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7 हजार से अधिक प्लाटधारकों को थमाए 460 करोड़ के नोटिस, बिफरे सेक्टरवासी, आज निकालेंगे कैंडल मार्च

शहर के सात हजार से अधिक प्लाट मालिकों को इनहांसमेंट के नाम पर हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (हुडा) ने 460 करोड़ की...

Danik Bhaskar | Jul 03, 2018, 02:00 AM IST
शहर के सात हजार से अधिक प्लाट मालिकों को इनहांसमेंट के नाम पर हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (हुडा) ने 460 करोड़ की वसूली के नोटिस थमाए हैं। नोटिस मिलते ही प्लाट मालिकों ने विरोध शुरू कर दिया है। इनका कहना है कि यह वसूली नाजायज है, इसलिए वे फूटी कौड़ी नहीं जमा करेंगे। सरकार यह फैसला वापस ले। हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर कन्फैडरेशन ने कहा कि 3 जुलाई को फरीदाबाद सहित प्रदेशभर में सरकार के इस फैसले के विरोध में कैंडल मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद भी सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो सत्ता पक्ष के विधायक व मंत्रियों को सेक्टरों में घुसने नहीं दिया जाएगा। उधर हुडा का कहना है कि सरकार ने प्लाट मालिकों को एकमुश्त इनहांसमेंट की राशि जमा करने पर 40 फीसदी तक छूट देने की घोषणा की है। इसकी अंतिम तारीख 14 जुलाई है। लोग स्कीम का लाभ उठाएं।

यह है इनहांसमेंट का पूरा मामला

हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर कन्फैडरेशन के संयोजक यशवीर मलिक के अनुसार हुडा ने सेक्टर बसाने के लिए जिन किसानों की जमीन ली थी उन्हें मुआवजा कम दिया था। किसान अधिक मुआवजे की मांग को लेकर हाईकोर्ट चले गए थे। कोर्ट ने वर्ष 2005 में 200 से 250 रुपए प्रति वर्गगज की दर से मुआवजा बढ़ाकर देने का आदेश दिया था। हुडा ने प्रभावित किसानों के पैसे जमा करा दिए। अब 13 साल बाद हुडा किसानों को दिए पैसे को प्लाटधारकों से वसूलने के लिए नोटिस जारी कर रहा है। प्लाट मालिक कोर्ट के फैसले के अनुसार इनहांसमेंट राशि जमा करने को तैयार हैं। लेकिन 13 साल का प्लाट की साइज के हिसाब से जो 15 फीसदी की दर से ब्याज वसूला जा रहा है।

सेक्टरवासी बोले जारी रहेगा विरोध, नहीं जमा करेंगे फूटी कौड़ी

मामले में मंत्रियों से हस्तक्षेप करने की मांग

हुडा की ओर से सेक्टर आठ के रेजीडेंट्स काे भेजे गए इनहांसमेंट नोटिस का लोगों ने विरोध किया है। सोमवार को आरडब्ल्यूए सेक्टर-8 के सदस्यों ने बैठक कर हुडा की इस कार्रवाई का विरोध किया। पदाधिकारियों ने केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर एवं कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। आरडब्ल्यूए के प्रधान विजेंद्र सिंह की ओर से एकता पार्क में आयोजित बैठक में मुख्य वक्ता एडवोकेट एनके गर्ग ने कहा कि सेक्टर आठ हाउसिंग स्कीम के तहत वर्ष 1973 में अलॉट किया गया था। 45 साल बाद हुडा की ओर से लोगों को एसएमएस के जरिए नोटिस भेजे जा रहे हैं।

बैंक भी इतना महंगा ब्याज नहीं लेता

कन्फैडरेशन का कहना है कि हुडा तो बैंक से अधिक ब्याज वसूल रहा है। किसी भी बैंक में सबसे अधिक ब्याज पर्सनल लोन पर 12 फीसदी तक लिया जाता है। क्योंकि वह लोन अनसिक्योर्ड होता है। जबकि हाउस लोन पर ब्याज दर 8.55 फीसदी तक है। हुडा तो गैरकानूनी तरीके से 15 फीसदी ब्याज के साथ इनहांसमेंट राशि वसूल रहा है। उन्होंने कहा जब हुडा ने वर्ष 2005 में किसानों को बढ़ा मुआवजा दे दिया तो उसी समय प्लाट मालिकों को नोटिस जारी कर उस दर से शुल्क वसूलना चाहिए था। 13 साल बाद 15 फीसदी की दर से शुल्क वसूलना अनुचित है।


फरीदाबाद.

शहर की सेक्टर व कॉलोनियां।

प्रदेश के 18 जिले हैं इनहांसमेंट के विरोध में

हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर कन्फेडरेशन के मुताबिक प्रदेश के 18 जिलों में इनहांसमेंट का विरोध किया जा रहा है। विरोध में गुड़गांव, फरीदाबाद, रेवाड़ी, झज्जर, बहादुरगढ़, रोहतक, भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, कैथल, जींद, पानीपत, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, करनाल जिले शामिल हैं। राज्य सरकार प्रदेशभर में हुडा द्वारा बसाए गए सेक्टरों से करीब 1.5 लाख प्लाट मालिकों से 21 हजार करोड़ रुपए वसूलना चाहती है। संस्था के संयोजक यशवीर मलिक के अनुसार तीन महीने से विरोध हो रहा है। पानीपत में 40 दिन से अनशन जारी है।


प्रभावित सेक्टर और हाउस होल्ड

सेक्टर मकानों की संख्या

सेक्टर-46 करीब 1600

सेक्टर-21सी पार्ट-3 करीब 2000

सेक्टर-48 करीब 800

सेक्टर-85 करीब 400

सेक्टर-87 करीब 400

सेक्टर-08 करीब 1000

सेक्टर-55, 56 व 56ए आदि करीब 200(औद्योगिक प्लाट)

प्लाट साइज पर ब्याज सहित बनने वाला अनुमानित शुल्क








गज प्लाट मालिक पर अनुमानित शुल्क करीब 2 लाख

गज प्लाट मालिक पर करीब 4 लाख रुपए

गज प्लाट मालिक पर करीब 5 लाख रुपए

गज प्लाट मालिक पर करीब 7.50 लाख रुपए

गज प्लाट मालिक पर करीब 8 लाख रुपए

गज प्लाट मालिक पर करीब 10 लाख रुपए