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कमिश्नर बोले-आंख बंद कर फाइलें पास नहीं करूंगा, जो प्रोसिजर होगा उसे ही फॉलो करूंगा

निगम सदन की मीटिंग में शुक्रवार को शहर के विकास कार्यों की करीब 300 फाइलों पर आब्जेक्शन लगाने के आरोप में पार्षद भड़क गए।

Dainik Bhaskar

Nov 18, 2017, 07:24 AM IST
counsilor angry on commisioner

फरीदाबाद। निगम सदन की मीटिंग में शुक्रवार को शहर के विकास कार्यों की करीब 300 फाइलों पर आब्जेक्शन लगाने के आरोप में पार्षद भड़क गए। इन्होंने हंगामा करते हुए एडिशनल कमिश्नर पार्थ गुप्ता पर मेयर सुमन बाला से कार्रवाई करने पर जोर दिया। हंगामे के दौरान कमिश्नर गुप्ता भी चुप नहीं रहे। वे बोले आंख बंद कर फाइलें पास नहीं करूंगा। जो प्रोसिजर होगा उसे फॉलो करना पड़ता है। मैं एक ही ठेकेदार को बिना टेंडर के ठेके नहीं देने दूंगा। इससे करप्शन बढ़ता है। सदन में हंगामे को देख मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर ने पार्षदों को शांत कर एडिशनल कमिश्नर से फाइलें पास करने के लिए कहा। मीटिंग में कई प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई।

मीटिंगशुरू होते ही पार्षदों का हंगामा
निगमपार्षद सुरेंद्र अग्रवाल, जयवीर खटाना, बिल्लू यादव, छत्रपाल, दीपक चौधरी, ललिता यादव, सुमन भारती, शीतल खटाना आदि मीटिंग शुरू होते ही एडिशनल कमिश्नर द्वारा फाइलों पर आब्जेक्शन लगाकर रोके जाने को लेकर हंगामा करने लगे। पार्षदों ने कहा कि कमिश्नर साहब जवाब दो। ऐसे काम नहीं चलेगा। पार्षदों के रोष को देख मेयर ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद कमिश्नर ने जरूरी फाइलें पास करने का आश्वासन दिया।

पार्षदों के विरोध के बाद सफाई कर्मचारी भड़के, बोले-देंगे धरना... निगमकी मीटिंग में सफाई कर्मचारियों के खिलाफ पार्षदों के गुस्से के बाद सफाई कर्मचारी यूनियन ने तत्काल नगर निगम सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलवीर बालगुहेर की अध्यक्षता में बैठक की। उन्होंने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि निगम में 31 सौ कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से भी 400 कर्मचारी अधिकारियों, राजनेताओं के निवास पर कार्यरत हैं। 63 कर्मचारी फॉगिंग में, 43 कर्मचारी पशु दस्ते में और 38 डीसी कार्यालय में कार्यरत हैं। बालगुहेर ने निगम सदन, मेयर, पार्षद अधिकारियों से 300 रिक्त सफाई कर्मचारियों के पदों को भरने और निगम सदन की बैठक में 400 सफाई कर्मचारियों के पद सृजित करने की फाइल सरकार से पास कराकर कर्मचारियों की भर्ती करने की मांग की।

सफाई कर्मचारियों को लेकर हुआ बैठक में हंगामा... 40वार्डों में सफाई कर्मचारियों का सही वितरण नहीं होने पर भी पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। पार्षदों ने कर्मचारियों की संख्या सभी वार्डों में एक समान करने के लिए कहा। सीवरेज जाम को लेकर भी सीवरमैन की संख्या बढ़ाने को लेकर मामला खूब गरमाया। सेक्टर-22/23 के बीचोंबीच स्थित एक पार्क का नाम पं. दीनदयाल उपाध्याय करने को लेकर खूब बवाल मचा। पार्षद जयवीर खटाना ने इसे अपने अधिकारों का हनन करार देते हुए कहा कि विधायक ने उनके वार्ड में उन्हें बुलाए बगैर इसका नामकरण कैसे कर दिया, जबकि यह प्रस्ताव सदन में पास ही नहीं किया गया है। अधिकारियों ने गलती मानते हुए इनामकरण दोबारा करने और विधायक के बोर्ड को हटाने का प्रस्ताव पास किया।

क्या हुआ निगम सदन में
-मीटिंगमें सफाई कर्मचारी पार्षदों के निशाने पर रहे, अब एक महीने में इनकी हाजिरी बॉयोमीट्रिक लगाने का प्रस्ताव पास
-एनआईटी के सभी पार्षदों की समस्याओं को लेकर अलग से मीटिंग होगी
-सेक्टर-22 से लेकर एस्कॉर्ट्स मुजेसर फाटक और गौंछी ड्रेन तक लगने वाले संडे बाजार पर कार्रवाई होगी, यहां दुकानें लगाने वाले लोगों के खिलाफ केस दर्ज होगा।
-पार्षद कोटे के 2-2 करोड़ के कार्यों के इस्टीमेट सरकार द्वारा मांगे गए हैं, इन पर जल्द कार्रवाई होगी
-बैठक में अतिक्रमण, अवैध निर्माण, अधिकारियों की मिलीभगत के मामलों को लेकर भी खूब गरमा-गरमी हुई। बाद में मेयर अधिकारियों ने पार्षदों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। मेयर सुमन बाला, सीनियर डिप्टी मेयर देवेंद्र चौधरी, डिप्टी मेयर मनमोहन गर्ग, एडिशनल कमिश्नर पार्थ गुप्ता, ज्वाइंट कमिश्नर अमरदीप जैन, चीफ इंजीनियर डीआर भास्कर, एसई रमेश बंसल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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