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1.67 किमी. सड़क की लागत ‌Rs.60 करोड़, सीएम ने रोकी फाइल, रेट रिवाइज का आदेश

स्मार्ट सिटी के तहत 1.67 किलाेमीटर सड़क बनाने की लागत 60 करोड़ रुपए देख सीएम मनोहर लाल हैरान रह गए। उन्होंने तत्काल इस...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 13, 2018, 02:00 AM IST

1.67 किमी. सड़क की लागत ‌Rs.60 करोड़, सीएम ने रोकी फाइल, रेट रिवाइज का आदेश
स्मार्ट सिटी के तहत 1.67 किलाेमीटर सड़क बनाने की लागत 60 करोड़ रुपए देख सीएम मनोहर लाल हैरान रह गए। उन्होंने तत्काल इस प्रोजेक्ट की फाइल पर रोक लगाते हुए रेट रिवाइज करने का अादेश दिया। गुरुवार को इस बारे में निगम अफसरों और स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों की बैठक होगी। इसके बाद नए सिरे से रेट तय कर टेंडर जारी किया जाएगा। हैरानी की बात यह है कि स्मार्ट सिटी के तहत बनने वाली इस सड़क के बारे में मेयर और डिप्टी मेयर तक को जानकारी नहीं है। यानी स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने उन्हें जानकारी देना तक उचित नहीं समझा।

जानकारी के अनुसार स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत कंपनी ने स्मार्ट रोड बनाने का निर्णय लिया था। इस निर्णय को एक साल हो गए। नेशनल हाईवे बड़खल चौक से लेकर बाइपास तक रोड को सिक्स लेन बनाकर स्मार्ट रोड बनाना है। इसे 19-28 की डिवाइडिंग रोड भी कहा जाता है। नगर निगम सूत्रों का कहना है कि शहर की पहली स्मार्ट रोड बनाने के लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने 60 करोड़ रुपए बजट का दिसंबर में ही टेंडर कर दिया था। पिछले महीने इसका वर्क अलॉट कर दिया गया। इस रोड को बनाने का प्रस्ताव स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा नियुक्त लासा कंसल्टेंट कंपनी ने तैयार किया है।

मेयर और डिप्टी मेयर तक को नहीं है इस सड़क के बनने के बारे में जानकारी

फरीदाबाद. सेक्टर 28-19 डिवाइडिंग रोड।

मंत्री के आवास का है संपर्क मार्ग

स्मार्ट सड़क के रूप में प्रस्तावित यह सड़क केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्ण्पाल गुर्जर के आवास सेक्टर-28 आैर दफ्तर का संपर्क मार्ग है। इस सड़क पर लोगों को विश्वस्तरीय सुिवधाएं मिलने का दावा किया गया है। लेकिन 1.67 किलोमीटर सड़क बनाने में 60 करोड़ रुपए की लागत आने की बात किसी के गले नहीं उतर रही। कंसल्टेंट कंपनी ने किस आधार पर सड़क का प्रोजेक्ट तैयार किया है यह कोई बताने को तैयार नहीं है। यही नहीं स्मार्ट सिटी लिमिटेड का कोई अधिकारी भी बोलने को तैयार नहीं है।

फाइल देखकर मुख्यमंत्री हो गए हैरान

निगम सूत्रों का कहना है कि स्मार्ट सड़क बनाने की फाइल जब मुख्यमंत्री मनोहरलाल के टेबल पर गई तो वह इसे देखकर हैरान रह गए। उन्हें भी समझ में नहीं आया कि 1.67 किमी. की सड़क बनाने में 60 करोड़ रुपए की लागत कैसे आ सकती है। उन्होंने फाइल पर रोक लगाते हुए स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों से प्रोजेक्ट की लागत रिवाइज करने का आदेश दे दिया। स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ मोहम्मद शाइन का कहना है कि इस स्मार्ट रोड बनाने के प्रोजेक्ट पर एक मीटिंग बुलाई है।

मेयर व डिप्टी मेयर तक को नहीं है जानकारी

इस सड़क के िनर्माण और लागत के बारे में जब मेयर सुमन बाला और डिप्टी मेयर मनमोहन गर्ग से बात की गई तो दोनों ने इस बारे में किसी भी तरह की जानकारी होने से इंकार कर दिया। बाद में मेयर सुमन बाला ने स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकािरयों से बात कर बताया कि 60 करोड़ की लागत से सड़क बननी थी लेकिन किसी कारणवश अभी फाइल रोक ली गई है। दोनों मेयर ने बताया कि स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत किए जाने वाले किसी काम के बारे में उन्हें जानकारी नहीं दी जाती।

स्मार्ट सड़क पर यह

होगा काम

स्मार्ट सड़क पर आॅटोमेटिक एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी।

पूरे सड़क पर वाई-फाई की सुिवधा होगी।

सड़क के बीच में आने वाले लगभग 10 ट्रांसफार्मर व बिजली के तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा।

अलग साइकिल ट्रैक अौर सड़क के दोनों तरफ वेंडिंग जोन बनाया जाएगा।

सड़क पर ध्वनि प्रदूषण, जल प्रदूषण रोकने के इंतजाम किए जाएंगे।

पूरी स्मार्ट सड़क सीसीटीवी कैमरे से युक्त होगी, चलने वाले वाहनों के नंबर की रीिंडंग होगी।

सड़क के दोनों ओर खूबसूरत फुटपाथ बनाए जाएंगे आदि।

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