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घायल रेल यात्रियों को अस्पताल नहीं पहुंचाएगी आरपीएफ, जीआरपी को जिम्मा

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने अपने 19 साल पुराने स्टैंडिंग ऑर्डर-54 को वापस ले लिया है।

Danik Bhaskar | Dec 16, 2017, 08:27 AM IST

फरीदाबाद. रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने अपने 19 साल पुराने स्टैंडिंग ऑर्डर-54 को वापस ले लिया है। इस आर्डर के तहत अब ट्रेन से घायल होने वाले यात्रियों को मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी आरपीएफ की नहीं बल्कि जीआरपी की होगी। क्योंकि जीआरपी के पास एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध है। आरपीएफ के महानिदेशक धर्मेंद्र कुमार ने देशभर के सभी जोनल रेलवे को पत्र भेजकर इस बारे में अवगत करा दिया है। आरपीएफ अफसरों का मानना है कि जब यात्री की मृत्यु होने पर उसे जीआरपी हैंडल करती है तो घायलों को अस्पताल भिजवाने की जिम्मेदारी भी जीआरपी की ही होनी चाहिए। सरकार ने इसके लिए जीआरपी को एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करा रखी है। उधर एसपी रेलवे विनोद कुमार का कहना है कि उन्हें इस बारे में अभी कोई पत्र नहीं मिला है। यदि ऐसा होगा तो उसका पालन किया जाएगा।


19 साल से घायलों को उपलब्ध कराती थी मेडिकल सुविधा
अप्रैल 1998 को तत्कालीन आरपीएफ के महानिदेशक एपी दुरई ने स्टैंडिंग ऑर्डर-54 जारी कर आरपीएफ कर्मियों को आदेश दिया था कि ऑन ड्यूटी आरपीएफ स्टाफ ट्रेन से घायल होने वाले यात्रियों को फस्ट एड बॉक्स उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। अर्थात घायल यात्री को अस्पताल भिजवाने की जिम्मेदारी आरपीएफ की होगी। लेकिन घायल को अस्पताल तक ले जाने के साधन आरपीएफ के पास नहीं थे। यह व्यवस्था पिछले 19 साल से चली आ रही थी। अस्पताल भिजवाने के बाद अारपीएफ घटना की जानकारी जीआरपी को देती थी।


जीआरपी के पास उपलब्ध है एंबुलेंस की सेवा
रेल मंत्रालय के अनुरोध पर राज्य सरकार ने जीआरपी को एंबुलेंस की सेवा उपलब्ध कराई है। सभी जीआरपी थाने पर एंबुलेंस की सेवा उपलब्ध है। लेकिन उसका उपयोग घायलों को ले जाने के बजाय मरने वालों कोे अस्पताल भिजवाने में किया जा रहा है। कभी मरीजों को ऑटो से अस्पताल भिजवाया जाता है।

अब जीआरपी पहुंचाएगी घायलों को अस्पताल
रेलवे बोर्ड के डीआईजी आरपीएफ एस शांडिल्य की ओर से 30 नवंबर को जारी पत्र में कहा गया है कि आरपीएफ अपने स्टैंडिंग ऑर्डर-54 को वापस ले रही है। इस बारे में देशभर के रेलवे सुरक्षा आयुक्तों और आरपीएफ ट्रेनिंग सेंटरों को इसकी जानकारी भेज दी गई है। शांडिल्य के मुताबिक डीजी धर्मेंद्र कुमार ने इसकी मंजूरी दे दी है। ऐसे में अब घायलों को अस्पताल तक भिजवाने की जिम्मेदारी जीआरपी पर आ गई है।

रेलवे बोर्ड अथवा आरपीएफ की तरफ से अभी हमारे पास कोई पत्र नहीं आया है। हम पहले भी घायल यात्रियों को अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था करते थे। आगे भी करते रहेंगे। यह हम सब की जिम्मेदारी बनती है। बोर्ड का जो भी आदेश होगा संसाधन के मुताबिक उसे पूरा किया जाएगा।
-विनोद कुमार, एसपी जीआरपी अंबाला