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किसी सूरत में नहीं बनने देंगे बूचड़खाने, 25 को होंगे एकजुट

पाली व गोठड़ा मोहबताबाद के पहाड़ पर बनाए जा रहे बूचड़खाने को हटाने के लिए लोगों का संघर्ष अब तेज हो गया है। इसे लेकर...

Danik Bhaskar | Jun 25, 2018, 02:05 AM IST
पाली व गोठड़ा मोहबताबाद के पहाड़ पर बनाए जा रहे बूचड़खाने को हटाने के लिए लोगों का संघर्ष अब तेज हो गया है। इसे लेकर रविवार को पाली गांव में महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें सभी लोगों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि चाहे कुछ भी हो जाए वो इस बूचड़खाने को नहीं लगने देंगे। महापंचायत में यह भी फैसला लिया गया कि पूरे इलाके के लोग 25 जून को नगर निगम सभागार में सुबह 10 बजे बड़ी संख्या में एकजुट रहेंगे। सभी पार्षदों से अपील करेंगे कि इस जनहित के कार्य में हमारा सहयोग करें। इसमें एनआईटी विधायक नगेंद्र भड़ाना ने कि हम सभी को एकजुट रहकर इस लड़ाई को जीतना है। उन्होंने कहा कि यह बूचड़खाना केवल एनआईटी विधानसभा के लिए ही गंभीर मसला नहीं हो। यह बड़खल, फरीदाबाद और बल्लभगढ़ विधानसभा के लिए भी बड़ा मसला है। पाली में प्रस्तावित बूचड़खाना पहाड़ की ऊंचाई पर बनाया जा रहा है। जब कभी भी तेज हवा चलेगी तो दूर तक इसकी बदबू जाएगी। वहां के लोग इससे खासे प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि सभी शहर के लोगों से व खासकर धार्मिक सामाजिक संगठनों से अपील करते हैं कि यह कोई राजनैतिक मामला नहीं हैं। यह पूरे शहर के लिए खतरे की घंटी हैं। इसलिए सभी संगठित होकर 25 जून को नगर निगम सभागार के बाहर पहुंचकर शांतिपूर्ण तरीके से इसका विरोध करें। उन्होंने कहा कि विधायक भी सदन का सदस्य होता है। इसलिए वे स्वयं वहां मौजूद होंगे। सभी पार्षदों का समर्थन लेकर इस बात का प्रस्ताव लेकर आएंगे कि इसे वहां ना लगाया जाए। नगेंद्र भड़ाना ने कहा कि इस गंभीर विषय को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलकर इसे मेवात जिले में शिफ्ट करने की मांग करेगा। साथ ही यह मांग भी करेगा कि अरावली क्षेत्र को हरा भरा बनाने के लिए इसमें जड़ी बूटियां, औषधीय, हर्बल, पीपल व नीम के पौधे लगाए जाएं। इससे प्रदूषण में कमी लाई जा सके। पिछले दिनों ही फरीदाबाद को सबसे प्रदूषित शहर घोषित किया गया था।

बूचडख़ाने को लेकर महापंचायत में भाग लेते विधायक व पाली गांव के लोग ।