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पैसे के लालच में गांव के ही दो लोगों ने उतार दिया मौत के घाट

फरीदाबाद : क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने मर्डर के आरोप में अरेस्ट किए आरोपियों के बारे में प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी...

Danik Bhaskar | Jun 23, 2018, 02:05 AM IST
फरीदाबाद : क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने मर्डर के आरोप में अरेस्ट किए आरोपियों के बारे में प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी देते डीपीपी सेंट्रल लोकेंद्र सिंह।

भास्कर न्यूज | फरीदाबाद

चार दिन पहले बल्लभगढ़ सदर थाना क्षेत्र में हुई सुखवीर की हत्या का क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी मृतक के गांव के ही रहने वाले हैं। प|ी की मौत होने पर आरोपियों ने सुखवीर की दूसरी शादी कराने का भरोसा देकर जमीन बेचने के बदले उसे मिले पैसों को हड़पना चाहते थे। हत्या करने से पहले तीनों ने मिलकर शराब पी। इसके बाद गमछे से गला घोटकर हत्या कर दी। फिर उसे रेलवे दुर्घटना साबित करने के लिए सिर को पत्थर से कुचल कर लाइन के किनारे फेंक दिया। आरोपियों की पहचान यूपी के बुलंदशहर जिले के हसनपुर गांव जहांगीरपुर निवासी अंकुर व माेनू के रूप में हुई है।

20 जून को सुखवीर का शव बल्लभगढ़ रेलवे लाइन के पास मिला था। चोट के निशान से स्पष्ट था कि उसकी हत्या कर रेलवे दुर्घटना साबित करने के लिए शव यहां फेंका गया है। सदर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया था। पुलिस कमिश्नर ने क्राइम ब्रांच डीएलएफ काे जांच सौंपी थी। डीसीपी सेंट्रल लोकेंद्र सिंह के मुताबिक आरोपी अंकुर और माेनू सुखबीर के गांव के रहने वाले हैं। दोनों आरोपी सुखबीर की शादी कराने के उद्देश्य से 19 जून को अपने साथ फरीदाबाद लेकर आए थे। मृतक की पहली प|ी की मृत्यु हो चुकी है। जिसके तीन बच्चे भी हैं। सुखबीर ने कुछ दिन पहले ही अपनी जमीन बेची थी। दोनों आरोपी मृतक की शादी कराने की नीयत से उसे फरीदाबाद लाए। उसे सुभाष कॉलोनी में किराए पर रहने वाले अपने रिश्तेदार के यहां रखा। घटना वाले दिन पहले आराेपियों ने शराब की पार्टी की। इसके बाद उसे रेलवे लाइन सेक्टर-61 लेकर चले गए। वहां गमछे से गला घोंटकर सुखबीर की हत्या कर दी। इसके बाद चेहरे को पत्थर से मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। फिर शव को लाइन किनारे फेंक कर उसकी जेब में रखे मोबाइल और 37000 रुपए निकालकर आधे-आधे बांट लिए। फिर पलवल होते हुए अपने गांव चले गए।

क्राइम ब्रांच डीएलएफ प्रभारी नवीन कुमार के मुताबिक शिकायतकर्ता ने शक के तौर पर 6 आरोपियों के खिलाफ मर्डर का केस दर्ज कराया था। जब जांच की गई तो पता चला कि मर्डर करने वाले गांव के ही व्यक्ति है। शक के आधार पर जब अंकुर व मोनू से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड सौंप दिया गया। अब आरोपियों से मोबाइल और कैश बरामद किया जाएगा।