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42 इंडस्ट्री से सरकार को 100 करोड़ का रेवेन्यू फिर भी सेक्टर अंधेरे में, एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं

bhaskar news | Last Modified - Nov 05, 2017, 06:56 AM IST

इंडस्ट्रियल सेक्टर-6 के उद्यमियों ने स्ट्रीट लाइट लगवाने के लिए सीएम का दरवाजा खटखटाया है।
42 इंडस्ट्री से सरकार को 100 करोड़ का रेवेन्यू फिर भी सेक्टर अंधेरे में, एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं
फरीदाबाद. इंडस्ट्रियल सेक्टर-6 के उद्यमियों ने स्ट्रीट लाइट लगवाने के लिए सीएम का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने सीएम विंडो पर शिकायत देकर कहा है कि उनके सेक्टर में कुल 142 इंडस्ट्री हैं। इससे सरकार को करीब 100 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जाता है, लेकिन पूरे सेक्टर में एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं है। ऐसे में इन फैक्ट्रियों में काम करने वाले करीब एक लाख से अधिक कर्मचारियों को रात के अंधेरे में निकलना पड़ता है। सेक्टर में आए दिन अापराधिक वारदातें भी होती रहती हैं।

सेक्टर-6 इंडस्ट्रियल सेक्टर के प्रधान नवनीत के अनुसार कुछ समय पहले कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने सेक्टर-6 के उद्यमियों से वादा किया था कि सेक्टर में जगह-जगह स्ट्रीट लाइट लगवा दी जाएंगी, लेकिन अभी तक एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है। इस बारे में वे उद्योग मंत्री को कई बार पत्र लिख चुके है। वहीं निगम को भी स्ट्रीट लाइटें लगवाने के लिए कई बार पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन उद्यमियों की इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
देखरेख होने से ग्रीन बेल्ट खत्म
इंडस्ट्रियलसेक्टर-6 के उद्यमियों ने आपस में पैसा इकट्ठा कर यहां की ग्रीन बेल्ट को हरा भरा बनाया था। पेड़ों के नाम पर यहां के रास्तों के नाम रखे थे। जैसे अशोका मार्ग। ग्रीन बेल्ट डेवलप करने के बाद इनकी देखरेख के लिए उद्यमियों ने नगर निगम से कर्मचारियों की मांग की थी। लेकिन निगम ने कर्मचारी उपलब्ध नहीं कराए। इससे देख-रेख होने से इंडस्ट्रियल सेक्टर की सारी ग्रीन बेल्ट खत्म हो गईं। उद्यमी बलबीर सिंह राव के अनुसार यदि निगम कर्मचारी उपलब्ध करा देता तो ग्रीन बेल्ट की हरियाली कायम रहती।
142 फैक्ट्रियों में 1 लाख से अधिक कर्मचारी
उद्यमीबलबीर सिंह राव ने बताया कि 142 फैक्ट्रियों में एक लाख से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। रात को पूरे सेक्टर में अंधेरा होने से इन कर्मचारियों को किसी तरह की वारदात होने का भय बना रहता है। कई बार कर्मचारियों के साथ अापराधिक वारदातें भी हो चुकी हैं। इससे पहले पूरे सेक्टर में सफाई को लेकर नगर निगम की ओर से कोई सहयोग नहीं दिया जाता। उद्यमियों ने करीब 2 करोड़ रुपए खर्च कर पूरे सेक्टर में साफ सफाई और ग्रीन बेल्ट के रखरखाव का काम किया है, लेकिन प्रशासनिक तौर पर इसकी पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है।
सीवर लाइन छोटी होने से दिक्कत
इसइंडस्ट्रियल सेक्टर में पांच साल पहले जो सीवर लाइन नगर निगम ने डाली है वह काफी छोटी है, इससे पानी की निकासी सही तरीके से नहीं हो पाती है। इससे बारिश में सड़कों पर जलभराव हो जाता है। इससे यहां काम करने वाले कामगारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा माल आने-जाने में गाड़ियों को भी दिक्कत होती है। कई बार गाड़ियां पानी में फंस जाती है। इसलिए यहां के उद्यमियों की मांग है कि सीवर लाइन बड़ी डाली जाए। जिससे यहां पानी की निकासी में दिक्कत हो।
डीसी के सामने भी उठाया था मामला
एफआईएके कार्यकारी निदेशक कर्नल एस कपूर के अनुसार स्ट्रीट लाइट के मसले को तत्कालीन डीसी समीर पाल सरो के सामने भी उठाया गया था। तब डीसी ने उद्यमियों को आश्वासन दिया था कि जल्द ही उनके सेक्टर में स्ट्रीट लाइट और साफ सफाई की व्यवस्था करा दी जाएगी। लेकिन अभी तक कोई भी काम पूरा नहीं हुआ।

स्ट्रीट लाइट को लेकर उद्यमियों को बैठक के लिए बुलाया गया है। जल्द की प्वाइंट चिन्हित कर स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। -रमेशबंसल, अधीक्षण अभियंता नगर निगम
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Web Title: 42 indstri se srkar ko 100 karoड़ ka revenyu fir bhi sektr andhere mein, ek bhi strit laait nahi
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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