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बिना आदेश उजाड़े रेहड़ी पटरी वाले, एसडीओ बोले एमएलए का था प्रेशर

नगर िनगम कमिश्नर रेहड़ी पटरी वालों को स्थायी जगह देने की बात कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर उनके ही अधिकारी राजनैतिक...

Danik Bhaskar | Jun 13, 2018, 02:00 AM IST
नगर िनगम कमिश्नर रेहड़ी पटरी वालों को स्थायी जगह देने की बात कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर उनके ही अधिकारी राजनैतिक दबाव में तोड़फोड़ करने की कार्रवाई को अंजाम दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सोमवार को डबुआ मंडी का आया। नगर निगम के एसडीओ बीएस रावत वहां पहुंचे और मंडी की दीवार से लगने वाली 25 रेहड़ियों को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया। हैरानी की बात यह है कि उनके पास निगम के किसी उच्चाधिकारी का कोई आदेश तक नहीं है। खुद ज्वाइंट कमिश्नर संदीप अग्रवाल ने इस पूरे मामले की जानकारी होने से इंकार कर दिया। हरियाणा हॉकर्स फेडरेशन के प्रधान जगराम के अनुसार डबुआ मंडी की दीवार के साथ राम बाबू, आरएन सिंह, राम बख्श, सुरेश, भूषण, श्याम सुंदर, दीपक समेत 25 लोग 22-25 वर्षों से रेहड़ी लगाकर अपने परिवार का गुजारा करते आ रहे हैं। सोमवार को नगर निगम के एसडीओ बीएस रावत दलबल के साथ वहां पहुंचे और सारी रेहड़ी पटरी तोड़ दी। मंगलवार को रेहड़ी पटरी वाले ज्वाइंट कमिश्नर संदीप अग्रवाल से मिले और उन्हें समस्या बताई। एसोसिएशन के प्रधान ने कहा कि खुद सरकार ने इस बात की घोषणा की है कि जब तक सर्वे नहीं होगा, तब तक कोई रेहड़ी नहीं हटाई जाएगी। किसी को हटाने का कमिश्नर ने भी कोई आर्डर नहीं दिया है। फिर किसके आदेश पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई।

एमएलए का था दबाव तब की गई तोड़फोड़

खुद एसडीओ बीएस रावत ने कहा कि उन्हें इन रेहड़ी पटरी वालों को हटाने के लिए एमएलए का दबाव था। वह कभी ज्वाइंट कमिश्नर तो कभी डीसी के आदेश से हटाने की बात करते रहे। आखिर में उन्होंने कहा कि हम लोग मिलकर विधायक को कन्वेंशन करेंगे। फिर से इन्हें बसाने की व्यवस्था कराएं। जबकि ज्वाइंट कमिश्नर संदीप अग्रवाल ने कहा कि कुछ हॉकर उनसे मिलने आए थे। किस आधार पर वहां तोड़फोड़ की गई इसकी जांच की जाएगी। हमारी तरह से तोड़फोड़ के लिए कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।

फरीदाबाद. डबुआ मंडी के पास नगर निगम ने तोड़ी रेहड़िया।

एमएलए ने सीएम विंडो का बनाया बहाना

एमएलए नगेंद्र भड़ाना का कहना है कि जिन लोगों की रेहड़ी तोड़ी गई हैं वे रास्ते में लगाते थे। इससे लोगों काे आने-जाने में परेशानी होती थी। 100-200 लोगों के चक्कर में अन्य लोगों को परेशान नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि कुछ लाेगों ने सीएम विंडो में शिकायत दर्ज कराई थी। उनसे सवाल किया गया कि जब 22-25 साल से रेहड़ी लग रही थीं तो उन्हें क्यों नहीं हटाया गया। इस सवाल का उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।