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एनजीटी का प्रतिबंध, फिर भी बंद नहीं हुईं डाइंग यूनिटें

30 अक्टूबर को सेक्टर-58 में चलने वाली एक दर्जन डाइंग यूनिटों को बंद करने के साथ उन पर जुर्माना भी लगाया था।

Bhaskar news | Last Modified - Nov 06, 2017, 08:37 AM IST

एनजीटी का प्रतिबंध, फिर भी बंद नहीं हुईं डाइंग यूनिटें
फरीदाबाद. एनजीटी के आदेश के बावजूद सेक्टर-58 में खुलेआम डाइंग यूनिटें चल रही हैं। एनजीटी ने 30 अक्टूबर को सेक्टर-58 में चलने वाली एक दर्जन डाइंग यूनिटों को बंद करने के साथ उन पर जुर्माना भी लगाया था। वहीं पाॅल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को आदेश दिया था कि वह सभी डाइंग यूनिटों को बंद कराए। लेकिन आदेश के पांच दिन बाद भी डाइंग यूनिटें चल रही हैं। सेक्टर-58 से सटे झाड़सेतली गांव की आरडब्ल्यूए के प्रधान चरन डागर का कहना है कि बोर्ड अधिकारी डाइंग यूनिट संचालकों से मिले हुए हैं। डाइंग यूनिटों का वीडियो बनाकर पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों के पास भी भेजा। इसके बावजूद रीजनल आफिसर की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। अब आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी दोबारा से इस वीडियो को ट्रिब्यूनल के सामने पेश करेंगे।

वर्ष 2016 अक्टूबर में झाड़सेतली गांव की आरडब्लूए ने एनजीटी में याचिका डालकर केमिकल युक्त जहरीला पानी छोड़ने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। आरडब्लूए ने कहा था कि केमिकल युक्त पानी से उनके गांव में कैंसर फैल रहा है। कैंसर से मरने वाले लोगों की लिस्ट एनजीटी को सौंपी। 20 हजार की आबादी वाले इस गांव से सटे सेक्टर-58 में कई इलेक्ट्रोप्लेटिंग और डाइंग यूनिटें चल रही हैं। आरडब्लूए के अनुसार फैक्ट्री से निकलने वाला केमिकल खुले में डाल दिया जाता था। इस केमिकल से निकलने वाली गैस लोगों के भीतर जाती है। इसके अलावा डाइंग यूनिट संचालक शाम के समय यूनिट से निकले केमिकल युक्त अवशेष भी जलाते हैं।
ट्रिब्यूनल ने 30 अक्टूबर को सुनाया फैसला
करीब एक साल तक चली सुनवाई में 30 अक्टूबर को एनजीटी ने आरडब्ल्यूए के पक्ष में फैसला सुनाते हुए एक दर्जन डाइंग यूनिटों को बंद करने के साथ उन पर जुर्माने का आदेश सुनाया था। साथ ही पाॅल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को आदेश जारी किए कि वह सेक्टर में जाकर तुरंत डाइंग यूनिटों को बंद कराए।
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