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द ग्रेट पॉलिटिकल मूवी दिल्ली सरकार, 10 दिन चली लेकिन क्लाइमेक्स फीका रहा

एलजी हाउस से उठे केजरीवाल बोले हमारी एक मांग पूरी, चार महीने से हड़ताल कर रहे अफसर काम पर लौटे नौ दिन से राजनिवास...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 20, 2018, 02:00 AM IST

एलजी हाउस से उठे केजरीवाल बोलेहमारी एक मांग पूरी, चार महीने से हड़ताल कर रहे अफसर काम पर लौटे

नौ दिन से राजनिवास में धरने पर बैठे केजरीवाल मंगलवार शाम अचानक बाहर आ गए। जबकि एलजी ने उनकी एक भी मांग नहीं मानी।

ऐसे राजनिवास से बाहर आए मुख्यमंत्री

सिसोदिया ने मंगलवार को मीडिया को बताया कि मंत्रियों ने कई बैठकें बुलाई। सिर्फ रजिस्ट्रार ऑफ को-ऑपरेटिव जो एक महीने से छुट्टी पर हैं, उन्हें छोड़कर सभी आईएएस और दानिक्स ऑफिसर शामिल हुए। मैंने इस पर मुख्यमंत्री से बात की। दूसरा मसला राशन की होम डिलिवरी का है, एलजी साहब इतने दिन में नहीं मिले तो अब वहां वेटिंग रूम में बैठकर राशन का मसला नहीं सुलझ सकता। इसलिए आ जाएं। वो सहमत हो गए।

आखिर... किस लिए चली इतनी लंबी मूवी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमार स्वामी और केरल के मुख्यमंत्री पिनारी विजयन के अलावा कांग्रेस को छोड़कर देश के तमाम बड़े नेताओं का समर्थन केजरीवाल को मिला। 2019 के चुनाव को देखते हुए मोदी विरोध में सीपीआई, सीपीआई (एम), समाजवादी पार्टी, जेडीयू विद्रोही नेता शरद यादव, अखिलेश यादव, रामगोपाल यादव, भाजपा के विद्रोही शत्रुघ्न सिन्हा, यशवंत सिन्हा समेत तमाम नेताओं ने खुलकर सपोर्ट किया। पहले राजनिवास के लिए मार्च और फिर पीएमओ घेराव में भीड़ जुटाकर ताकत दिखाने में सफल रहे।

सीएम की तीन मांगें

एक भी पूरी नहीं, एक ही सवाल

पता था कुछ नहीं होगा तो क्यों दिल्ली के नौ दिन बिगाड़े

1. आईएएस ऑफिसर्स की स्ट्राइक खत्म कराने के लिए जरूरी कदम उठाएं। आदेश जारी करें कि जो काम पर नहीं लौटेगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। यदि जरूरी हो तो एस्मा लगाएं।

उपराज्यपाल ने कोई आदेश जारी नहीं किया और न ही एस्मा लगाया। हां, मुख्यमंत्री की तरफ से ट्विटर पर आश्वासन के बाद अधिकारी बैठक में जरूर शामिल होने लगे।

2. ऐसे ऑफिसर्स के साथ अनुकरणीय कार्रवाई करें जो अभी तक काम को रोक रहे हैं।

एलजी और गृह मंत्रालय शुरुआत से नहीं मान रहे थे आईएएस ऑफिसर्स हड़ताल पर नहीं हैं, इसलिए किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई।

3. राशन की होम डिलिवरी के प्रोजेक्ट को उपराज्यपाल मंजूरी नहीं दे रहे हैं। गरीबों को राशन देने का क्रांतिकारी कदम है। उपराज्यपाल से अनुरोध है कि तुरंत उसे मंजूरी दें।

राशन की होम डिलिवरी की फाइल मंत्री के पास ही है, जिस पर एलजी पहले ही लिख चुके हैं कि केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजें। लिहाजा इस मांग में भी कुछ नहीं हुआ।

जबकि अफसरों ने कहा था-हम हड़ताल पर नहीं, काम कर रहे हैं। सीएम के सुरक्षा और सम्मान के आश्वासन का किया था स्वागत

10 दिन की वह पूरी पिक्चर जो मुख्यमंत्री केजरीवाल ने चलाई

केजरीवाल अधिकारियों की हड़ताल खत्म कराने धरने पर बैठे मुख्यमंत्री नौवें दिन चुपचाप धरना खत्म कर सीएम हाउस पहुंच गए। भास्कर ने इस पूरे मामले को द ग्रेट पॉलिटिकल मूवी दिल्ली सरकार के साथ चलाया। साथ ही बताया कि दिल्ली के जरूरी काम नेताओं के पास ही रुके हैं। सीएम द्वारा सुरक्षा और सम्मान देने अफसरों ने भी स्वागत किया। इसके बाद मंत्री सचिवालय पहुंचे और कई फाइलें निपटाईं।

10 जून - केजरीवाल ने शीला दीक्षित को कहा- मोदी राज में एक साल दिल्ली चला के दिखा दें।

11 जून- एलजी से राजनिवास मिलने पहुंचे अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री सत्येंद्र जैन और गोपाल राय शाम को वहीं धरने पर बैठे।

12 जून- सत्येन्द्र जैन ने भूख हड़ताल शुरू की।

13 जून- भाजपा के विजेन्द्र गुप्ता, मनजिंदर सिंह सिरसा, जगदीश प्रधान, आप के बागी कपिल मिश्रा और सांसद प्रवेश वर्मा सचिवालय में सीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी भूख हड़ताल शुरू की।

आम आदमी पार्टी ने सीएम हाउस से राजनिवास तक रैली निकली।

14 जून- सीएम ने पीएम को अधिकारियों की हड़ताल खत्म कराने पत्र लिखा।

हाईकोर्ट में धरना खत्म कराने याचिका दायर की।

15 जून- सचिवालय में भाजपा विधायकों ने भी भूख हड़ताल शुरू की।

केजरीवाल ने पीएम को दूसरी चिट्‌ठी लिखी।

16 जून- ममता बनर्जी समेत चार मुख्यमंत्री केजरीवाल से मिलने की मंजूरी मांगी, एलजी ने मना किया तो सीएम के घर पहुंचे।

17 जून- को आया टर्निंग प्वाइंट

अधिकारियों ने प्रेसवार्ता कर मंत्रियों के आरोप को झूठा बताया। कहा- फाइलें मंत्रियों के पास ही रुकी है।

भूख हड़ताल कर रहे सत्येन्द्र जैन की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर अधिकारियों को सुरक्षा देने का आश्वासन दिया।

आम आदमी पार्टी ने मंडी हाउस से पीएमओ को घेरने रैली निकाली।

18 जून- हाईकोर्ट ने राजनिवास पर धरने पर बैठे केजरीवाल को लगाई फटकार।

अधिकारियों ने सीएम के साथ औपचारिक बैठक करने की बात कही।

सिसोदिया की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया।

राहुल गांधी ने ट्वीट कर दिल्ली के हालत पर पीएम पर साधा निशाना।

मनीष सिसोदिया ने एलजी को पत्र लिखकर अधिकारियों और मुख्यमंत्री की बैठक बुलाने को कहा।

एक ही दिन में कई फाइलें मंत्रियों ने निपटाई।

19 जून- सचिवालय में धरने पर बैठे विजेन्द्र गुप्ता की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती।

एलजी ने चिट्‌ठी लिखकर केजरीवाल को सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक करने को कहा।

मंत्रियों ने अधिकारियों के साथ सचिवालय में बैठक की।

सीएम केजरीवाल ने धरना खत्म कर िदया।

अस्पतालों से लौटते ही दोनों मंत्रियों ने कई फाइलें निपटाई।

आठ घंटे में 10 बैठकें हुईं और 24 फाइलें निपट गईं, 240 घंटे में कितना काम हो जाता

दिल्ली-एनसीआर

मुख्यमंत्री अगर 19 फरवरी की रात हुई घटना के अगले दिन ही ऑफिसर्स यह बात कह रहे थे कि मुख्यमंत्री सुरक्षा और सम्मान का आश्वासन दें। लेकिन केजरीवाल इससे बचते रहे। केजरीवाल ने 17 जून को अपील की, तभी से आईएएस ऑफिसर्स पॉजिटिव थे। 18 जून से बैठक में आने लगे। केजरीवाल अपील पहले करते तो दिल्ली के करीब साढ़े तीन महीने इस खींचतान में खराब नहीं होते। फिर 240 घंटे फाइलें भी यूं न रुकी रहतीं। सोमवार को एक दिन में मंत्रियों ने करीब दो दर्जन फाइलें निपटाईं और मंगलवार को 10 बैठकें मंत्रियों ने की।

भास्कर सवाल :अगर सीएम 4 महीने पहले हुए सीएस विवाद के दूसरे दिन ही अफसरों की सुरक्षा व सम्मान का दावा करते तो शायद ये हालात न बनते

राजनिवास में डीडीए की बैठक

आप के दो विधायक तीन घंटे नहीं उठे तो एलजी ने पुलिस से निकलवा दिया

भास्कर न्यूज|नई दिल्ली

डीडीए की बैठक में शामिल होने राजनिवास पर आए दो विधायकों को एलजी अनिल बैजल ने पुलिस की मदद से बाहर निकलवा दिया। दोनों विधायक बैठक खत्म होने के तीन घंटे बाद भी बाहर नहीं जा रहे थे।

आप विधायक सोमनाथ भारती और एसके बग्गा डीडीए बोर्ड के सदस्य हैं और उसी की बैठक के लिए राजनिवास आए थे। बैठक एलजी की अध्यक्षता में मास्टर प्लान संशोधन से संबंधित सार्वजनिक सुझावों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। इसमें सुप्रीम कोर्ट की तरफ से दुकान-सह-आवासीय जमीन के विकास, नियंत्रण और गैर अनुरूप क्षेत्रों में मौजूद गोदाम समूह के पुनर्विकास मानदंडों संबंधित मुद्दे शामिल थे।

हर्षवर्धन पहुंचे सचिवालय

भाजपा सांसद विधायक का अनशन भी खत्म

नई दिल्ली| सचिवालय में धरना दे रहे भाजपा सांसद-विधायकों ने भी भूख हड़ताल और धरना खत्म कर दिया। मंगलवार शाम साढ़े छह बजे केन्द्रीय मंत्री हर्षवर्धन सचिवालय पहुंचे। जहां मंत्री ने सांसद प्रवेश वर्मा, विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा, आप के बागी विधायक कपिल मिश्रा को ज्यूस पिलाकर उनकी भूख हड़ताल खत्म कर दी। साथ ही जगदीश प्रधान ने धरना खत्म किया। इसके बाद सभी ने जीपी पंत अस्पताल पहुंच विजेन्द्र गुप्ता का हालचाल जाना।

केजरीवाल को पीएम को तीसरा पत्र

भास्कर न्यूज|नई दिल्ली

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को पीएम मोदी को तीसरा पत्र लिखकर कहा कि जो शक्तियां शीला सरकार के पास थी, वो हमारी सरकार को वापस दे दीजिए। हम हड़ताल खुद खत्म करवा देंगे। आपके पास नहीं आएंगे। आज सभी शक्तियां आपके पास हैं। ऐसे में सारी जिम्मेदारियां हमारी हो, ऐसा कैसे हो सकता है।

मई 2015 के आदेश के तहत आपने सभी शक्तियां हम लोगों से छीन ली है। लोकसभा चुनाव के समय आपने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का वादा किया था। लोगों ने आप पर यकीन कर जमकर आपको वोट दिया और सभी सातों सीट जीता दी। लेकिन आपने पूर्ण राज्य के बजाय जो आधे राज्य के अधिकार थे, वे भी छीन लिए।

फरीदाबाद, बुधवार 20 जून, 2018 |

शीला सरकार के समय की शक्तियां लौटा दें,

मुलाकात के लिए रुके थे

एलजी से मिलना चाहते थे। अफसरों से बात की, एलजी को पत्र भी लिखा, लेकिन मुलाकात की बजाय बाहर निकाल दिया। -सोमनाथ भारती, आप विधायक

विधायक नहीं जा रहे थे

एलजी का आवासीय परिसर छोड़ने से विधायकों ने इंकार कर दिया। उनसे जाने की अपील भी की। लेकिन वह धरने में शामिल होना चाहते थे। -राजनिवास कार्यालय

यह विचित्र है

दो विधायकों को पुलिस की मदद से एलजी हाउस से बाहर निकलवा दिया गया। क्या एलजी नहीं जानते कि विधायकों से मिलना उनका संवैधानिक दायित्व है। यह विचित्र है। -अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री

एलजी का सीएम काे पत्र

सचिवालय में अधिकारी आपका इंतजार कर रहे हैं

नई दिल्ली| एलजी अनिल बैजल ने मंगलवार को सीएम अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा। उन्होंने सीएम से अनुरोध किया कि जनता के हित के लिए सचिवालय जाकर अधिकारियों से मुलाकात करें, वे आपका इंतजार कर रहे हैं। एलजी ने लिखा कि मैं पहले भी अधिकारियों और चुनी हुई सरकार के बीच विश्वास बहाली के प्रयास करने की सलाह दे चुका हूं। मुझे खुशी है कि आपने अधिकारियों को सुरक्षा और सम्मान का आश्वासन दिया है।

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