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फरीदाबाद में बनने वाले उपकरणों के सहारे चलेगी पांच राज्यों के दिव्यांगों की जिंदगी

सीएम मनोहरलाल खट्टर और केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने शनिवार को फरीदाबाद में कृत्रिम अंग बनाने वाली...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 17, 2018, 02:00 AM IST

फरीदाबाद में बनने वाले उपकरणों के सहारे चलेगी पांच राज्यों के दिव्यांगों की जिंदगी
सीएम मनोहरलाल खट्टर और केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने शनिवार को फरीदाबाद में कृत्रिम अंग बनाने वाली इकाई की आधारशिला रखी। इस इकाई में बनने वाले कृत्रिम अंगों के सहारे पांच राज्यों के दिव्यांगों की जिंदगी दौड़ने लगेगी। हरियाणा में इस तरह के उपकरण बनाने की यह पहली इकाई है। अभी उत्तरप्रदेश के कानपुर से ये उपकरण मंगाने पड़ते हैं। इससे इन्हें खरीदने में लागत अधिक आती है। यहां बनने वाले उपकरणों का फायदा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड आैर हिमाचल प्रदेश को मिलेगा।

20 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी इकाई

जिले के नवादा गांव में पांच एकड़ में यह इकाई बनेगी। इसकी लागत 20 करोड़ रुपए आएगी। भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (इलिम्को) की सहायक उत्पादन इकाई एवं स्टेट आॅफ टी-आर्ट कृत्रिम अंग फिटिंग केंद्र का निर्माण कार्य एक साल में पूरा हो जाएगा। इसके बनने से हजारों की संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। यहां बनने वाले उपकरण पांच राज्य पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश तक जाएंगे। अभी हरियाणा समेत अन्य राज्यों में दिव्यांगों के लिए सहायक उपकरण यूपी के कानपुर से मंगाने पड़ते हैं।

उपकरणों का फायदा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड आैर हिमाचल प्रदेश को मिलेगा

उपकरणों की लागत में आएगी कमी

सीएम ने कहा कि फरीदाबाद जिले में इलिम्को की सहायक इकाई के खुलने से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश को लाभ मिलेगा। उक्त प्रदेशों में जरूरी उपकरण यहां से ही भेजे जाएंगे। इससे उपकरणों की लागत में भी कमी आएगी। अभी कानपुर से उपकरण मंगाने में ट्रांसपोर्ट आदि पर अधिक लागत आती है। एक साल बाद उक्त राज्यों को कम लागत में उपकरण आसानी से मुहैया कराए जा सकेंगे। यह सेंटर उत्तर भारत का प्रमुख केंद्र होगा।

यहां बनाए जाएंगे आधुनिक उपकरण

भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (इलिम्को) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डीआर सरीन के अनुसार यहां दिव्यांगों के लिए कृत्रिम अंग जैसे हाथ, पैर, उंगलियां, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, आधुनिक व्हीलचेयर, स्टिक्स, सुपर सोनिक स्टिक्स आदि उपकरणों का निर्माण होगा। इन उपकरणों के सहारे दिव्यांगाें की जिंदगी आसानी से पटरी पर दौड़ने लगेगी। उन्होंने कहा इकाई का निर्माण कार्य एक साल में पूरा हो जाएगा।

लागत अधिक|अभी उत्तरप्रदेश के कानपुर से मंगाने पड़ते हैं उपकरण, इससे इन्हें खरीदने में लागत आती है अधिक

फरीदाबाद. भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (इलिम्को) की सहायक उत्पादन इकाई एवं स्टेट आॅफ टी-आर्ट कृत्रिम अंग फिटिंग केन्द्र का शिलान्यास करते सीएम मनोहर लाल।

दिव्यांगों के लिए बनेगा सीआरसी

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से जल्द ही दिव्यांगों के सर्वांगीण विकास के लिए कंपोजिट रीजनल सेंटर (सीआरसी) हरियाणा के किसी मध्य जिले में खोला जाएगा। इसके जरिए दिव्यांगों का स्किल डेवलपमेंट किया जाएगा। सीएम ने कहा केंद्र एवं राज्य सरकार दिव्यांगों के लिए बेहद गंभीर है। सरकार ऐसे व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा जल्द ही मध्य हरियाणा में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से पांच एकड़ में कंपोजिट रीजनल सेंटर खोला जाएगा। इसके जरिए प्रदेशभर के दिव्यांगों का स्किल डेवलप कर उन्हें रोजगार के लायक बनाया जाएगा। उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत कर उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा।

उपकरण का फायदा|उपकरण का फायदा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड आैर हिमाचल प्रदेश को मिलेगा

लोगों के लिए खुलेंगे राेजगार के अवसर

केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि नवादा गांव में कृत्रिम अंग बनाने के लिए कंपनी को पांच एकड़ जमीन 99 साल के पट्टे पर दी गई है। कंपनी को एक रुपए प्रति एकड़ की दर से शुल्क देना होगा। उन्होंने कहा कि इकाई शुरू होने से फरीदाबाद, पलवल समेत आसपास के जिलों के लिए हजारों की संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

गोशालाओं को सीएम ने दिए 11-11 लाख

शिलान्यास के मौके पर सीएम ने कहा की ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं के विस्तार के लिए अटल सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं। लोक कल्याण की विभिन्न करीब 300 प्रकार की योजनाओं के सही क्रियान्वयन की दिशा में प्रदेश में अंत्योदय सेवा केंद्रों की स्थापना कर उसका लगातार विस्तार किया जा रहा है। गोशालाओं के लिए ग्राम पंचायतों के खातों से नवादा गांव व मोहना गांव को 11-11 लाख रुपए और भूपानी, रसूलपुर खादर व मोठूका गांव को 5-5 लाख रुपए खर्च करने की अनुमति देने के भी डीसी को आदेश दिए।

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