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अब रेडिएशन से तैयार होगी बिहार का स्पेश लिट्टी, 8 महीने तक नहीं होगी खराब

बिहार के डॉ. रामनाथ प्रसाद प्रदेश सरकार के साथ मिलकर ऐसी लिट्टी तैयार करने वाले हैं, जो आठ माह तक खराब नहीं होगी।

Danik Bhaskar | Feb 15, 2018, 05:05 AM IST

फरीदाबाद. इंटरनेशनल सूरजकुंड मेले में शिरकत करने वाले बिहार के डॉ. रामनाथ प्रसाद प्रदेश सरकार के साथ मिलकर ऐसी लिट्टी तैयार करने वाले हैं, जो आठ माह तक खराब नहीं होगी। इस लिट्टी को फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के गोदाम में स्टॉक किया जाएगा। प्राकृतिक आपदा के समय पीड़ितों को सरकार लिट्टी चोखा खिलाकर फौरी राहत पहुंचाएगी। डॉ. रामनाथ के मुताबिक इस लिट्टी को रेडिएशन के माध्यम से तैयार किया जाएगा।

मेले में दूसरी बार शिरकत करने वाले रामप्रसाद ने बताया कि लिट्टी अब बिहार से निकलकर पूरे देश में फेमस हो गई है। कई विदेशी पर्यटकों ने भी उनके स्टॉल पर आकर लिट्टी चोखे का स्वाद चखा है। वह बताते हैं कि खुद डॉक्टर होने के नाते उन्हें पता है कि कौन से खाद्य पदार्थ व्यक्ति के शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए वह लिट्टी को बनाने में जो खाद्य पदार्थ प्रयोग किए जाते हैं, उन्हें तुरंत तैयार कराते हैं। बिहार सरकार के कई प्रोग्रामों में भी उनके लिट्टी चोखा की मांग होती है।


डॉ. रामनाथ बताते हैं कि बिहार की कोसी नदी में हर साल बाढ़ आती है। इससे बड़ी संख्या में लोग बेघर हो जाते हैं। बाढ़ में सबसे अधिक परेशानी लोगों के सामने खाने की आती है। प्रदेश सरकार भी खाने के रूप में केवल ब्रेड और फल ही उपलब्ध करा पाती है। ऐसे में लिट्टी पीड़ित लोगों के लिए सबसे कारगर उपाय हो सकती है। इसको लेकर उन्होंने बिहार सरकार को पत्र भेजा था। जिसे सरकार ने मंजूर कर लिया है। वह बताते हैं कि फाइव स्टार होटलों में पिज्जा को भी रेडिएशन के माध्यम से तैयार किया जाता है।

इस तरह रेडिएशन ट्रीटमेंट से तैयार होगी लिट्टी
डॉ. रामनाथ ने बताया कि रेडिएशन ट्रीटमेंट के दौरान प्रिजर्वेटिव प्रयोग किए जाएंगे। जिससे लिट्टी को पकाया जाएगा। जो अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप है। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बार्क) और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने रेडिएशन ट्रीटमेंट से लिट्टी बनाने काे कारगर बताया है। जबकि मुख्यमंत्री नीतिश कुमार भी रेडिएशन ट्रीटमेंट से तैयार चार माह पुरानी लिट्टी का स्वाद चख चुके हैं।

युवाओं को भी दे रहे हैं लिट्टी बनाने की ट्रेनिंग
डॉ. रामनाथ के मुताबिक अभी तक बिहार और यूपी के लोग ही लिट्टी बनाने की कला जानते थे। लेकिन अब दूसरे प्रदेश में होने वाले फूड फेस्टिवल में भी उन्हें आमंत्रित किया जाता है। जहां युवा उनसे लिट्टी और मालपुआ बनाने की कला सीखते हैं।