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इस साल 1444 करोड़ के होंगे विकास कार्य हर काम की निर्माण सामग्री की होगी जांच

प्रवीन कौशिक | फरीदाबाद Parveen.kaushik@dbcorp.in शहर में चल रहे विकास कार्यों में घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग की लगातार मिल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:00 AM IST

इस साल 1444 करोड़ के होंगे विकास कार्य हर काम की निर्माण सामग्री की होगी जांच
प्रवीन कौशिक | फरीदाबाद Parveen.kaushik@dbcorp.in

शहर में चल रहे विकास कार्यों में घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग की लगातार मिल रहीं शिकायतों को कमिश्नर मोहम्मद शाइन ने गंभीरता से लिया है। निगम के बजट में सीएम अनाउंसमेंट के 600 करोड़ सहित विकास कार्यों के लिए 1444 करोड़ रुपए तय किए गए हैं। इस बजट के साथ खिलवाड़ न हो, इसलिए कमिश्नर प्रत्येक विकास कार्य में प्रयोग होने वाली निर्माण सामग्री की अब जांच कराएंगे। इसके लिए निजी एजेंसी को जल्द नियुक्त किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार कमिश्नर निगम के अधिकारियों पर विश्वास करने से हिचक रहे हैं। यही कारण है कि उन्होंने गुड़गांव नगर निगम के सलाहकार अमरीक सिंह को यहां बुलाया है। अब वे प्रत्येक विकास कार्य की जांच कर रहे हैं। इनमें से 60 फीसदी कामों में गड़बड़ी बता चुके हैं।

कुल बजट का 76.97 फीसदी होगा खर्च

निगम इस साल बजट का 76.97 फीसदी पैसा शहर के डेवलपमेंट पर खर्च करेगा। निगम ने इस बार 1876 करोड़ का बजट तैयार किया है। इसमें से 1444 करोड़ रुपए डेवलपमेंट के लिए तय हैं। इसमें 600 करोड़ रुपए सीएम अनाउंसमेंट के काम के लिए हैं।

थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन का दावा पूरा नहीं

सरकार ने दो साल पहले आदेश दिए थे कि नगर निगम प्रत्येक विकास कार्य की जांच थर्ड पार्टी से कराएगा। यह पार्टी निर्माण सामग्री के सेंपल देश की प्रतिष्ठित लैब भेजेगी। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही ठेकेदार को पेमेंट होगी। लेकिन इस आदेश पर अमल नहीं हुआ।

फरीदाबाद. सेक्टर 2 में बन रहा समुदाय भवन। फाइल फोटो

सेक्टर-2 में एक कम्युनिटी सेंटर में घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग को लेकर हुडा के एक्सईएन अजीत सिंह पर आरोप लगे। कुछ दिन बाद यह मामला दबा दिया गया।

केस-1

कमिश्नर ने पकड़ी थी गड़बड़ी

कमिश्नर मोहम्मद शाइन ने शहर में कई जगह दौरा कर निर्माण सामग्री में गड़बड़ी पकड़ी थी। पिछले दिनों कमिश्नर ग्रेटर फरीदाबाद की भारत कॉलोनी गए थे। वहां ठेकेदार टूटे और बिना मार्का के सीवरेज के पाइप डाल रहा था। कमिश्नर ने तुरंत काम रुकवा दिया था। इसके अलावा एनआईटी में एक-दो जगह सड़क निर्माण में भी गड़बड़ी सामने आई।

अब आगे क्या होगा

कमिश्नर मोहम्मद शाइन यह जान गए हैं कि शहर में घटिया निर्माण सामग्री से विकास कार्य हो रहे हैं। इसलिए उन्होंने गुड़गांव नगर निगम के सलाहकार अमरीक सिंह को यहां बुला लिया। अब अमरीक सिंह प्रत्येक काम की जांच करते हैं और इसकी रिपोर्ट कमिश्नर को देते हैं। अमरीक सिंह की रिपोर्ट के बाद शहर में दर्जनभर से अधिक काम रुक चुके हैं। क्योंकि इनमें घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग हो रहा था। कमिश्नर के अनुसार अब हर काम में निर्माण सामग्री की जांच लैब से कराई जाएगी। इसके लिए एक एजेंसी नियुक्त की जाएगी।

बल्लभगढ़ के विधायक दीपक चौधरी ने पिछले दिनों घटिया निर्माण सामग्री से बन रही सड़क का मामला उठाया था। इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

केस-2

फरीदाबाद. सड़क बनाते मजदूर। फाइल फोटो

क्या-क्या काम होंगे

सड़कें बनेंगी सीवर लाइन बिछेंगी ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। गलियों में इंटरलॉकिंग टाइलें बिछेंगी। कम्युनिटी सेंटर बनेंगे। अन्य निर्माण कार्यों की मरम्मत होगी। पेयजल लाइनें बिछेंगी।

वार्ड नंबर-15 के पार्षद संदीप भारद्वाज ने घटिया निर्माण सामग्री से पार्क की चारदीवारी करने का मामला पकड़ा। मौके पर काम रुकवा दिया गया था। लेकिन अधिकारियों ने ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं की।

केस-3

ये हैं नियम

शहर में डेवलपमेंट का काम होते समय जेई, एसडीओ जरूर मौजूद रहने चाहिए। इसके अलावा एक्सईएन व एसई को भी समय-समय पर चक्कर लगाते रहना चाहिए।

डेवलपमेंट के काम की फोटो कमिश्नर के पास भेजी जानी चाहिए।

उचित गुणवत्ता के मेटेरियल का इस्तेमाल होना चाहिए। जिसकी लैब में जांच होनी चाहिए।

सड़क की मोटाई, ऊंचाई व चौड़ाई का ध्यान रखना चाहिए।

सीमेंटेड सड़क बनाने के बाद करीब 7 दिन तक इसकी पानी से तराई होनी चाहिए। इसके बाद वाहनों के लिए इसे खोलना चाहिए।

सड़क बनने के बाद इसकी देखरेख का जिम्मा कम से कम 5 साल तक ठेकेदार पर होना चाहिए।

मैंने जब से पदभार संभाला है तभी से काफी शिकायतें आई हैं। इसलिए गुड़गांव नगर निगम के सलाहकार अमरीक सिंह को यहां लाया हूं। लेकिन निगम बजट की मीटिंग में अमरीक सिंह को लेकर पार्षदों ने खूब हंगामा किया। मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि एक भी काम घटिया निर्माण सामग्री से नहीं होगा। -मोहम्मद शाइन, कमिश्नर, नगर निगम।

हम किसी भी जांच से नहीं डरते। लेकिन सबसे पहले ऐसे ठेकेदारों की जांच होनी चाहिए तो सत्ताधारी नेताओं के चहेते हैं। कुछ अधिकारी इन ठेकेदारों के सभी गलत काम पास कर कमीशन खा रहे हैं। उनकी करीब 20 करोड़ की पेमेंट तो सीएम अनाउंसमेंट की नगर निगम पर बकाया है। 50 करोड़ से अधिक जनरल फंड का बकाया हैं। हम कई बार कमिश्नर को अवगत करा चुके हैं लेकिन पेमेंट नहीं की जा रही है। यही कारण है कि अधिकतर ठेकेदार काम छोड़ चुके हैं। -गिर्राज सिंह, प्रधान, ठेकेदार एसोसिएशन।

क्या हो रहा है

जहां कोई विकास कार्य चलता है, वहां अधिकारी फटकते ही नहीं हैं। केवल शिकायत करने के बाद ही आते हैं।

ठेकेदार मिट्टी के ऊपर ही तारकोल की सड़क बना देते हैं, लेकिन अधिकारी जांच नहीं करते।

घटिया किस्म की डस्ट व सीमेंट का धड़ल्ले से प्रयोग के कई मामले सामने आए हैं।

फिलहाल सीएम अनाउंसमेंट के कामों में सबसे अधिक गड़बड़ी हो रही है।

कमीशनबाजी के चक्कर में अधिकारी घटिया निर्माण सामग्री से बनी सड़क की भी पेमेंट कर देते हैं।

निर्माण सामग्री को जांच के लिए लैब में नहीं भेजा जाता।

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