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किसानों की चेतावनी से डरे अफसरों ने सीएम से मिलवाया

छह माह से आईएमटी में धरने पर बैठे किसानों ने जब मुख्यमंत्री मनोहरलाल को काला झंडा दिखाने की चेतावनी दी तो पुलिस और...

Dainik Bhaskar

Jun 17, 2018, 02:00 AM IST
किसानों की चेतावनी से डरे अफसरों ने सीएम से मिलवाया
छह माह से आईएमटी में धरने पर बैठे किसानों ने जब मुख्यमंत्री मनोहरलाल को काला झंडा दिखाने की चेतावनी दी तो पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। देर रात तक किसानों को मनाने का सिलसिला जारी रहा। आखिर में अधिकारियों ने किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री से मिलाने का फैसला किया। सात किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को सूरजकुंड में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें अपनी मांगों के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि उनकी जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा। इसके बाद किसान शांत हुए। आईएमटी में 17 दिसंबर 2017 से पांच गांव नवादा, मुजेड़ी, मच्छगर, चंदावली और सोतई के किसान अपनी मांगों को लेकर धरने पर हैं। यहां के सांसद एवं मंत्रियों से अपनी समस्या बता चुके हैं लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया।

आईएमटी में धरने पर बैठे किसानों को जब शुक्रवार को पता चला कि मुख्यमंत्री नवादा गांव आ रहे हैं तो उन्होंने मुख्यमंत्री का विरोध करने आैर काला झंडा दिखाने का फैसला किया। सीआईडी के जरिए जब यह बात प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंची तो एसीपी तिगांव बलबीर गोगिया और एसडीएम बल्लभगढ़ राजेश कुमार समेत अन्य अधिकारी शाम को किसानों के पास पहुंचे और मान मनौव्वल में जुट गए। लेकिन किसान अपनी बात पर अड़े रहे। किसानों ने कहा कि वह छह माह से धरने पर बैठे हैं। न कोई अधिकारी आया और न नेता। उक्त अधिकारियों ने इस बात की जानकारी उच्चाधिकारियों काे दी। इन्होंने परेशान हाेकर केंद्रीय राज्यमंत्री से संपर्क कर सीएम से मिलवाने की गुजारिश की।

शनिवार को सूरजकुंड में चल रही संघ व भाजपा की मंथन बैठक में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को रिसीव करने आए मुख्यमंत्री मनोहर लाल से किसानों का सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मिला। प्रतिनिधिमंडल में किसान संघर्ष समिति के प्रधान रामनिवास नागर, रचना शर्मा, कन्हैयालाल धनकड़, प्रीतमपाल, कुलदीप यादव, भगत सिंह नागर व जयपाल शामिल थे। राम निवास ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनकी पूरी सुनी और हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक बढ़ा हुआ मुआवजा दिलाने, जिन किसानों की जमीन ली गई है उनके परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी पर रखने और किसानों को मिलने वाले प्लाट की कीमत कम करने का भरोसा दिया है।

7 किसानों का प्रतिनिधिमंडल मिला सीएम से

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