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22 करोड़ के सरकारी प्रोजेक्ट बूचड़खाने को इनेलो विधायक ने समर्थकों के साथ मिल किया धराशायी

राज्य की मनोहरलाल सरकार काे समर्थन दे रहे इनेलो विधायक नगेंद्र भड़ाना ने 22 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे सरकारी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 22, 2018, 02:00 AM IST

  • 22 करोड़ के सरकारी प्रोजेक्ट बूचड़खाने को इनेलो विधायक ने समर्थकों के साथ मिल किया धराशायी
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    राज्य की मनोहरलाल सरकार काे समर्थन दे रहे इनेलो विधायक नगेंद्र भड़ाना ने 22 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे सरकारी प्रोजेक्ट बूचड़खाने को गुरुवार को धराशायी कर दिया। यह प्रोजेक्ट पाली गांव में बन रहा है। केंद्र एवं राज्य सरकार के इस संयुक्त प्रोजेक्ट की दीवारों काे विधायक ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर तोड़ दिया। यही नहीं वहां बने श्रमिकों के आशियाने भी तोड़ दिए। सीसीटीवी कैमरे और कम्प्यूटर भी तोड़ दिए। इनेलो विधायक के साथ आप नेता धर्मबीर भड़ाना भी थे। इस बूचड़खाने का गांव वाले काफी समय से विरोध कर रहे हैं। इन लोगों का आरोप है कि बूचड़खाना यहां खुलने से पॉल्यूशन फैलने के साथ-साथ बदबू फैलेगी। इससे सांस लेना मुश्किल हो जाएगा। इनका कहना है कि इसका काफी समय से विरोध किया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी इसे बनाया जा रहा है। जब प्रशासन ने इसके काम को रोकने का कोई निर्णय नहीं लिया तो मजबूरी में इसे गुरुवार को धराशायी करना पड़ा।

    इनेलो की इस कार्रवाई का भाजपा ने किया विरोध

    बड़ी संख्या में ग्रामीण इनेलो विधायक के साथ तोड़फोड़ करते रहे लेकिन पुलिस प्रशासन काे इसकी भनक तक नहीं लगी। वहां काम कर रहे श्रमिक जान बचाकर भाग गए। इस तोड़फोड़ के दौरान 2-3 श्रमिकों को चोटें भी आई हैं। एनआईटी के भाजपा प्रत्याशी रहे यशवीर डागर का कहना है कि ऐसे मौकापरस्त लोग सरकार की छवि खराब कर रहे हैं। उनका एनआईटी की जनता आैर राज्य सरकार से कुछ भी लेना देना नहीं है। केंद्रीय मंत्री के इशारे पर यह काम किया गया है। उधर नगर निगम प्रशासन ने भी घटना को गैर जिम्मेदारान बताते हुए मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।

    निगम प्रशासन ने घटना को बताया गैरजिम्मेदाराना, कहा मामले की जांच कर की जाएगी कानूनी कार्रवाई

    इस बूचड़खाने का गांव वाले कर रहे हैं विरोध

    गुरुवार को इनेलो विधायक नगेंद्र भड़ाना अपने समर्थकों के साथ फरीदाबाद-गुड़गांव रोड पर पाली में बन रहे बूचड़खाने पर पहुंचे और तोड़ दिया। इस बूचड़खाने का गांव वाले काफी समय से विरोध कर रहे थे। सुबह करीब 10.30 बजे विधायक, पूर्व चेयरमैन रामबीर भड़ाना, सुंदर सरपंच, रघुबर प्रधान, धर्मबीर भड़ाना, आजाद भड़ाना, महेंद्र ठेकेदार, पप्पू सरपंच मोहबताबाद, श्रद्धा मेंबर, जयवीर, ओमप्रकाश मेंबर, श्यामबीर ब्लाक समिति सदस्य, कपिल भड़ाना, होराम मास्टर के नेतृत्व में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने न केवल काम रुकवा दिया बल्कि दीवारों और स्टोर रूम को गिरा भी दिया।

    विधायक बोले नहीं बनने देंगे बूचड़खाना

    विधायक नगेंद्र भड़ाना ने कहा कि बूचड़खाना किसी भी हालत में नहीं बनने दिया जाएगा। इसके लिए जो भी कीमत चुकानी पड़ेगी तैयार हैं। यदि विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा भी देना पड़ा तो वे देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बूचड़खाना के विरोध में वे स्वयं सीएम से मिलेंगे और जनभावनाआें को देखते हुए इसे यहां न लगाने की गुजारिश करेंगे। उधर ग्रामीणों ने सरकार को चेतावनी दी है किसी भी कीमत पर यहां बूचड़खाना नहीं बनने दिया जाएगा। चाहे इसके लिए कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।

    किसी को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है

    सरकारी काम में जिसने भी बाधा डाली है उसकी जांच की जा रही है। जिन-जिन लोगों ने बूचड़खाने में तोड़फोड़ की है उनकी पहचान कर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। -मोहम्मद शाइन, निगम कमिश्नर।

    फरीदाबाद. फरीदाबाद-गुरूग्राम रोड पर पाली में बनाए जा रहे बूचडख़ाने में तोड़फोड़ करते विधायक व गांव के लाेग।

    बूचड़खाना बनाने वाली कंपनी के अधिकारी आरके सक्सेना ने कहा कि गुरुवार को जो मौके पर हुआ वह ठीक नहीं है। तोड़फोड़ में 2-3 श्रमिकों को चोटें भी आई हैं। वह डरे सहमे हुए हैं। ऐसे में बगैर पुलिस प्रोटेक्शन के काम शुरू करना संभव नहीं है। निगम प्रशासन को इस समस्या के बारे में अवगत करा दिया गया है। व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की है। उनका कहना है यदि बूचड़खाना बनता है तो शहर की गंदगी खत्म हो जाएगी। जिस जगह बूचड़खाना बनाया जा रहा है वह आबादी से करीब चार किमी दूर है। इससे ग्रामीणों को कुछ नुकसान होने वाला नहीं है।

    फरीदाबाद. फरीदाबाद-गुरूग्राम रोड पर पाली में बनाए जा रहे बूचडख़ाने के विरोध में प्रदर्शन करते विधायक नगेन्द्र भड़ाना व गांव के लाेग।

    बगैर पुलिस प्रोटेक्शन के नहीं शुरू होगा काम

    मामले की जांच कराई जा रही है

    पाली गांव में बन रहे बूचड़खाने में तोड़फोड़ करने की बात सामने आई है। निगम कमिश्नर और पुलिस को इस बारे में अवगत करा दिया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है। उचित कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को पत्र लिखा जाएगा। -रमन शर्मा, एसई नगर निगम।

    मंत्री के शह पर प्रोजेक्ट में पैदा की जा रही बाधा

    एनआईटी क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रहे यशवीर डागर ने कहा कि मौकापरस्त विपक्षी विधायक मंत्री की शह पर सरकारी प्रोजेक्ट में बाधा पैदा कर रहे हैं। इनका क्षेत्र की जनता और भाजपा सरकार से कुछ भी लेना देना नहीं है। ऐसे लोग सरकार की छवि खराब करने में लगे हैं। क्षेत्र में एक जाति विशेष को खुश करने के लिए यह काम किया गया है। यदि सरकार के इतने ही हितैषी होते तो सरकारी प्रोजेक्ट में बांधा उत्पन्न नहीं करते।

    यह है बूचड़खाने का प्रोजेक्ट

    अरावली की पहाड़ियों में बसे पाली गांव की करीब एक हेक्टेयर जमीन पर केंद्र एवं राज्य सरकार का संयुक्त प्रोजेक्ट बूचड़खाना बनाया जा रहा है। दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी को इसका काम सौंपा गया है। 22 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में 13 करोड़ राज्य सरकार और 9 करोड़ केंद्र सरकार के हैं। नगर निगम और कंपनी अधिकारियों के मुताबिक सुप्रीमकोर्ट और एनजीटी की गाइडलाइन के मुताबिक प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है। इसे बनाने के लिए राज्य सरकार के अतिरिक्त वन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी ली जा चुकी है। इस बूचड़खाने में बकरी और मुर्गी का मांस ही उपलब्ध होगा। उन्हें काटने से पहले पशुपालन विभाग के डॉक्टरों से जांच की जाएगी। बूचड़खाने में आधुनिक यंत्रों और सुविधाआें की व्यवस्था होगी। कहीं पर भी न तो खून दिखाई देगा और न ही गंदगी। यहां तक कि मांस को बाजार तक पहुंचाने के लिए वाहन तक की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

    मार्च 2019 तक इसे बनकर तैयार होना है

    कंपनी अधिकारियों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट को मार्च 2019 तक बनकर तैयार होना है। दो दिन पहले केंद्रीय फूड एंड प्रोसेसिंग मंत्रालय में इस प्रोजेक्ट को लेकर बैठक भी हुई थी। जिसमें नगर निगम के एसई रमन शर्मा शामिल हुए थे। इस बैठक में प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। बूचड़खाना बनाने वाली कंपनी के अधिकारी आरके सक्सेना ने बताया कि 15 अप्रैल 2018 से बूचड़खाना बनाने का काम शुरू हो गया था। 8 मई को बाउंड्रीवॉल बनाई जा रही थी।

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