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शहर में विकास कार्य 31 मार्च तक नहीं हुए तो 10 करोड़ रुपये हो जाएंगे लैप्स

डी प्लान के तहत सिरसा जिले में कराए जाने वाले विभिन्न विकास कार्यों के लिए जिला प्रशासन के खजाने में 10 करोड़ रुपये...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 18, 2018, 02:10 AM IST

डी प्लान के तहत सिरसा जिले में कराए जाने वाले विभिन्न विकास कार्यों के लिए जिला प्रशासन के खजाने में 10 करोड़ रुपये की धनराशि जमा है। इस धनराशि को आगामी 31 मार्च तक ही विकास कार्यों को कराने में इस्तेमाल में लाए जा सकते हैं अन्यथा उसके बाद यह राशि लैप्स हो जाएगी। हैरत की बात तो यह है कि अभी तक डी प्लान के तहत कराए जाने वाले विकास कार्यों की सूची को भी फाइनल टच नहीं दिया जा सका है। जबकि यह मामला जिले में ग्रीवांस कमेटी की मीटिंग की अध्यक्षता करने वाले राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी से लेकर भाजपा के जिला स्तरीय नेताओं और प्रशासन के अाला अफसरों के संज्ञान में भी है।

हालांकि डी प्लान के तहत जिले के डीसी प्रभजोत सिंह अपने विवेक से जो विकास कार्य हो सकते हैं वो कराने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। लेकिन फिर भी दस करोड़ रुपये अभी और डी प्लान के तहत खर्च किए जाने बाकी हैं। बता दें, जिले के सभी सातों ब्लॉकों सिरसा, बड़ागुढ़ा, रानियां, ऐलनाबाद, ओढ़ां, डबवाली और नाथूसरी चौपटा में डी प्लान के तहत विभिन्न विकास कार्य शहरी और ग्रामीण इलाकों में करवाए जाते हैं। उसमें से 60 प्रतिशत राशि सामान्य वर्ग में जबकि 40 प्रतिशत राशि अनुसूचित वर्ग में विकास कार्य करवाए जाते हैं। लेकिन ये विकास कार्य कराने के लिए जो सूची तैयार की जानी है उसे फाइनल टच नहीं दिया जा सका है क्योंकि उस सूची को लेकर विभिन्न भाजपा नेताओं में वैचारिक मतभेद हैं। डी प्लान के तहत होने वाले कार्यों को कराने में इलाके के चुने हुए जनप्रतिनिधियों की भी रायशुमारी होनी होती है। लेकिन चूंकि सिरसा जिले में पांचों विधानसभा क्षेत्रों में जो विधायक हैं वे इनेलो से संबंधित हैं इसलिए उनकी रायशुमारी को अधिक महत्व नहीं दिया जा रहा है। इस बात की पुष्टि सिरसा के विधायक मक्खन लाल सिंगला स्वयं करते हुए यह स्वीकारते हैं कि वे डी प्लान के तहत विभिन्न विकास कार्यों को कराने के लिए कहते रहते हैं लेकिन कोई विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं।

भाजपाई भी नहीं डी प्लान को लेकर एकमत

जिले के भाजपा नेता भी डी प्लान के तहत कराए जाने वाले विकास कार्यों को लेकर एकमत नहीं हैं। तभी तो अभी तक डी प्लान के तहत कराए जाने वाले विकास कार्यों की सूची तैयार होकर फाइनल नहीं की जा सकी है। बीते माह जब राज्य मंत्री कृ़ष्ण कुमार बेदी सिरसा में ग्रीवांस कमेटी की मीटिंग अटेंड करने सिरसा आए थे तब उनके सामने भी यह मसला रखा गया था। डी प्लान के तहत कराए जाने वाले विकास कार्यों की सूची राज्य मंत्री बेदी को भी दी गई। राज्य मंत्री बेदी उस सूची को अपने साथ यह कह कर ले गए कि वे इस बारे में जल्द निर्णय करेंगे। लेकिन अभी तक उनकी ओर से भी कोई निर्णय नहीं दिया जा सका है।

सीधी बात

भास्कर : डी प्लान के तहत होने वाले विकास कार्यों की सूची अभी तक फाइनल क्यों नहीं हो सकी है ? क्या भाजपा नेताओं में परस्पर वैचारिक मतभेद चल रहा है सूची को लेकर ?

यतिंद्र सिंह : नहीं, वैचारिक मतभेद जैसी कोई बात नहीं है। डी प्लान के तहत होने वाले विकास कार्यों की सूची को लेकर कुछ विवाद होने के आसार हुए तो उसका समाधान राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कराने का आश्वासन दिया था। डी प्लान के तहत जिले के सभी सातों ब्लॉकों में जो विकास कार्य कराए जाने हैं उसकी सूची भी राज्य मंत्री बेदी को दी जा चुकी है। उसकी एक प्रति प्लानिंग ऑफिसर जगदीश दलाल के पास भी दी गई है।

भास्कर : यह ठीक है कि विकास कार्यों की सूची का मामला राज्य मंत्री बेदी के संज्ञान में लाया गया लेकिन फिर भी अभी तक उस सूची को फाइनल टच नहीं किया जा सका है, ऐसा क्यों ?

यतिंद्र सिंह : राज्य मंत्री बेदी 21 जनवरी को सिरसा आएंगे। वे यहां दो दिन रहेंगे और ग्रीवांस कमेटी की मीटिंग भी लेंगे। तब तक डी प्लान के तहत होने वाले विकास कार्यों की सूची भी फाइनल हो जाएगी और उसके बाद विकास कार्य भी होंगे।

भास्कर : डी प्लान के तहत कराए जाने वाले विकास कार्यों की मियाद आगामी 31 मार्च है। उसके बाद तो डी प्लान के तहत आए 10 करोड़ की धनराशि लैप्स भी हो जाएगी। अगर तब तक विकास कार्य नहीं हुए तो क्या करोगे ?

यतिंद्र सिंह : हां, यह तो ठीक है कि 31 मार्च के बाद डी प्लान के तहत आई धनराशि लैप्स हो जाएगी। लेकिन लैप्स होने की नौबत ही नहीं आने दी जाएगी। डी प्लान के तहत विकास कार्य जल्द कराए जाएंगे।

डी प्लान के तहत ये कार्य

डी प्लान के तहत जिले में जो विकास कार्य होते हैं उनमें मुख्य तौर से गलियों का निर्माण, पार्कों का निर्माण, हरिजन चौपाल का निर्माण, धर्मशाला का निर्माण, खालों का निर्माण, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में कोई नया निर्माण करने के अलावा पेयजल सुविधा मुहैया कराना और अनुसूचित जाति की चौपाल का निर्माण करने सहित कुछ अन्य कार्य भी शामिल हैं। लेकिन ऐसे कार्यों की सूची अभी तक तैयार नहीं की जा सकी है।

भाजपा जिलाध्यक्ष यतिंद्र सिंह एडवोकेट से

भाजपाइयों में गुटबाजी

जिले में भाजपा नेताओं में बड़े पैमाने पर गुटबाजी बरकरार है। ज्यादातर भाजपा कार्यकर्ता यहां भाजपा नेता चोपड़ा, गणेशी लाल और सेतिया के गुटों से जुड़े हुए हैं। इसी गुटबाजी के चलते वे एक दूसरे के कामों में अड़चन डालने का हरसंभव प्रयास भी करते रहते हैं। हालांकि भाजपा के पदाधिकारी किसी भी तरह के गुटबाजी होने की बात को इनकार करते रहते हैं लेकिन दबी जुबान से वे यह भी कहने से नहीं टलते कि सभी को मालूम है कि यहां भाजपा के सियासी गलियारे में क्या चलता रहता है। डी प्लान के तहत होने वाले विकास कार्य भी इसी गुटबाजी के चलते रुके हुए हैं।

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