• Hindi News
  • Haryana
  • Faridabad
  • मिसमैच ग्रुप से किडनी ट्रांसप्लांट कर बचाई जान
--Advertisement--

मिसमैच ग्रुप से किडनी ट्रांसप्लांट कर बचाई जान

किडनी फेल होने पर परिवार में मैचिंग डोनर न मिलने से किडनी ट्रांसप्लांट की दिक्कत परिवार को बेसहारा कर देती है। एक...

Dainik Bhaskar

Jun 29, 2018, 02:05 AM IST
मिसमैच ग्रुप से किडनी ट्रांसप्लांट कर बचाई जान
किडनी फेल होने पर परिवार में मैचिंग डोनर न मिलने से किडनी ट्रांसप्लांट की दिक्कत परिवार को बेसहारा कर देती है। एक साल से कुछ ऐसा ही महसूस कर रहे थे दिनेश गुप्ता और उनका परिवार। घर में किसी से ब्लड ग्रुप न मैच होने से दिनेश का ट्रांसप्लांट नहीं हो पा रहा था। दिनेश की खराब हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने मिसमैच ट्रांसप्लांट करने का निर्णय लिया। जहां डॉक्टरों ने दिनेश को उनकी बहन की किडनी ट्रांसप्लांट की। इस केस में दोनों ही अलग-अलग ब्लड ग्रुप के थे। सर्जरी सक्सेसफुल रही। डॉक्टरों ने मरीज को नया जीवन दिया। यह सर्जरी हुई सेक्टर-21 स्थित एशियन अस्पताल में हुई। किडनी ट्रांसप्लांट विभाग के डायरेक्टर डॉ. रितेश शर्मा ने बताया कि कुछ साल पहले तक मिसमैच किडनी ट्रांसप्लांट नहीं होते थे, लेकिन पिछले कुछ सालों से मिसमैच किडनी ट्रांसप्लांट अब होने लगी हैं। डॉ. रितेश शर्मा ने बताया कि मिसमैच किडनी ट्रांसप्लांट में खून में मौजूद प्लाज्मा से एंटीबॉडीज कम की जाती है। आमतौर पर प्लाज्मा एक्सचेंज के माध्यम से यह एंटी बॉडीज कम की जाती है, लेकिन इम्यूनोएबजोरबशन तकनीक के माध्यम से एंटीबॉडीज को निगेटिव किया गया। ऐसा करने से किडनी रिजेक्शन का रिस्क नहीं होता। शरीर अनमैच वाले ब्लड की किडनी को स्वीकार कर लेता है। डॉ. विकास अग्रवाल के मुताबिक दिनेश के ट्रांसप्लांट में और भी दिक्कतें थी। उनकी छोटी बहन कोमल के टेस्ट करने पर पता चला कि उनकी 2 यूरेटर, 2 खून ले जानी वाली धमनी हैं। ऐसा सिर्फ हजारों में से किसी एक व्यक्ति में होता है। दूरबीन के माध्यम से बिना चीरफाड़ किए कोमल की किडनी सुरक्षित निकाली गई। फिर दोनों खून ले जाने वाली धमनियां जोड़ी गईं। दिनेश के शरीर में दोनों यूरेटर की नलियों को अलग-अलग छेद बनाकर जोड़ा गया। ट्रांसप्लांट के अगले ही दिन दिनेश ब्लड रिपोर्ट नॉर्मल होने लगी।

सफलता

डॉक्टरों ने दिनेश को उनकी बहन की किडनी ट्रांसप्लांट की, दोनों ही अलग-अलग ब्लड ग्रुप के थे

फरीदाबाद. दिनेश व कोमल के साथ किडनी ट्रांसप्लांट विभाग की टीम।

X
मिसमैच ग्रुप से किडनी ट्रांसप्लांट कर बचाई जान
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..