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दो माह से किसी भी सबडिवीजन पर नहीं मिल रही हैं एलईडी लाइटें, कंज्यूमर खा रहे हैं धक्के

सेव एनर्जी का नारा देने वाले बिजली निगम के स्टॉक में दो माह से एलईडी बल्ब व ट्यूबलाइटें नहीं हैं। कंज्यूमर इन्हें...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 30, 2018, 02:00 AM IST

  • दो माह से किसी भी सबडिवीजन पर नहीं मिल रही हैं एलईडी लाइटें, कंज्यूमर खा रहे हैं धक्के
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    सेव एनर्जी का नारा देने वाले बिजली निगम के स्टॉक में दो माह से एलईडी बल्ब व ट्यूबलाइटें नहीं हैं। कंज्यूमर इन्हें खरीदने के लिए निगम के पास जाते हैं तो वहां स्टॉक न होने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया जाता है। कंज्यूमर परेशान हैं लेकिन निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। दो महीने से यह समस्या बनी हुई है। प्रदेश में उजाला योजना के तहत बिजली उपभोक्ताओं को सब्सिडी रेट पर एलईडी बल्ब और ट्यूबलाइटें उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन आलम यह है कि दो माह से निगम के पास इनका स्टॉक ही नहीं है। फरीदाबाद जिले में औसतन हर माह 12 हजार के करीब एलईडी और ट्यूबलाइटों की सेल निगम से होती है लेकिन दो माह से स्टॉक ही नहीं है। फरीदाबाद जिले में सभी वर्ग के करीब पांच लाख उपभोक्ता हैं।

    मार्केट रेट से सस्ते दाम में

    सरकार ने उजाला योजना के तहत एक प्राइवेट कंपनी के साथ मिलकर काम शुरू किया था। इसका मोटिव एनर्जी सेविंग था। इसके तहत निगम अपने कंज्यूमर को मार्केट रेट से बेहद कम दाम पर एनर्जी एफिशिएंसी एलईडी बल्ब, ट्यूबलाइट व पंखे उपलब्ध करा रहा था। निगम की ओर से जो एलईडी 65 रुपए में दी जा रही थी, वह मार्केट में 100 से 120 रुपए में मिल रही है। इसके अलावा जो एनर्जी सेविंग पंखे निगम 1100 रुपए में दे रहा था, उनकी मार्केट में वैल्यू ढाई से तीन हजार रुपए के बीच है। ऐसे में शहर में इनकी काफी खरीदारी थी। निगम की ओर से सभी सबडिवीजन सेंटरों पर कंपनी की ओर से इसका स्पेशल काउंटर चलाया जा रहा था।

    इस तरह कैसे होगी सेव एनर्जी

    निगम सेव एनर्जी का नारा दे रहा है। लेकिन वह खुद ही इस पर अमल नहीं कर पा रहा है। सरकार अपने उपभोक्ताओं को जो एलईडी बल्ब और ट्यूबलाइटें देता है उनकी बिजली खपत बहुत कम है। साथ ही उनके रेट भी मार्केट से करीब आधे हैं। लेकिन निगम के पास इनका स्टॉक ही नहीं है। अगर लोग इनका उपयोग करेंगे तो एनर्जी सेव होगी। यही आलम है कि निगम डिमांड के अनुरूप शहर काे बिजली नहीं दे पा रहा है। इससे ओवरलोडिंग और बिजली कटौती की समस्या बढ़ रही है। शहर में बिजली कटौती से हर कोई परेशान है। भीषण गर्मी में तापमान लगातार बढ़ रहा है। इससे बिजली सिस्टम जवाब दे रहा है। बढ़ती डिमांड को देखते हुए सरकार एसी का टेंपरेचर तक फिक्स करने पर नियम लाने का विचार कर रही है।

    लोग बोले, कैसे सेव करें एनर्जी

    एनआईटी-5 निवासी रविंद्र चावला ने कहा कि वह एक माह से बिजली दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। उन्हें अपने घर के लिए एलईडी बल्ब व ट्यूबलाइटें चाहिए। लेकिन यहां आए तो पता चला कि ऊपर से ही स्टॉक नहीं आ रहा है। निगम और सरकार एक ओर एनर्जी सेविंग की बात कर रही है। वहीं दूसरी ओर इतने समय से यहां सामान ही नहीं मिल रहा है। अब ऐसे में जो लोग बिजली सेविंग करना भी चाहते हैं, वह भी नहीं करेंगे। क्योंकि मार्केट में यही उपकरण डबल रेंज में हैं। इतने दिन बीतने के बाद भी निगम या गवर्नमेंट की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।

    बिजली निगम कह रहा ऊपर से नहीं हो रही सप्लाई

    यह काम एक प्राइवेट कंपनी कर रही है। कुछ समय से स्टॉक खत्म है। इस बारे में ऊपर लिख दिया गया है। दरअसल जो कंपनी यह सुविधा देती हैं, उसने अपना वेंडर चेंज किया है। इससे कुछ समय के लिए यह सुविधा प्रभावित है। लेकिन जल्द ही यह मिलनी शुरू हो जाएगी। जिससे कंज्यूमर को कोई परेशानी न हो। - पीके चौहान, एसई, बिजली निगम, फरीदाबाद।

    दो माह से नहीं आ रहा स्टॉक

    कंपनी की ओर से इन काउंटरों पर स्टॉक नहीं भेजा जा रह है। एक सबडिवीजन से रोज करीब 20-25 एलईडी बल्ब बिकते हैं। फरीदाबाद में चार डिवीजन में 18 सबडिवीजन हैं, जहां इसके लिए अलग से स्पेशल काउंटर बने हुए थे। कम रेट में और एनर्जी सेविंग होने की वजह से लोग इसकी काफी खरीदारी करते हैं। लेकिन पिछले दो माह से स्टॉक न आने से लोग इसकी खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं। लोग आते हैं और पूछताछ कर चले जाते हैं। इसकी वजह से उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

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