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नहर पार के किसानों की सुनवाई नहीं : वशिष्ठ

फरीदाबाद| नहर पार ग्रेटर फरीदाबाद के पांच गांवों की कुल 350 एकड़ अधिग्रहित की गई जमीन का 9 साल से तत्कालीन सरकार व...

Danik Bhaskar | Jul 05, 2018, 02:00 AM IST
फरीदाबाद| नहर पार ग्रेटर फरीदाबाद के पांच गांवों की कुल 350 एकड़ अधिग्रहित की गई जमीन का 9 साल से तत्कालीन सरकार व वर्तमान सरकार ने कोई हल नहीं निकाला है। जबकि सरकार के नुमाइंदों से इस मामले में कई दौर की मुलाकात हो चुकी है। इस मुद्दे को लेकर नहर पार के किसानों की एक बैठक सेक्टर-9 में हुई। इसकी अध्यक्षता किसान संघर्ष समिति ग्रेटर फरीदाबाद के अध्यक्ष एडवोकेट शिवदत्त वशिष्ठ ने की। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की जमीन जबर्दस्ती अधिग्रहीत हुई थी वे अपनी जमीन को लैंड एक्सचेंज पॉलिसी में शामिल कराने के लिए तैयार हो सकते हैं। प्रदेश की वर्तमान सरकार ने लैंड एक्सचेंज पॉलिसी बनाई है। इस पॉलिसी को अमल में लाने के लिए नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। इसके तहत सोनीपत जिले के गांव बड़खालसा में लगभग 70 किसानों की 22 एकड़ जमीन एक्सचेंज कर दी गई है। नहर पार के किसान भी मांग करते हैं यदि अधिग्रहित की गई जमीन का मुआवजा सरकार पांच करोड़ प्रति एकड़ के हिसाब से नहीं दे सकती तो सरकार किसानों की जमीन के बदले उससे लगती जमीन के पास जमीन दे दिए तो कोई एतराज नहीं होगा।