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पाहसौर में तालाब सूखे, पशुपालक परेशान

पाहसौर गांव के कम्युनिटी सेंटर के पास जोहड़ और एक अन्य बलदेव वाला तालाब काफी समय से लगभग सूख चुका है। इसको लेकर...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 17, 2018, 02:15 AM IST

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    पाहसौर गांव के कम्युनिटी सेंटर के पास जोहड़ और एक अन्य बलदेव वाला तालाब काफी समय से लगभग सूख चुका है। इसको लेकर गांव के पशु पालक परेशान हैं। ग्रामीणों और पशुपालकों ने गांव के जोहड़ को पानी से भरने के लिए प्रशासन से मांग की है।

    सरपंच सतेन्द्र प्रधान का कहना है कि मंत्री के सम्मुख बार-बार गुहार लगाने के बाद गांव का नावट वाला जोहड़ भरा गया। उसके उपरांत वे स्वयं भी विभाग के अधिकारियों से गुहार लगा चुकें हैं। अधिकारियों का कहना है नहर में पानी छोड़ना अब संभव नहीं। उनके अनुसार उन्होंने तीन सौ क्यूसिक पानी की मांग बड़े अधिकारियों से की है, जबकि उन्हें 150 क्यूसिक पानी ही मिल पाता है। सरपंच के अनुसार पिछलें छह माह से नहर में पानी नहीं आ रहा है आता है तो इतना कम की वह जोहड़ के लिए दबाएं गए पाईपों तक नहीं पहुंच पाता। अधिकारी भी पानी देने में असमर्थता जता रहें रहें हैं। ग्रामीण मदन शर्मा, नरेन्द्र सिंह, राजेन्द्र, विनोद, धर्मपाल, हवासिंह, विनोद, बलराज कुलदीप शर्मा व अन्य का कहना है कि नहर में छ: माह से पानी न आने के कारण जोहड़ खाली है।

    सासरौली गांव में भी पानी की दिक्कत

    साल्हावास. िबना पानी के सूखा सासरौली गांव का जाेहड़।

    जोहड़ों में पानी भरने वाली पाइप लाइन खराब

    गर्मी का मौसम है जोहड़ों में पानी नहीं है। पशु पालक परेशान हैं। गर्मी में प्रर्याप्त पानी पशुओं को नहाने के लिए न मिलने से पशु दूध से सूख रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार पहले जोहड़ों में पानी भरने के लिए जो पाइप लाइन थी, वह जर्जर हो गई है। अब एक माह से लाइन दबी है तो नहर में पानी नहीं है। कृषि मंत्री ओपी धनखड़ और बादली हलका विधायक से भी वे गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं है। ग्रामीणों ने क्षेत्र के विधायक और जिला प्रशासन से गुहार लगाई की कि उनकी मांग पर ध्यान देते हुए नहर में पानी का प्रबंध कराएं। ताकि पशुपालकों को परेशानी से निजात मिल सकें। पशुओं को पानी नहीं मिलने से परेशानी हो रही है।

    देखरेख के अभाव में सूख रहे पौधे, अब स्टेशन पर लगे हैं केवल ट्री गार्ड

    साल्हावास |
    मानव जीवन को सुरक्षित रखने के लिए पौधे लगाए जा रहे हैं। ताकि यह वृक्ष बनकर लोगों को छाया दे सकें, लेकिन अब रेलवे स्टेशन पर लगाए गए कुछ पौधे सूख गए हैं। लोगों की शिकायत है कि पौधारोपण के साथ-साथ इनका रख रखाव भी जरूरी है। ताकि इनकी सफलता का ग्राफ बढ़ सकें। स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए वनों का होना अतिआवश्यक है। मनुष्य को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाया चाहिए, जिससे वातावरण को शुद्ध बनाया जा सकता है।

    औषधीय पौधे अधिक लगाने चाहिए

    रेलवे यात्री राजेश कुमार,विकास कुमार, धर्मेंद्र, फते सिंह का कहना है कि हमें औषधीय पौधों को अधिक लगाना चाहिए। इसके लिए लोग आगे आएं। सार्वजनिक जगहों पर पौधे लगाकर उनकी देखभाल की जिम्मेदारी लें। रेलवे स्टेशन झाड़ली पर जेके लक्ष्मी सीमेंट कंपनी की तरफ से पौधे लगाए गए थे, जिनकी संख्या करीब 50 थी, लेकिन अब गर्मी के कारण ये दम तोड़ रहे हैं। इनमें से 8 पौधे तो सूख गए। इनका कहना है कि कंपनी की ओर से पौधे लगाकर दस दिन पौधे में पानी डाला गया था, लेकिन अब यह क्रम बीस दिन से बंद है। इसके कारण अब पौधों की स्थिति खराब है और अब केवल ट्री गार्ड ही नजर आ रहे हैं।

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