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अव्यवस्था: 40 मिनट देरी से पहुंचे योगी, किर्गिस्तान की दो कलाकार हुईंं बेहोश, अधिकारियों पर स्टॉल बेचने के आरोप

32वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला शुक्रवार को शुरू हो गया। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ...

Danik Bhaskar | Feb 03, 2018, 02:05 AM IST
32वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला शुक्रवार को शुरू हो गया। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मेले में हरियाणा पर्यटन निगम के मेजबान थे। सीएम योगी को चौपाल पर आयोजित दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम में ठीक 11.30 बजे पहुंचना था लेकिन वे मेला प्रांगण में 40 मिनट की देरी से पहुंचे। उनके स्वागत में चौपाल पर प्रस्तुत किए जाने वाले नृत्य व अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले बाल व अन्य लोक कलाकार सुबह से बगैर चाय-नाश्ता के भूख व प्यास से व्याकुल रहे। किर्गिस्तान की दो बाल कलाकार तो मूर्छित होकर गिर पड़ी। काफी देर तक इनकी किसी ने सुध नहीं ली। मेला प्रांगण में कई और अव्यवस्थाएं भी दिखाई दी। कई शिल्पी और बुनकर स्टॉल के लिए यहां-वहां भटकते रहे। कुछ ने तो हरियाणा और यूपी टूरिज्म के अधिकारियों पर 70 से 80 हजार रुपए में स्टाॅल बेचने तक के आरोप लगाए हैं। पहले दिन सुरक्षा व्यवस्था भी काफी कमजोर दिखाई दी। बावरिया गिरोह की महिलाओं ने कइयों की जेब काट ली।

वीवीआईपी के लिए व्यंजनों से भरा था कमरा

चौपाल से सटे विश्राम स्थल में विदेशी और देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकार प्रस्तुति देने के इंतजार में बैठे थे। इसी जगह एक कमरे लजीज व्यंजन, मिठाई, ड्राइफ्रूट, सॉफ्टड्रिंक, कोल्डड्रिंक आदि से भरा था। दूसरे में चाय पक रही थी। दोनों कमरे के बाहर हरियाणा टूरिज्म का स्टॉफ भी तैनात था। लेकिन यहां मौजूद कलाकारों को सुबह से ही न चाय मिली, न पानी और न नाश्ता मिला था। सभी भूख व प्यास से व्याकुल थे। भूख और प्यास के साथ ही उन्हें मंच पर अपनी प्रस्तुति भी देनी थी। मेला परिसर में प्रवेश करने के बाद कुछ स्टॉल्स और गंगा आरती स्थल देखकर योगी आदित्यनाथ और मनोहरलाल खट्टर चौपाल पर पहुंचे। यहां कुछ देर की औपचारिकता के बाद योगी आदित्यनाथ मंच से अपनी बात कह रहे थे। तभी किर्गिस्तान की दो बाल कलाकार शी-जूंग और बेनजीन अचानक मूर्छित होकर गिर पड़ी। करीब 10 मिनट में वहां डॉक्टर पहुंची। उसने दोनों का बीपी चेक किया, जो 120 की बजाय 90 ही मिला। चिकित्सक ने उन्हें कॉफी व जूस पिलाने की सलाह दी। लेकिन किसी ने कुछ नहीं दिया। आखिरकार भास्कर संवाददाता ने ही किसी तरह दोनों को जूस की व्यवस्था करके दी। हालांकि कुछ देर बाद ओआरएस पाउच दोनों बाल कलाकार को थमा दिया गया। इसी जगह पर बनारस, अयोध्या, तंजानिया, जौनपुर आदि के कलाकार भी भूख व प्यास से व्याकुल नजर आए।

सुरक्षा में भी चूक, बावरिया गिरोह की महिलाओं ने पत्रकार समेत कइयों की जेब काटी

मेले में स्टॉल माफिया सक्रिय, भटकते रहे शिल्पी व बुनकर

भास्कर टीम ने मेला प्रांगण में उन लोगों को चिन्हित किया, जो स्टॉल पाने के लिए कभी थीम स्टेट यूपी टूरिज्म के अधिकारियों और कभी हरियाणा टूरिज्म अधिकारियों को ढूंढ रहे थे। इस मेले में पिछले 10 साल से शिरकत कर रहे बनारस से आए बुनकर प्रदीप कुमार, झारखंड से आई प्रीति स्टॉल के लिए भटक रही थी। इसी तरह मेले के अंदर स्टॉल पाने की जुगत भिड़ा रहे करीब 50-60 अन्य लोग भी दिखाई दिए, जो अलग-अलग राज्यों से आए थे। जब स्टॉल्स को लेकर पड़ताल की गई तो पता चला कि यूपी की एक महिला अधिकारी ने नोएडा के रहने वाले पीके नामक शख्स को एक साथ 40 स्टॉल आवंटित कर दिए। इसी तरह हरियाणा टूरिज्म के एक अधिकारी ने 70 स्टॉल गुपचुप तरीके से बेच डाले। टूरिज्म विभाग के सूत्रों ने बताया कि एक-एक स्टॉल 70 से 80 हजार रुपए में बेचा गया है।

कुर्सियां पड़ी कम, एक ही पर बैठे दो लोग

चौपाल के सामने दर्शक दीर्घा में बैठने के लिए कुर्सियां कम पड़ गई। मंत्री राव नरबीर, विधायक अवतार भड़ाना व कई अन्य नेताओं को बैठने के लिए कुर्सियां नहीं मिली तो वे एक ही कुर्सी पर एडजस्ट हुए। यही नहीं चौपाल के निकट कई लोग झुंड बनाकर खड़े हो गए, जिससे पीछे बैठे नेता व मंत्रियों को कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा था। इस अव्यवस्था के बीच भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अजय गौड़ तो आवेश में आकर यह कह बैठे कि भाइयों सामने से हट जाओ, हम यहां बांदर (अर्थात हम बंदर नहीं हैं) नहीं बैठे।

एमडी समीरपाल सरो की जेब से चुराया फोन

हरियाणा टूरिज्म के एमडी समीरपाल सरो का भी चोरों ने फोन चुरा लिया। वे चौपाल पर कार्यक्रम में व्यस्त थे। जब उन्होंने किसी को फोन करने के लिए अपना फोन निकाला, तब उन्हें इसका पता चला। एमडी के मुताबिक सीएम जिस वक्त मेला प्रांगण में स्टॉल्स का निरीक्षण कर रहे थे, तब बेहद भीड़भाड़ थी। उसी वक्त किसी ने फोन चोरी कर लिया उधर, बावरिया गिरोह की तीन महिलाएं मेले में स्टॉल्स के आसपास सक्रिय थी। शुक्रवार शाम चार बजे तक मेला कंट्रोल रूम में राष्ट्रीय अखबार के एक छायाकार समेत चार लोगों की जेब कटने की शिकायत पहुंची। कुछ के रुपए तो कुछ के मोबाइल फोन चोरी हो गए। जब कंट्रोल रूम से यह सूचना वायरलेस सेट पर प्रसारित हुई तो क्राइम ब्रांच यूनिट्स सक्रिय हुई और बावरिया गिरोह की महिलाओं को ढूंढना शुरू किया।

परेशानी कलाकारों की जुबानी