Hindi News »Haryana »Faridabad» 150 साल बाद दुर्लभ चंद्रग्रहण, 13 घंटे नहीं हुए मंदिरों में मूर्तियों के दर्शन

150 साल बाद दुर्लभ चंद्रग्रहण, 13 घंटे नहीं हुए मंदिरों में मूर्तियों के दर्शन

150 वर्ष बाद साल 2018 का पहला और दुर्लभ चंद्र ग्रहण बुधवार को लगा। चंद्र ग्रहण का सूतक सुबह 8 बजकर 15 मिनट से शुरू हो गया।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:00 AM IST

150 वर्ष बाद साल 2018 का पहला और दुर्लभ चंद्र ग्रहण बुधवार को लगा। चंद्र ग्रहण का सूतक सुबह 8 बजकर 15 मिनट से शुरू हो गया। इससे सुबह से ही मंदिरों के कपाट बंद रहे। पूर्ण चंद्र ग्रहण 6 बजकर 21 मिनट पर शुरू हुआ। जो 7 बजकर 37 मिनट पर समाप्त हुआ। ग्रहण का मोक्ष 8 बजकर 42 मिनट पर पूरी तरह संपन्न हो गया। ऐसे में सुबह 8 से शाम 8.42 बजे तक 13 घंटे मंदिरों में भगवान पर्दे के पीछे रहे। इससे भगवान के भक्त दर्शन नहीं कर पाए। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों में शुद्धिकरण हुआ। इसके बाद पूजा पाठ हुआ।

चंद्र ग्रहण का यह होगा असर

ज्योतिषाचार्य वीके शास्त्री के मुताबिक ग्रहण के दौरान ज्यों ही ब्रह्मांड में घटना के साथ ऊर्जा की कमी होती है तो प्रत्येक जीव किसी न किसी प्रकार से प्रभावित होता है। बुधवार पूर्णिमा और कर्क राशि पर ग्रहण होने से अच्छी बारिश के योग बनेंगे। चंद्रमा प्रकृति व वनस्पति का मालिक है। ऐसे में चंद्रग्रहण पड़ने से भूकंप, अराजकता, जातिगत आंदोलन होने की आशंका बनी रहती है।

13 घंटे नहीं हुए भगवान के दर्शन

सूतक व चंद्रग्रहण की वजह से मंदिरों के कपाट सुबह 8 बजे से ही बंद रहे। रात 8.42 मिनट पर मंदिरों के कपाट खोले गए। इसके बाद गंगाजल से मूर्तियों का जलाभिषेक किया गया। मंदिरों का शुद्धिकरण हुआ। इसके बाद विधिवत पूजा अर्चना की गई। चंद्रग्रहण काे लेकर लोगों में काफी उत्सुकता रही। वे सुबह से ही पंडितों को फोन लगाने लगे। पंडितों से पूछा कि चंद्रग्रहण के दौरान क्या करें।

फरीदाबाद. चंद्रग्रहण के चलते सुबह 8.42 बजे से एनएच -5 बांके बिहारी मंदिर के बंद पड़े कपाट।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Faridabad

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×