• Hindi News
  • Haryana
  • Faridabad
  • बिजली लाइनों पर दुर्घटनाएं बढ़ीं, जर्जर हो चुका है सिस्टम, कर्मी बोले कभी भी हो सकता है हादसा

बिजली लाइनों पर दुर्घटनाएं बढ़ीं, जर्जर हो चुका है सिस्टम, कर्मी बोले कभी भी हो सकता है हादसा / बिजली लाइनों पर दुर्घटनाएं बढ़ीं, जर्जर हो चुका है सिस्टम, कर्मी बोले कभी भी हो सकता है हादसा

Bhaskar News Network

Jul 13, 2018, 02:00 AM IST

Faridabad News - शहर में आए दिन बिजली कर्मचारियों को बिजली दुरुस्त करते समय होने वाले हादसों की रोकथाम को लेकर एनआईटी में हरियाणा...

बिजली लाइनों पर दुर्घटनाएं बढ़ीं, जर्जर हो चुका है सिस्टम, कर्मी बोले कभी भी हो सकता है हादसा
शहर में आए दिन बिजली कर्मचारियों को बिजली दुरुस्त करते समय होने वाले हादसों की रोकथाम को लेकर एनआईटी में हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिकसिटी बोर्ड वर्कर्स यूनियन की बैठक हुई। इसमें कर्मचारियों ने कहा कि शहर में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर एकदम कंडम हो चुका है। इस पर काम करना बिजली कर्मचारियों के लिए जोखिम भरा है। कई सबस्टेशनों की हालत तो ऐसी है कि कभी भी वहां बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन इस पर निगम अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। यूनियन के वरिष्ठ नेता सुनील खटाना ने कहा कि शहर के पावर हाउसों की हालत चिंताजनक है। इनमें ए-5, 66 केवी सबस्टेशन सेक्टर-3 में सप्लाई चालू करने पर वीसीबी लगाते हुए चार कर्मचारी झुलसे व 66 केवी सबस्टेशन प्याली चौक पर और एक बिजली कर्मचारी वीसीबी लगाते हुए धमाके के साथ गिरकर हादसे का शिकार हो गया। इसके बाद हाल ही में 220 केवी सबस्टेशन पल्ला पॉवर हाउस में इसी तरह बड़े ट्रांसफॉर्मर में धमाके के साथ लगी भयंकर आग से बिजली निगम का करोड़ों का नुकसान हुआ। कर्मचारियों के साथ बड़ी दुर्घटना होते-होते बची। यही हाल 11 केवी स्विचिंग सबस्टेशन ए-2, का है। जो अब भी किसी बड़े हादसे की बांट जोह रहा है। इसमें न कोई ट्रिपिंग सिस्टम न कोई डीसी बैट्री व एक वीसीबी पर दो-दो फीडर जोड़कर काम चला रहे हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। फिर भी ऐसे पुराने उपकरणों से इस बिजली निगम को चलाने का दावा किया जाता है। उन्होंने कहा जिन हालातों में यह बिजली विभाग चल रहा है, उसमें कर्मचारियों की जान की किसी भी अधिकारी को कोई परवाह नहीं है। आए दिन कर्मचारी अपनी जान गंवा रहे हैं। इसकी तरफ न सरकार का ध्यान है न निगम का। महकमे में सबसे घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है।

X
बिजली लाइनों पर दुर्घटनाएं बढ़ीं, जर्जर हो चुका है सिस्टम, कर्मी बोले कभी भी हो सकता है हादसा
COMMENT