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एनक्यूएएस परीक्षा की तैयारी शुरु, पास हुए तो Rs.15000 प्रतिबेड मिलेंगे

नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) के तहत बीके सिविल अस्पताल की क्वालिटी स्टैंडर्ड जांचने के लिए...

Danik Bhaskar | Jun 25, 2018, 02:05 AM IST
नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) के तहत बीके सिविल अस्पताल की क्वालिटी स्टैंडर्ड जांचने के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम इस हफ्ते अस्पताल का दौरा कर सकती है। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन ने तैयारी शुरू कर दी है। जिला अस्पताल की सुविधाओं को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए इसे एनक्यूएएस के मानकों के अनुरूप बनाने की तैयारी चल रही है। इसके तहत जिला अस्पताल में सुविधा बढ़ाने को लेकर कई काम किए जा रहे हैं। पिछले साल अस्पताल को यह सर्टिफिकेट मिला था। इस बार भी अस्पताल प्रशासन की ओर से नार्म्स पर खरा उतरने की तैयारी चल रही है। लाने होंगे 70 फीसदी से अधिक अंक क्वालिटी सर्टिफिकेट के लिए एनक्यूएएस में अस्पताल को 70 फीसदी से ज्यादा अंक लाने होंगे। इस सप्ताह के अंदर ही टीम यहां आकर इसका मूल्यांकन करेगी। भारत सरकार ने देशभर के अस्पतालों में मरीजों से जुड़ी सुविधाएं बढ़ाने और उनकी गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए एनक्यूएएस बनाया है। इसमें 8 बिंदुओं पर अस्पताल का मूल्यांकन किया जाता है। चेकलिस्ट के आधार पर सुविधाओं का आंकलन किया जाता है। इससे छोटी से छोटी सुविधा का भी मूल्यांकन हो सके।

इन बिंदुओं पर होता है आंकलन

नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाओं, सफाई व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, डाक्टरों की संख्या आदि के आधार पर अस्पतालों का सर्टिफिकेशन करती है। इसके होने के बाद अस्पतालों को अपने आप को उनके स्टैंडर्ड्स के हिसाब से मेंटेन भी करना पड़ता है। क्लीनिकल सेवाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टाफ, पेशेंट वेटिंग एरिया, अस्पताल में वेंटिलेशन, प्रति बेड डॉक्टर और नर्स की संख्या, ओटी में तीन अलग-अलग जोन हैं या नहीं, एयर फिल्टर, तापमान, इंफेक्शन कंट्रोल के उपाय, ऑपरेशन में प्रोटोकाल का पालन, डॉक्टर व स्टाफ को इंफेक्शन कंट्रोल के बारे में जानकारी, मरीज को इलाज में कितना समय लगा आदि। इन बिंदुओं पर आंकलन करने के बाद ही मूल्यांकन दल द्वारा अंक दिए जाते हैं।

4 घंटे किया अस्पताल का राउंड

अस्पताल नार्म्स पर खरा उतरे इसके लिए विभागीय अधिकारियों ने तैयारी तेज कर दी है। अस्पताल के पीएमओ डा. वीरेंद्र यादव लगातार अस्पताल के राउंड ले रहे हैं। इमरजेंसी, ओपीडी, लेबर वार्ड समेत सभी विभागों में जाकर वहां स्टाफ को आवश्यक सुधार के दिशा-निर्देश दिए। अगर अस्पताल को यह सर्टिफिकेट मिलता है तो सरकार की ओर 15 हजार रुपए प्रति बेड के हिसाब से सालाना प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस राशि को अस्पताल की सुविधाओं में खर्च किया जाता है।

नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड की टीम अस्पताल की क्वालिटी स्टैंडर्ड जांचने के लिए इस हफ्ते दौरा कर सकती है