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17 कालेज, 20 हजार स्टूडेंट्स, नाम की स्पेलिंग ठीक कराने के लिए 250 किमी का सफर

फरीदाबाद में यूनिवर्सिटी होने का खामियाजा भुगत रहे स्टूडेंट्स, छात्र संगठन तीन साल से कर रहे अलग विवि की मांग।

दीपक पांडेय। | Last Modified - Dec 20, 2017, 07:39 AM IST

  • 17 कालेज, 20 हजार स्टूडेंट्स, नाम की स्पेलिंग ठीक कराने के लिए 250 किमी का सफर

    फरीदाबाद।फरीदाबाद,पलवल मेवात के स्टूडेंट्स को महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी का खामियाजा 250 किलोमीटर तक का सफर तय कर भुगतना पड़ रहा है। तीन जिलों में 17 कालेज हैं। इनमें करीब 20 हजार स्टूडेंट्स स्टडी कर रहे हैं। अगर स्टूडेंट्स के प्रमाण-पत्र में यूनिवर्सिटी की लापरवाही से छोटी सी गड़बड़ी हो जाए तो इसका खामियाजा स्टूडेंट्स को 250 किलोमीटर तक का थकाऊ सफर तय कर भुगतना पड़ता है।

    - स्टूडेंट्स की परेशानी काे देखते हुए फरीदाबाद के छात्र संगठन तीनों जिलों के कालेज को एमडीयू से हटाकर वाईएमसीए यूनिवर्सिटी से जोड़ने की मांग कर रहे हैं। जिससे स्टूडेंट्स को छोटी-छोटी गड़बड़ी सही कराने के लिए इतनी दूर का सफर तय करना पड़े। अपनी मांग को लेकर छात्र संगठन स्थानीय विधायक से लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री तक को ज्ञापन सौंप चुके हैं।

    पिछले तीन साल से छात्र संगठन उठा रहे हैं मांग

    - वर्ष 2014 में छात्र संगठन एनएसयूआई ने सबसे पहले फरीदाबाद में एमडीयू का रीजनल सेंटर खोलने की मांग की थी। इसे लेकर कई जगह प्रदर्शन भी किया गया था। एनएसयूआई का कहना है कि उनकी मांग को देखते हुए कांग्रेस सरकार ने रीजनल सेंटर खोलने का फैसला ले लिया था। लेकिन सरकार बदलते ही फैसला भी बदल गया।

    - युवा आगाज संगठन एमडीयू के कालेजों को वाईएमसीए यूनिवर्सिटी से जोड़ने की मांग कर रहा है। संगठन के सदस्‍यों के अनुसार केवल नाम में गलत हुई स्पेलिंग ठीक कराने के लिए भी रोहतक जाना पड़ता है। रोहतक के लिए फरीदाबाद और पलवल से सीधे कोई बस या ट्रेन की सुविधा नहीं है।

    यह मांग पूरी होने से सुधरेगी पढ़ाई की गुणवत्ता
    - छात्र संगठनों की मांग को शिक्षा विशेषज्ञ भी काफी हद तक सही मानते हैं। सेक्टर-16 स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू कालेज के सेवानिवृत्त प्रोफेसर एसपी फौगाट कहते हैं कि हरियाणा की सरकार को काफी पहले इन तीन जिलों के कालेजों को फरीदाबाद की वाईएमसीए यूनिवर्सिटी से जोड़ देना चाहिए था।

    - यूनिवर्सिटी के लिए नई इमारत बनाकर स्टाफ भी नियुक्त किया जाना चाहिए था। जिससे कालेज स्टूडेंट्स को छोटी-छोटी गलती के लिए रोहतक धक्के खाना पड़े। सेवानिवृत्त प्रोफेसर और भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की सदस्य आलोक दीप कहती हैं कि वह भी छात्र संगठनों की मांग से सहमत है। इसे लेकर वह मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर के सामने अपनी बात रखेंगी। वाईएमसीए से कालेजों को जोड़ने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

    इन्होंने कहीं ये बात

    - फरीदाबाद सांसद कृष्णपालगुर्जर ने कहा कि छात्र संगठन की जो भी मांग है उसे लेकर प्रदेश के शिक्षा मंत्री से बातचीत की जा रही है। जिससे स्टूडेंट्स को परेशानी का सामना करना पड़े।
    - महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर विजेंद्र पूनिया एमडीयू इस मामले में कोई कदम नहीं उठा सकती। प्रदेश सरकार ही किसी भी कालेज की यूनिवर्सिटी बदलने के बारे में निर्णय ले सकती है। इस मामले से शिक्षा मंत्री को अवगत करा दिया गया है।

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Web Title: Students Suffering Due To The Lack Of University In Faridabad
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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