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डरे CP को मधुबन व भौंडसी से बुलाने पड़े 500 पुलिसकर्मी, सुरक्षा बंदोबस्त के बीच चली पद्मावत

विवादित कही जा रही पद्मावत फिल्म गुरुवार को विधिवत रिलीज होने के बाद स्थानीय सिनेमाघरों में चलाई गई।

Dainik Bhaskar

Jan 26, 2018, 08:04 AM IST
CP called five hundred policemen for security

फरीदाबाद. विवादित कही जा रही पद्मावत फिल्म गुरुवार को विधिवत रिलीज होने के बाद स्थानीय सिनेमाघरों में चलाई गई। देशभर में चल रहे विरोध को देखते हुए सीपी अमिताभ सिंह ढिल्लो भी डरे हुए थे। चाक-चौबंद सुरक्षा के लिए उन्हें मधुबन पुलिस एकेडमी से 300 और भौंडसी से 200 पुलिसकर्मी यहां बुलाने पड़े। करीब 700 पुलिसकर्मी जिला पुलिस से तैनात किए गए थे। कार्य दिवस होने के कारण सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या कम दिखाई दी। हालांकि शाम के शो में संख्या थोड़ी ज्यादा थी लेकिन हाउसफुल जैसी स्थिति नहीं बन पाई।

फिल्म देखने के बाद बाहर निकले दर्शकों ने कहा, जिस तरह का विरोध किया जा रहा है, वैसा तो फिल्म में कुछ भी दिखाई नहीं दिया।


रातभर चेकिंग अभियान, सुबह फिर मुस्तैद मिली पुलिस
पद्मावत के अलावा गणतंत्र दिवस के मद्देनजर सीपी ने बुधवार रात को विशेष चेकिंग अभियान चलाया। रात को सभी थाने व चौकियों की पुलिस ऑन रोड थी। नाकों पर सघन चेकिंग की गई। रात को ही मधुबन पुलिस एकेडमी और भौंडसी ट्रेनिंग सेंटर से 500 अतिरिक्त पुलिसकर्मी जिले में बुला लिए गए थे। इन्हें मॉल्स के इर्द-गिर्द और सभी प्रमुख चौक चौराहों पर तैनात कर दिया गया। रात सुबह चार बजे तक पुलिस ने नाकाबंदी कर चेकिंग की। इसके बाद गुरुवार सुबह 7.30 बजे फिर निर्धारित प्वाइंट्स पर चेकिंग शुरू कर दी गई। सभी रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की पेट्रोलिंग रही।

सिनेमाघर के अंदर तैनात किए गए पुलिसकर्मी
सुरक्षा में किसी तरह की कोई चूक न रहे, इसलिए पुलिस कमिश्नर ने सादी वर्दी में चार से छह पुलिसकर्मी हर सिनेमाघर के अंदर तैनात किए हैं। इनमें कुछ स्क्रीन के आगे और कुछ सबसे पिछली सीट पर बैठ रहे। ये पुलिसकर्मी अंदर के माहौल पर नजर रखे हुए हैं। जिससे कोई गलत मंशा से हॉल के अंदर घुसकर गड़बड़ी करने की कोशिश न कर पाए।

राजपूत समाज के लोग नारेबाजी कर लौटे
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेशाध्यक्ष उमेश भाटी के नेतृत्व में करीब 8-10 लोग विरोध जताने के उद्देश्य से सराय ख्वाजा मार्केट से पैदल ही क्राउन इंटीरियर मॉल की तरफ चल पड़े। थाना सरायख्वाजा प्रभारी सोहनपाल खटाना को जैसे ही इस बात की भनक लगी, वे फोर्स लेकर मार्केट के पास पहुंचे और उन्हें घेर लिया। खटाना ने कहा कि धारा 144 लागू है। यदि उसका उल्लंघन करोगे तो गिरफ्तार कर हवालात में डाल दिया जाएगा। इसके बाद सभी नारेबाजी करते हुए वापस लौट गए।


ब्राह्मण समाज ने डीसी के नाम सौंपा ज्ञापन
अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में गुरुवार को ब्राह्मण समाज के लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल डीसी से मिलने पहुंचा। डीसी तो नहीं मिले लेकिन उन्होंने पद्मावत के विरोध में एक ज्ञापन उनके अधीनस्थ अधिकारी को सौंपा। सुरेंद्र ने ज्ञापन में लिखा है कि फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली ने ब्राह्मण समाज को खिलजी को पद्मावती अौर राजा के खिलाफ भड़का कर युद्ध जैसी स्थिति बनाए जाने का वर्णन किया है। जबकि इतिहास में इस तरह का कुछ भी नहीं है। सभा के पदाधिकारियों और प्रतिनिधिमंडल ने भंसाली के खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई किए जाने कि मांग की है।

पद्मावत को देखने के लिए वैसे तो पूरा परिवार ही सिनेमा जाना चाह रहा था लेकिन इसे विवादित बताए जाने और विरोध को देखते हुए मैं अकेले ही इसे देखने पहुंचा। पुलिस की तरफ से सुरक्षा के अच्छे इंतजाम थे। इसलिए दर्शक फिल्म देखने की हिम्मत जुटा पा रहे हैं। मेरी नजर में फिल्म इतिहास की जानकारी परोसने वाली है। राजपूत समाज जिस तरह इसका विरोध कर रहा है, वैसा फिल्म में कुछ नहीं दिखा।
- नवीन कौशिक, दर्शक।

मुझे तो ऐसा लग रहा है कि इसे विवादित बताकर जो विरोध देशभर में उठाया गया है, वह सब संभवत: इस फिल्म को हिट करने का प्रपंच होगा। फिल्म में ऐसे इतिहास को मिर्च मसाला लगाकर दिखाने की कोशिश की है, जो सच है या नहीं, इससे बहुत लोग अनभिज्ञ हैं। पद्मावत फेमिली और यूथ कनेक्ट फिल्म नहीं है। विरोध के कारण बेवजह इसका बहुत ज्यादा प्रचार प्रसार हो गया है। अधिकांश लोग इसी कारण इसे देखने आ रहे हैं।
- रविंद्र कुमार, दर्शक।

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