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एमडीयू ने हटाया 50% वाला नियम अब पहले की तरह ही एडमिशन होंगे

तीसरे सेमेस्टर में दाखिला लेने के लिए पहले सेमेस्टर के 50 प्रतिशत विषय में पास होना व पांचवें सेमेस्टर में दाखिले...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 13, 2018, 02:00 AM IST

एमडीयू ने हटाया 50% वाला नियम अब पहले की तरह ही एडमिशन होंगे
तीसरे सेमेस्टर में दाखिला लेने के लिए पहले सेमेस्टर के 50 प्रतिशत विषय में पास होना व पांचवें सेमेस्टर में दाखिले के लिए पहले सेमेस्टर के 100 प्रतिशत विषय में पास होना अनिवार्य के नियम के विरोध के बाद एमडीयू ने इसे वापस ले लिया है। अब पहले की तरह ही एडमिशन होंगे। नियम को वापस लेने के बाद संघर्ष कर रहे छात्र संगठनों ने खुशी मनाई। एमडीयू के इस नए फरमान के विरोध में छात्र संगठन मैदान में उतर आए थे। युवा आगाज व एनएसयूआई के छात्र नेता लगातार इसका विरोध कर रहे थे। प्रदर्शन व ज्ञापन के जरिए इस नियम को वापस लेने की मांग कर रहे थे। इसके बाद इस नियम को यूनिवर्सिटी ने वापस ले लिया। खबर मिलते ही सभी छात्र ख़ुशी से झूम उठे। सभी छात्रों ने कॉलेज कैंपस में मां सरस्वती की मूर्ति के पास इकट्ठा होकर एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया। युवा आगाज के संयोजक जसवंत पंवार ने कहा कि यूनिवर्सिटी को शिक्षा व्यवस्था को और भी बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए। या तो इस सेमेस्टर सिस्टम को ख़त्म किया जाए या फिर सेमेस्टर सिस्टम को ही बेहतर बनाया जाए। इस मौके पर छात्र नेता अजय डागर, संजीव अत्री, अंकित शर्मा, मनोज, सुनील, योगेश, अभिषेक, चंद्रपाल, अर्जुन, आनंद, हिमांशु भट्ट, पुष्कर यदुवंशी, बलजीत, पवन, दीपक, हर्ष, राजू श्योराण समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

9 दिन किया फरमान का विरोध

एनएसयूआई के प्रदेश सचिव कृष्ण अत्री ने पत्रकार वार्ता में कहा कि कड़े विरोध के बाद एमडीयू ने अपना यह नियम वापस ले लिया। एनएसयूआई लगातार 9 दिन से इसका विरोध कर रही थी। इस नियम के खिलाफ अलग-अलग कॉलेजों में प्रदर्शन किया। लघु सचिवालय का घेराव कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। तब जाकर एमडीयू ने छात्रों के संघर्ष के समक्ष अपने घुटने टेके हैं। अत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राइवेट कॉलेज और सरकारी कॉलेजों के छात्रों के साथ भेदभाव की नीति अपना रही है। सरकारी कॉलेजों में जहां एमडीयू के इस नियम का हवाला देते हुए छात्रों का एडमिशन नहीं लिया जा रहा था। वहीं प्राइवेट कॉलेजों में यह नियम देखने को ही नहीं मिल रहा था। प्राइवेट कॉलेजों में छात्रों को एडमिशन शुरू से ही दिया जा रहा था। उन्होंने कहा एनएसयूआई छात्रों के हितों के लिए हमेशा संघर्ष करती आई है और करती रहेगी। इस मौके पर उपाध्यक्ष सुनील मिश्रा, महासचिव रूपेश झा, विकास फागना, दिनेश कटारिया, मोहित त्यागी, कुंज बैसोया, अजीत त्यागी, रोहित कबीरा, अभिषेक वत्स, सोनू सिंह, उत्तम गौड़, अंकित सिंह आदि मौजूद थे।

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