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घायल मां को तड़पता देख रहा था बेटा, फरिस्ता बन आई लेडी टीचर ने बचाई जान

मेट्रो स्टेशन के पास घायल पड़ी एक महिला को मानव रचना स्कूल की टीचर ने अपनी गाड़ी में रख मेट्रो हॉस्पिटल पहुंचाया।

Dainik Bhaskar

Feb 12, 2018, 03:30 AM IST
टीचर ने अपनी गाड़ी में रख मेट्रो हॉस्पिटल पहुंचाया। इससे समय रहते महिला का इलाज होने से उसकी जान बच गई। टीचर ने अपनी गाड़ी में रख मेट्रो हॉस्पिटल पहुंचाया। इससे समय रहते महिला का इलाज होने से उसकी जान बच गई।

फरीदाबाद. नेशनल हाईवे पर रविवार दोपहर ओल्ड मेट्रो स्टेशन के पास घायल पड़ी एक महिला को मानव रचना स्कूल की टीचर ने अपनी गाड़ी में रख मेट्रो हॉस्पिटल पहुंचाया। इससे समय रहते महिला का इलाज होने से उसकी जान बच गई। बदरपुर की रहने वाली महिला विमला व उसके बेटे ने टीचर का धन्यवाद किया। तमाशबीन बनी भीड़ देखती रही...

- टीचर मुक्ता के अनुसार दोपहर को वह मार्केट से कुछ खरीदारी कर घर जा रही थीं। उन्होंने देखा कि ओल्ड मेट्रो स्टेशन के पास हाईवे पर काफी भीड़ है और एक महिला गंभीर रूप से घायल सड़क पर पड़ी है।

- उनका 22 साल का बेटा पास में असहाय खड़ा एंबुलेस का इंतजार कर रहा है। उन्होंने तुरंत घायल को अपनी गाड़ी में डाला और मेट्रो हॉस्पिटल पहुंचाया।

- डॉक्टरों ने टीचर को बताया कि समय रहते घायल का इलाज शुरू हो गया। इससे अधिक खून नहीं बह सका। इस कारण महिला की हालत गंभीर नहीं बनी।

- पुलिस और रोड सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट एसके शर्मा ने टीचर की इस काम की सराहना की है।

तमाशबीन न बनें, हॉस्पिटल ले जाएं घायल को : मुक्ता

- बकौल मुक्ता सड़क दुर्घटना को देखने वाले अक्सर तमाशबीन बन जाते हैं । ऐसा नहीं होना चाहिए आज भी नेशनल हाईवे पर घायल के आसपास काफी लोग जमा थे। उसकी मदद के लिए कोई आगे नहीं आ रहा था अगर घायल महिला कुछ देर और सड़क पर पड़ी रहती है तो उसकी जान पर बन आती।

- मैंने सोचा कि इसे हर हालत में तत्काल हॉस्पिटल पहुंचाया जाए ताकि उसकी जान बच सके। मैं भविष्य में भी यदि कोई घायल सड़क पर पड़ा होगा तो उसे हॉस्पिटल जरूर पहुंचाऊंगी यह बात अन्य सभी लोगों को भी समझनी होगी। आज पुलिस भी काफी सहयोग करती है।

- मुझसे भी हॉस्पिटल में कोई पूछताछ नहीं की गई। मैंने केवल उनको एडमिट कराया और चली गई। मैंने उसका नाम नहीं पूछा। मुझे बहुत खुशी है कि मेरी वजह से एक महिला का इलाज समय पर शुरू हो सका और उसकी जान बच सकी।

घायल को हॉस्पिटल पहुंचाएंगे तो 1 हजार इनाम
- फरीदाबाद में तत्कालीन सीपी हनीफ कुरेशी ने इसी साल सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्ति को हॉस्पिटल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 1 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की थी। जिससे की सड़क दुर्घटना मे घायल व्यक्ति को समय पर इलाज मिले और उसकी जान बचाई जा सके। घायल को हॉस्पिटल पहुंचाने वाले से कोई भी हॉस्पिटल पूछताछ भी नहीं कर सकता।

महिला का बेटा रोड पर एंबुलेंस का इंतजार कर रहा था। महिला का बेटा रोड पर एंबुलेंस का इंतजार कर रहा था।
टीचर बदरपुर की रहने वाली है। टीचर बदरपुर की रहने वाली है।
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टीचर ने अपनी गाड़ी में रख मेट्रो हॉस्पिटल पहुंचाया। इससे समय रहते महिला का इलाज होने से उसकी जान बच गई।टीचर ने अपनी गाड़ी में रख मेट्रो हॉस्पिटल पहुंचाया। इससे समय रहते महिला का इलाज होने से उसकी जान बच गई।
महिला का बेटा रोड पर एंबुलेंस का इंतजार कर रहा था।महिला का बेटा रोड पर एंबुलेंस का इंतजार कर रहा था।
टीचर बदरपुर की रहने वाली है।टीचर बदरपुर की रहने वाली है।
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