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विधायक बोली- SDO साहब सस्पेंड होने का बड़ा शौक है, एसडीओ का जवाब मैं तैयार हूं सस्पेंड करा दीजिए

एसडीएम और नगर निगम के एसडीओ जैसे ही दस्ता लेकर मौके पर पहुंचे वहां अफरातफरी मच गई।

Dainik Bhaskar

Dec 14, 2017, 08:18 AM IST
Half an hour hot talk between the officers and the legislator

फरीदाबाद. हार्डवेयर चौक पर अवैध रूप से बनीं तीन मल्टीस्टोरी बिल्डिंगों को बुधवार सुबह 10.30 बजे तोड़ने के लिए बड़खल तहसील के एसडीएम और नगर निगम के एसडीओ जैसे ही दस्ता लेकर मौके पर पहुंचे वहां अफरातफरी मच गई। अवैध रूप से बनाने वाले इन बिल्डिंगों के लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध जताने लगे। सरकारी अमले को धमकी देते हुए बोले कि किसी भी कीमत पर बिल्डिंगें नहीं टूटेंगी। ये लोग राजनीतिक पहुंच का भी हवाला देने लगे। जब दस्ता बिल्डिंगों को तोड़ने लगा तो इन्होंने फोन लगाने शुरू कर दिए। थोड़ी ही देर में बड़खल क्षेत्र की विधायक सीमा त्रिखा मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने आते ही सीधा एसडीओ को से कहा कि तुम्हे सस्पेंड होने का बड़ा शौक है। तुम्हें सस्पेंड ही करा देती हूं। विधायक के तेवर देख एसडीओ ओपी मोर भी चुप नहीं रहे।
उन्होंने विधायक को दो-टूक जवाब देते हुए कहा कि मैडम आप मुझे सस्पेंड करा ही दीजिए। मैं भी नौकरी के अंतिम पड़ाव में हूं। इसलिए मुझे कोई चिंता नहीं है। एसडीओ जब दबते नजर नहीं आए तो विधायक ने धमकी भरे लहजे में उनसे कहा कि एसडीएम को यहां बुलाओ और कार्रवाई तुरंत रोकिए। वहां खड़े एसडीएम कार्रवाई को रोकने से स्पष्ट मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मैडम आप मुझे लिखित में आदेश दिखा दो तो मैं कार्रवाई रोक दूंगा। विधायक को जब लगा कि एसडीओ और एसडीएम रुकने वाले नहीं हैं तो उन्होंने झुंझलाते हुए उन्हें तरह-तरह की धमकी दे दी। आखिर में विधायक के कड़े तेवर देख एसडीएम को पीछे हटना पड़ा और कार्रवाई अधूरी छोड़कर वे पूरा अमला लेकर लौट गए। इसके बाद अवैध निर्माणकर्ता व विधायक समर्थकों ने सीमा त्रिखा जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। यह हाई-वोल्टेज ड्रामा करीब आधा घंटा चला।

विधायक ने कहा-मैंने, नहीं पहुंचाई कोई बाधा उधर एसडीएम बोले-विधायक के हस्तक्षेप से रह गई अधूरी कार्रवाई

हम सभी को आमजन ने ही चुना है और इससे ही सरकार बनी है। आमजन की तो सुननी पड़ेगी। मुझे सुबह कुछ लोगों का फोन आया कि गलत हो रहा है। मैं तुरंत मौके पर पहुंची और अधिकारियों को पूरे दस्तावेज दिखाने के लिए कहा। मैं तो सिर्फ इतना चाहती हूं कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में हो। किसी का नुकसान करने से क्या फायदा है। इन लोगों को एक मौका मिलना चाहिए ताकि अपनी बिल्डिंग रेगुलर करा सकें। मैंने काम में कोई बाधा नहीं पहुंचाई।
-सीमा त्रिखा, विधायक, बड़खल विधानसभा क्षेत्र।

मैं तो बस इतना कहूंगा कि मुझे जो कार्रवाई करनी थी उसके लिए गया था, लेकिन विधायक के हस्तक्षेप के कारण तोड़फोड़ की कार्रवाई अधूरी रह गई। इस बारे में मैंने पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दे दी है। अब वे ही तय करेंगे कि आगे क्या करना है। यह कैसा इंसाफ है। गरीब लोगों को ठंड में उजाड़ दो और अमीरों पर मेहरबानी करो। लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकता। मेरी नजर में कार्रवाई एक समान होनी चाहिए। जो मैं कर रहा था।
-रीगन कुमार, एसडीएम बड़खल।

बीजेपी सरकार ईमानदारी व भ्रष्टाचार मुक्त शासन का झूठा दावा करती है। इस सरकार में पिक एंड चूज की नीति है। कांग्रेसी समर्थकों की बिल्डिंग ही तोड़ी जा रही हैं और सत्ताधारियों की बिल्डिंग को बचाने नेता आ जाते हैं। इसके कई उदाहरण हमारे पास हैं। जो सरकार के खिलाफ थोड़ा बोलने लगते हैं, बस उन्हीं को ही निशाना बनाया जाता है। यह गलत बात है। इस मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा।
-ललित नागर, कांग्रेसी विधायक, तिगांव विधानसभा क्षेत्र।

बीजेपी सरकार ईमानदारी व भ्रष्टाचार मुक्त शासन का झूठा दावा करती है। इस सरकार में पिक एंड चूज की नीति है। कांग्रेसी समर्थकों की बिल्डिंग ही तोड़ी जा रही हैं और सत्ताधारियों की बिल्डिंग को बचाने नेता आ जाते हैं। इसके कई उदाहरण हमारे पास हैं। जो सरकार के खिलाफ थोड़ा बोलने लगते हैं, बस उन्हीं को ही निशाना बनाया जाता है। यह गलत बात है। इस मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा।
-ललित नागर, कांग्रेसी विधायक, तिगांव विधानसभा क्षेत्र।

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