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सीडीएलयू में 10 साल से अटकी 12 हजार विद्यार्थियों की डीएमसी, जांच के दिए आदेश

चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी की परीक्षा व्यवस्था को लेकर नया खुलासा हुआ है। करीब 10 वर्षों के दौरान पासआउट हो चुके...

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2018, 05:10 AM IST
चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी की परीक्षा व्यवस्था को लेकर नया खुलासा हुआ है। करीब 10 वर्षों के दौरान पासआउट हो चुके विद्यार्थियों की 12 हजार से अधिक डीएमसी अभी तक भी सीडीएलयू प्रशासन जारी नहीं कर पाया है। इसका कारण ये है कि जिस एजेंसी को सीडीएलयू ने डीएमसी बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी, उसने समय पर काम नहीं किया। इसकी एवज में सीडीएलयू ने एजेंसी की पेमेंट रोक दी। इसका खामियाजा केवल विद्यार्थियों को ही भुगतना पड़ा। अब वीसी ने इस मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। डिजिटल यूनिवर्सिटी की श्रेणी में कदम रख चुकी सीडीएलयू के वीसी प्रो. विजय कायत अब परीक्षाओं के बाद 40 दिन में परिणाम घोषित करने के दावे कर रहे हैं। लेकिन कड़वी सच्चाई ये भी है कि करीब 10 वर्षों से विद्यार्थियों की 12 हजार से अधिक डीएमसी अभी तक भी अटकी पड़ी है। इस कारण विद्यार्थी चक्कर लगा-लगाकर परेशान हो चुके हैं। वर्ष 2007 से 2017 तक जो विद्यार्थी यहां से पास आउट हो चुके हैं, उनकी डीएमसी अभी तक सीडीएलयू प्रशासन जारी नहीं कर पाया। इनमें ऐसे विद्यार्थी भी शामिल हैं जिन्होंने या तो अंक सुधार की परीक्षा दी है या फिर उनकी किसी विषय में कंपार्टमेंट थी। अब उक्त विद्यार्थी डीएमसी लेने के लिए लगातार सीडीएलयू के चक्कर काट रहे हैं।

ऐसे बिगड़ी व्यवस्था और ये रहे कारण

सीडीएलयू की ओर से डीएमसी बनाने का ठेका निजी एजेंसी को दिया जाता है। लेकिन वर्ष 2007 से 2017 तक जिस एजेंसी को ठेका दिया गया, उसने समय पर काम नहीं किया। जबकि सीडीएलयू की ओर से विद्यार्थियों का पूरा डाटा एजेंसी को भेजा जा चुका है। हालांकि कई बार परीक्षा परिणाम देरी से जारी होने के कारण देरी से डाटा ट्रांसफर होता था। जब एजेंसी ने समय पर डीएमसी नहीं दी तो सीडीएलयू प्रशासन ने एजेंसी को होने वाले भुगतान पर रोक लगा दी। इसके कारण एजेंसी ने भी काम बंद कर दिया। अब न तो एजेंसी सीडीएलयू को वापस डाटा उपलब्ध करवा रही है और ना ही डीएमसी तैयार करके दे रही है।

वीसी प्रो. विजय कायत ने इस बार नई एजेंसी को ठेका जारी करवा दिया। ताकि पुरानी एजेंसी से चल रहे विवाद के कारण नए विद्यार्थी प्रभावित ना हों। हालांकि नई व्यवस्था का असर अगले वर्ष दिखेगा लेकिन पुराने विद्यार्थी अब भी भटक रहे हैं। खास बात ये है कि वीसी ने इस बार प्लान बनाया है कि नये शिक्षा सत्र से सभी पाठ्यक्रमों के प्रथम सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम भी सीडीएलयू प्रशासन स्वयं तैयार करे और डीएमसी भी स्वयं ही प्रकाशित करवाए ताकि एजेंसी का चक्कर ही खत्म हो।

विद्यार्थी और उनके अभिभावक काट रहे हैं चक्कर

सिरसा। सीडीएलयू की परीक्षा शाखा में डीएमसी की मांग को लेकर स्टेट्स रिपोर्ट जानने पहुंचे विद्यार्थी।

डीएमसी ना मिलने से परेशान हो रहे विद्यार्थी



जल्द सुधारेंगे व्यवस्था: वीसी


सिरसा। सीडीएलयू प्रशासन से परेशान विद्यार्थियों के अभिभावक शिकायत पत्र दिखाते हुए।

पीएचडी में इंटरव्यू के बाद पहले दिन 25 दाखिले

सिरसा | चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी में पीएचडी के दाखिला शुरू हो गए हैं। शुक्रवार को विभिन्न विभागों पीएचडी के लिए इंटरव्यू का आयोजन किया गया। पहले दिन 25 विद्यार्थियों ने फीस भी जमा करवाकर दाखिला ले लिया। शुक्रवार को कॉमर्स में दो, फूड साइंस एंड टैक्नोलॉजी में एक, लोक प्रशासन में एक, कंप्यूटर साइंस में एक, फिजिकल एजुकेशन में तीन, एमबीए विभाग में छह, बायोटेक्नोलॉजी में तीन, विधि विभाग में दो और फिजिक्स में छह विद्यार्थियों ने दाखिला लिया।

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