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पुलिस ने पकड़ी गलती तो हुई इस गैंगस्टर की मौत, एक ही गाड़ी में चलता था गैंग

तिगांव के एक सुनार से रंगदारी वसूलने आ रहे हरिया गैंग और क्राइम ब्रांच फरीदाबाद के बीच बुधवार रात मुठभेड़ हो गई।

Bhaskar News | Last Modified - Feb 09, 2018, 08:50 AM IST

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    बुधवार रात हरिया गैंग और क्राइम ब्रांच फरीदाबाद के बीच बुधवार रात मुठभेड़ हो गई। इस एनकाउंटर में अरूण की मौत हो गई।

    फरीदाबाद.तिगांव के एक सुनार से रंगदारी वसूलने आ रहे हरिया गैंग और क्राइम ब्रांच फरीदाबाद के बीच बुधवार रात मुठभेड़ हो गई। रात 12.30 से 1.30 बजे तक चली इस मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश ढेर हो गया। गैंग का सरगना हरिया व उसके साथी जख्मी होने के बावजूद भाग निकले। बताया जा रहा है कि हत्या की तीन वारदातों को अंजाम देने वाला पवन उर्फ हरिया पिछले तीन महीने से सफेद रंग की ब्रेजा कार का ही इस्तेमाल कर रहा था। मौके पर पहुंची यूपी और राजस्थान की एसटीएफ टीम...

    - इस घटना के बाद मौके पर यूपी और राजस्थान की एसटीएफ टीम भी पहुंच गई। मारे गए बदमाश की पहचान भैंसरावली गांव के रहने वाले अरुण के रूप में हुई है। अरुण पर हत्या के दो, हत्या के प्रयास का एक और लूट के दो मामले दर्ज हैं।

    - पुलिस कमिश्नर अमिताभ ढिल्लो ने बताया कि इस कामयाबी का श्रेय क्राइम ब्रांच इंचार्ज वरुण दहिया को जाता है, जिन्होंने सूचना मिलने के बाद बेहद कम समय में बगैर नुकसान उठाए ऑपरेशन को सफल बनाया। देर शाम पोस्टमार्टम कराकर शव घरवालों को सौंप दिया गया।

    इस तरह बने मुठभेड़ के हालात
    - टारगेट हरिया ऑपरेशन को लीड कर रहे एसीपी क्राइम राजेश चेची ने बताया कि बुधवार रात को क्राइम ब्रांच इंचार्ज वरुण दहिया को पता चला कि हरिया गैंग दिल्ली नंबर की ब्रेजा कार से यमुना नदी क्रॉस कर यमुना थाना एरिया में आ रहा है।

    - सूचना मिलते ही वरुण दहिया की टीम गैंग को दबोचने के लिए निकल पड़ी। रात 12.30 बजे सरकारी सूमो गाड़ी में सवार वरुण दहिया का सामना ब्रेजा कार सवार हरिया से दयालपुर गांव के पास हुआ। पहले सूमो गाड़ी से ब्रेजा में टक्कर मारी गई।

    - इसके बाद हरिया की तरफ से फायरिंग शुरू हो गई। जवाबी फायरिंग में पुलिस ने एके-47 से गोलियां चलाईं। एक गोली हरिया के साथी को लगी, जो ब्रेजा में ही ढेर हो गया। साथी को मरा देख हरिया और उसके साथी घबरा गए।

    - वे अरुआ गांव के निकट सड़क पर गाड़ी को छोड़कर खेतों की तरफ भाग निकले। पीछे लगी पुलिस टीम जब ब्रेजा के समीप पहुंची और उसे चेक किया तो उसमें अरुण नाम का बदमाश मृत मिला। हरिया व अन्य की तलाश के लिए बृहस्पतिवार सुबह 5 बजे तक कांबिंग चलती रही, लेकिन ये पकड़े नहीं जा सके।

    17 साल बाद दूसरा एनकाउंटर

    - बुधवार रात को हरिया गैंग के साथ मुठभेड़ में 17 साल बाद किसी बदमाश का एनकाउंटर हुआ है। इससे पहले 25 दिसंबर 1999 को फरीदाबाद पुलिस ने लक्कड़पुर में कुख्यात बदमाश सत्ते को काबू करने की कोशिश की थी।

    - सत्ते ने पुलिस से भागने के लिए फायरिंग शुरू कर दी थी। इस फायरिंग में हरियाणा पुलिस का सिपाही लश्कर सिंह सत्ते गोली लगने से शहीद हो गया था। पुलिस की जवाबी फायरिंग में सत्ते भी मारा गया था।

    - इसके बाद फरीदाबाद पुलिस की दिल्ली, हरियाणा, यूपी, राजस्थान के कई नामी बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो चुकी थी, लेकिन एनकाउंटर में न कोई घायल हुआ और न ही मारा गया।

    हरिया को रुपए की जरूरत

    - हरिया ने बल्लभगढ़ के दो व्यापारियों को भयभीत कर उनसे रंगदारी वसूल चुका है। हरिया का यह काम उसका एक गुर्गा कर रहा है।

    - पुलिस को इनपुट मिला था कि बुधवार रात को वह तिगांव के एक सुनार से रंगदारी वसूलने आ रहा है।

    - दरअसल, हरिया को रुपयों की जरूरत फरारी के दौरान आ रहे खर्च को वहन करने के लिए पड़ रही है। रकम के चक्कर में वह लूट की वारदात कर रहा है।

    तीन महीने से एक ही गाड़ी में चल रहा था गैंग

    - दूधिया भीम और हसनपुर मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन समेत हत्या की तीन वारदातों को अंजाम देने वाला पवन उर्फ हरिया पिछले तीन महीने से सफेद रंग की ब्रेजा कार का ही इस्तेमाल कर रहा था।

    14 नवंबर 2017 को नोएडा से लूटी गई यह ब्रेजा कार हरिया ने 4 फरवरी को राजस्थान के नीमराना में एक ज्वैलरी शॉप लूटने में भी इस्तेमाल की थी।

    - फरीदाबाद क्राइम ब्रांच के अलावा यूपी, हरियाणा और राजस्थान की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के पास बस एक ही पुख्ता इनपुट था कि हरिया आवाजाही के लिए ब्रेजा कार का प्रयोग कर रहा है।

    - हरिया की यही गलती पुलिस के काम आ गई। बुधवार रात जैसे ही हरिया ब्रेजा में सवार होकर हरियाणा में घुसा, किसी ने इसकी इंफार्मेशन क्राइम ब्रांच इंचार्ज को दे दी।

    इसके बाद मुठभेड़ की कार्रवाई हो पाई। कार की तलाशी लेने पर उसमें कारतूस से भरा एक बैग, देसी कट्टा, डोगा गन और 7 नंबर प्लेट बरामद हुई है। हरिया नंबर प्लेट बदलकर गाड़ी का प्रयोग कर रहा था।

    हरिया पर एक लाख का इनाम घोषित करने की तैयारी
    - फरीदाबाद पुलिस की ओर से डीजीपी को पत्र लिखकर हरिया पर घोषित की गई 25 हजार रुपए की इनामी राशि एक लाख रुपए किए जाने की गुजारिश की है।

    - हरिया पर हरियाणा पुलिस की तरफ से शुरुआती इनामी रकम 10 हजार, फिर 25 हजार रुपए की गई। इसके अलावा इसी गैंग पर यूपी की तरफ से 10 हजार और राजस्थान की तरफ से 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित है।

    - हरिया गैंग अब तक 32 वारदात को अंदाज दे चुका है। इनमें 14 गौतमबुद्ध नगर, 10 बुलंदशहर, 2 ग्रेटर नोएडा, 5 फरीदाबाद में, एक हसनपुर में, पांच अलवर और भिवाड़ी शहर में।

    भैंसरावली में तैनात रहा पुलिस बल
    - हरिया का पैतृक गांव भैंसरावली है। हरिया पर अपने ही गांव के दूधिया प्रमोद उर्फ भीम की हत्या का आरोप है।

    - इसके अलावा अपने ही गांव के कुछ युवकों से उसकी रंजिश चल रही है। हरिया गैंग का साथी अरुण भी भैंसरावली का रहने वाला है।

    - गुरुवार को बीके अस्पताल से पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शाम को जब शव का अंतिम संस्कार हुआ, तब गांव में पुलिस बल मौजूद था।

    - पोस्टमार्टम के वक्त बीके में पुलिस बल तैनात था। पुलिस को आशंका थी कि अरुण के परिवारवाले किसी तरह का विरोध प्रकट कर सकते हैं, लेकिन परिजनों ने विरोध नहीं जताया।

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    अरूण की मौत के बाद गैंग का सरगना और उसके साथी फरार होने में कामयाब हो गए।
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    गैंग के सभी लोग एक ही कार का इस्तेमाल कर रहे थे।
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    हरिया गैंग अब तक 32 वारदात को अंदाज दे चुका है। इनमें 14 गौतमबुद्ध नगर, 10 बुलंदशहर, 2 ग्रेटर नोएडा, 5 फरीदाबाद में, एक हसनपुर में, पांच अलवर और भिवाड़ी शहर में।
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    हरिया पर हरियाणा पुलिस की तरफ से शुरुआती इनामी रकम 10 हजार, फिर 25 हजार रुपए की गई।
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    हरिया का पैतृक गांव भैंसरावली है। हरिया पर अपने ही गांव के दूधिया प्रमोद उर्फ भीम की हत्या का आरोप है।
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