्रवासी मजदूर भी शामिल है।

एनसीआर नहर में ऐसा ही एक हादसा बुधवार को एक बार फिर हुआ है, जिसमें बादली-बहादुरगढ़ रोड पर केएमपी हाईवे के पास गांव माजरी निवासी एक 13 वर्षीय लड़की की नहर में डूबने से मौत हो गई। उसके मात्र आधे घंटे के बाद ही मुंडका निवासी होटल मैनेजमेंट के एक छात्र की नहर में डूबने से मौत हो गई। इस घटना से नहर किनारे सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां न तो गश्त की जा रही है और न ही कंटीले तार लगाए जा रहे हैं। यहां नहाने की मनाही के चेतावनी बोर्ड भी उखाड़े जा चुके हैं।

सदर थाना बहादुरगढ़ के एसएचओ जसबीर सिंह ने कहा कि वे मामले में पूर्व में भी प्रयास कर चुके हैं। बादली प्रशासन को 15 मार्च को बादली उपमंडल के एसडीएम त्रिलोकचंद से बुपनियां रोड, बहादुरगढ़ रोड, झज्जर रोड, दरियापुर, लगरपुर, मुण्डाखेड़ा पंप हाउस सहित कई अन्य प्वाइंटों पर कंटीले तार लगवाने की मांग की थी। पूर्व में पुलिस ने चेतावनी बोर्ड भी नहर पर लगवाए थे, जो लोग उखाड़कर ले गए। उन्हें दोबारा लगवाने की प्रशासन को अपील की जाएगी।

बादली. छात्रा करीना के शव को नहर से निकाल कर ले जाते परिजन।

पिता काट रहा था फसल, बेटी डूबी

बहादुरगढ़ सदर थाना एसएचओ जसवीर सिंह ने बताया कि बुधवार को दोपहर बाद करीब 2:30 बजे गांव माजरी निवासी करीना पुत्री सुरेश एनसीआर नहर में बह गई। करीना के परिजन नहर के पास गेहूं की कटाई का काम कर रहे थे। उसी दौरान करीना को प्यास लगी और वह नहर पर पानी पीने के लिए चली गई। सीढ़ियों पर फिसलन होने के कारण करीना अचानक नहर में डूब गई। पिता, किसान और अन्य लोग बचाने दौड़े, लेकिन बचा नहीं सके। लड़की के परिजनों व पुलिस के जवानों के लगभग डेढ़ घंटे के प्रयासों के उपरांत लड़की करीना का शव बरामद किया जा सका।

कंटीले तारों के लिए लिखा पत्र

दिल्ली के होटल मैनेजमेंट के तीन छात्र चौकी से 50 मीटर दूर नहर में नहाने उतरे, एक डूबा

पुलिस के जवान लड़की के शव को खोजकर बाहर निकाल कर कानूनी कार्रवाई में व्यस्त थे कि 4 बजे एक अन्य कॉल मिली कि झज्जर-बादली मार्ग पर पुलिस चौकी के पास से गुजरने वाली एनसीआर नहर में एक छात्र डूब गया। दिल्ली के मुंडका निवासी छात्र दीपक, मंजीत और दिवाकर नहाने को उतरे थे, जिनमें से दीपक नहर में डूब गया। पुलिस करीना के शव को बादली पीएचसी में छोड़कर तुरंत मौके पर पहुंची। नहर में दीपक के शव की तलाश शुरू की गई। पुलिस के जवानों द्वारा लगभग 1 घंटे की खोजबीन के बाद दीपक के शव को नहर से बाहर निकाला जा सका। घटना में दीपक के दो अन्य साथी मंजीत और दिवाकर बच गए। मंजीत बादली का निवासी है। मंजीत के परिजन काफी समय से दिल्ली में रहते हैं। मंजीत के अन्य परिजन बादली में रहते हैं। दीपक, मंजीत व दिवाकर कापसहेड़ा में होटल मैनेजमेंट का कोर्स करते हैं। वे तीनों आए और नहर में नहाने का मन बनाया। जहां यह हादसा हो गया। डूबने के बाद दो छात्र बच गए। वे दौड़कर 50 मीटर दूर चौकी में गए और जानकारी दी। दोनों घटनाओं के दौरान एसडीएम त्रिलोकचंद, नायब तहसीलदार अजय, बादली चौकी प्रभारी श्रीभगवान मौके पर मौजूद थे।


छात्र दीपक का फाइल फोटो।

इनकी जा चुकी जान

13 मार्च को एनसीआर नहर में नहाने उतरे प्रवासी मजदूर अमित की डूबने से मौत हुई।

4 अप्रैल को नहर में खंडेवला, गुरुग्राम निवासी तीन दोस्त नहाने उतरे, इसमें से एक रोहित की मौत हो गई। दो को युवाओं ने बचा लिया था।

11 अप्रैल को अब एक लड़का और लड़की नहर में डूब गए।

बहादुरगढ़ के युवक ने गंगा में डूब रहे तीन लोगों की जान बचाई

झज्जर. तीन लोगों की जान बचाने वाले वालंिटयर।

झज्जर | बहादुरगढ़ में रहने वाले युवक ने ऋषिकेष गंगा में डूबे रहे तीन लोगों की जान बचाकर उन्हें नया जीवन दिया है। इसमें दो महिलाएं और एक व्यक्ति शामिल है। जान बचाने वाला यह युवक प्राकृतिक आपदा में देशभर में मेडिकल कैंप लगाने वाली झज्जर की एनजीओ सिक्स सिगमा हेल्थ केयर से जुड़ा है। इसकी मानवता और बहादुरी पर एनजीओ उसे सम्मानित करेगी। बहादुरगढ़ के सिद्धिपुर लोवा गांव निवासी 25 वर्षीय हरीश अपने साथियों के साथ राफ्टिंग करने ऋषिकेष से आगे शिवपुरी गया था। जहां 7 अप्रैल की शाम साढ़े चार बजे हरीश अपने साथियों के साथ कैंप में बैठा था, तभी अचानक बचाओ-बचाओ की आवाज आई। कैंप में बैठे हरीश ने आवाज सुनी और कैंप से उठकर बाहर आया तो तीन लोग गंगा में नीचे की ओर डूबे चले जा रहे थे, तभी अपनी जान की परवाह न करते हुए हरीश बिना सेफ्टी जैकेट के ही सीधा गंगा में कूद गया और डूब रहे तीनाें लोगों को एक-एक कर बचा लिया। जिस समय यह घटना घटी उस समय मौके पर उसकी सिक्स सिग्मा टीम के मेंबर भीम बहादुर, डेब्जित, उज्ज्वल कौशिक, करण, मयंक, सत्यव्रत, सुभम, पलक, तनिशा मौजूद थे। इन्होंने ने भी हरीश के साथ उन लोगों को बचाने में मदद की। गंगा से सकुशल वापस आने वाले दिल्ली निवासी सुनीता, अरविंद और कनक ने हरीश को नई जिंदगी देने वाला बताकर उसका दिन से आभार जताया।