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मां पैरों पे चलना सिखाती है, तो पैरों पे खड़ा होना सिखाता है पिता

बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए बने ढाल, नहीं मानी हार, पहुंचाया शिखर पर, पेश की मिसाल.........

Danik Bhaskar | Jun 17, 2018, 02:30 PM IST
ऋतू लकीना अपने फादर  दलीप के साथ ऋतू लकीना अपने फादर दलीप के साथ

फरीदाबाद. पिता के प्यार को हम चंद शब्दों में बयां नहीं कर सकते। पिता बच्चे के लिए एक संबल होता है, जिसके होने से जिंदगी बहुत आसान लगती है। एक ऐसी ढाल है जो साथ हो तो जीवन सदैव चिंतामुक्त रहता है। पिता अपने अंदर सारी परेशानी को छिपा लेता है। ऐसे तो हर पिता अपने बच्चों की जिंदगी बनाने के लिए अपना पूरा जीवन लगा देता है, पर हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे पिता की कहानी। जिन्होंने अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष किया। उनकी ढाल बनकर हर मोड़ पर उनके साथ डटे रहे और उन्हें बुलंदियों तक पहुंचाया।

बेटी बनना चाहती थी मॉडल, पिता आए सपोर्ट में

- 15 साल की ऋतु लकीना ने हाल ही में मॉडलिंग में मिस टीन इंडिया इंटरनेशनल का खिताब जीता है लेकिन ऋतु का यह सपना पूरा हुआ उनके पिता दिलीप कुमार की बदौलत।

- घर वाले चाहते थे कि ऋतु बड़ी होकर पढ़-लिखकर डॉक्टर बने लेकिन छह साल की उम्र से ही ऋतु ने सोच लिया था कि उसे मिस इंडिया और मिस वर्ल्ड बनना है।

- इस नन्हीं उम्र में मॉडलिंग के फील्ड में उतरना आसान नहीं था। लेकिन दिलीप कुमार अपनी बेटी के साथ हर मोड़ खड़े रहे। कई लोगों ने ऑब्जेक्शन भी उठाए कि यह सही लाइन नहीं है बच्ची को पढ़ाओ-लिखाओ, लेकिन दिलीप अपने बेटी के सपनों को पूरा करने में जुटे रहे।

- अब ऋतु अगले महीने यूएसए में होने जा रहे मिस यूएसए कांपिटीशन में शामिल होंगी। वहां वह इंडिया को रिप्रजेंट करेंगी।

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें दो और लोगों की कहानी...

आकाश कसाना अपने पिता कवर कसाना के साथ। आकाश कसाना अपने पिता कवर कसाना के साथ।

गांव के बेटे को बनाया फ्लाइंग ऑफिसर 

 

- फरीदाबाद के महमूदपूर गांव निवासी 23 साल के आकाश कसाना इंडियन एयरफोर्स में फ्लाइंग आफिसर चुने गए हैं। पूरे गांव व शहर उन पर गर्व कर रहा है। हाल ही में आकाश की दो साल की ट्रेनिंग पूरी हुई। आकाश बचपन से ही इंडियन एयरफोर्स को ज्वाइन करना चाहते थे।

- उनके इस सपने का पूरा करने में साथ दिया पिता कंवर कसाना ने। जो हर मोड़ पर उनके साथ रहे। आकाश ने कहा कि उनके इस मुकाम तक पहुंचने में उनके पिता व मां का बहुत बड़ा योगदान है।

- कई बार अप एंड डाउन के मूमेंट आए लेकिन पिता के सपोर्ट व उनके दिया हौसला हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहा। उनके सपोर्ट की बदौलत ही उन्होंने अपना सपना 
पूरा किया।

निर्मेश वर्मा अपने पिता रतन सिंह वर्मा व ऋतू वर्मा  के साथ। निर्मेश वर्मा अपने पिता रतन सिंह वर्मा व ऋतू वर्मा  के साथ।

देश में छाई भाई-बहन की ये जोड़ी 

 

- शहर के निर्मेश वर्मा व ऋतु वर्मा भाई-बहन की यह जोड़ी पूरे देश में छाई हुई है। प्रोफेशनल डिग्री होने के बावजूद इनके पिता रतन सिंह वर्मा ने अपने बच्चों की खुशी के लिए उन्हें कला से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

- आज के इस दौर मे जहां पिता अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर और साइंटिस्ट बनाना चाहते हैं, वही रतन सिंह वर्मा अपने बच्चों को अपनी रुचि अनुसार प्रेरित करते हुए। इसी का नतीजा है कि भाई-बहन की यह जोड़ी आज अपनी कलात्मक सोच के साथ देश में अपने शहर का नाम रोशन कर रही है। हाल ही इनकी जोड़ी को चंपावत जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित भी किया गया।

- यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया गया था। इसमें अन्य देशों से भी प्रतिनिधि बुलाए गए थे। भाई बहन की यह जोड़ी शिमला मे होने जा रहे “शिमला अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव’ का भी हिस्सा है।  

 

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