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अब अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़कर नहीं कर सकेंगे गर्भवती को रेफर, बीके में बनाया सहायता कक्ष, सीधे किया जाएगा एडमिट

हाल ही में आॅटो व पार्क में गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी होने के मामले मे संज्ञान लेते हुए हेल्थ विभाग ने राहत भरा...

Danik Bhaskar | Jun 15, 2018, 02:00 AM IST
हाल ही में आॅटो व पार्क में गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी होने के मामले मे संज्ञान लेते हुए हेल्थ विभाग ने राहत भरा कदम उठाया है। उसने सीरियस लेबर पेन में आने वाली गर्भवती के लिए स्पेशल सहायता कक्ष बनाया है। ऐसे में अब यहां आने वाली गर्भवती को इमरजेंसी में जाकर फाइल बनवाने और ऊपर के वार्ड में जाकर चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वे सीधे इस रूम में जाएंगी। उनकी जांच होगी और यहीं से उन्हें ऊपर के वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा। अगर लेबर पेन है तो उनकी वहीं डिलीवरी कराई जाएगी।

सेफ्टी के लिए उठाया गया कदम

पिछले दिनों दो ऐसे मामले सामने आए थे, जिसमें एक केस में गर्भवती महिला को स्टाफ ने एडमिट नहीं किया। जब परिजन गर्भवती को ले जाने लगे तो उसकी रास्ते में ही डिलीवरी होने लगी थी। तत्काल महिला को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। इसके बाद दूसरे मामले में गर्भवती की डिलीवरी बीके में इमरजेंसी के सामने बने पार्क में हो गई। मामले के संज्ञान में आने के बाद सीएमओ डा. बीके राजौरा ने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए इमरजेंसी के पास स्पेशल रूम बनाया जाए जहां उन्हें सीधे एडमिट कर ट्रीटमेंट दिया जा सके। उनके उक्त दिशा निर्देश के बाद पीएमओ डा. वीरेंद्र यादव ने इमरजेंसी रूम के पास ही स्पेशल सहायत कक्ष बनवाया है। इसका गुरुवार को सीएमओ डा. बीके राजौरा ने शुभारंभ किया।

भटकने की जरूरत नहीं

रूटीन जांच ओपीडी में ही होगी। जो गर्भवती डिलीवरी के लिए बीके में एडमिट होने आएंगी, उन्हें सीधे इमरजेंसी में पूछताछ करने व फिर ऊपर के वार्ड में जाने के बजाय सीधे सहायता कक्ष में जाना होगा। यहीं उनकी फाइल तैयार की जाएगी।

फरीदाबाद. प्रसूता महिला सहायता कक्ष का उद्घाटन करते डॉ. राजौरा व अन्य।

गर्भवती महिलाओं के लिए यह स्पेशल सहायता कक्ष इमरजेंसी के पास बनाया गया है। तीनों शिफ्ट में स्टाफ नर्स व फोर्थ क्लास की ड्यूटी रहेगी। इससे ढूंढने में महिलाओं को कोई दिक्कत भी नहीं आएगी। यह कक्ष 24 घंटे खुला रहेगा। अब अस्पताल में आने वाली हर गर्भवती को इमरजेंसी के बजाय इस रूम में जाना होगा। यह रूम स्पेशली गर्भवती महिलाओं की सहायता के लिए बनाया गया है।

इमरजेंसी के पास सहायता कक्ष