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एग्जाम क्लियर कर टॉप आईआईटी कॉलेज में पढ़ रहे बच्चे

इंजीनियर बनने का सपना हर विद्यार्थी देखता है। इसके लिए लाखों छात्र आईआईटी में दाखिला लेने का प्रयास करते हैं।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 02, 2018, 02:05 AM IST

एग्जाम क्लियर कर टॉप आईआईटी कॉलेज में पढ़ रहे बच्चे
इंजीनियर बनने का सपना हर विद्यार्थी देखता है। इसके लिए लाखों छात्र आईआईटी में दाखिला लेने का प्रयास करते हैं। इनमें से कुछ को ही सफलता मिल पाती है। इसके अलावा कुछ बच्चे आर्थिक तंगी के चलते प्रयास ही नहीं करते। उनके लिए इंजीनियर बनना एक सपना ही रह जाता है। ऐसे ही बच्चों के सपनों को पूरा कर रहे हैं शहर के कुछ लोग। इनके प्रयासों से अभी तक कई बच्चों की जिंदगी बदली जा चुकी है। आईआईटी की तैयारी के लिए जिस कोचिंग के लिए स्टूडेंट को एक से डेढ़ लाख रुपए की फीस चुकानी पड़ती है। वह ये फ्री करा रहे हैं।

2015 में शुरू किया आईआईटी कोचिंग सेंटर

फरीदाबाद की मानव सेवा समिति के मेंबर्स ने मिलकर 5 सितंबर 2015 को मिलकर आईआईटी कोचिंग सेंटर शुरू किया। इसे नाम दिया मानव सुपर-21। इसका मकसद है अार्थिक तंगी की वजह से अपने सपनों को पूरा नहीं कर पा रहे बच्चों को प्लेटफॉर्म देना। जिससे वे अपने सपनों को पूरा कर सकें। इसके तहत सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले व गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे परिवारों के बच्चों को आईआईटी की कोचिंग देकर एंट्रेस एग्जाम के लिए तैयार किया जाता है।

चार से आठ बजे तक चलती है क्लास

इन बच्चों को कोचिंग देने के लिए आईआईटी कॉलेज से रिटायर प्रोफेसर व शिक्षावद आते हैं। ये भी यहां निशुल्क सेवा देते हैं। रोज शाम 4 से आठ बजे तक सेक्टर-10 स्थित मानव भवन में बच्चों की क्लास लगती है। इसके अलावा रविवार को दो क्लास लगती हैं।

अभी तक 15 बच्चों का सिलेक्शन

2015 से शुरू हुए इस मिशन में अब तक दो बैच शुरू हुए हैं। इनमें से 15 बच्चों का सिलेक्शन हुआ है। इनमें से दो बच्चों का आईआईटी खड़गपुर, दो का एनडीए, 4 का वाईएमसीए, 2 का नीट कुरुक्षेत्र में दाखिला हो चुका है। इनके अलावा दूसरे बैच के 5 बच्चों ने जेईई मेन परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। ये वाे बच्चे थे, जिनके लिए इन जगहों पर एडमिशन लेना एक सपना था, लेकिन मानव सुपर-21 ने इन बच्चों के सपनों को हकीकत में बदल दिया।

बाहर आता है लाखों रुपए का खर्च

बाहर आईआईटी की कोचिंग लेने के लिए काफी प्राइवेट इंस्टीट्यूट हैं, लेकिन इनमें काेचिंग लेना हर किसी के बस की बात नहीं है। इनमें कोचिंग लेने पर एक से डेढ़ लाख रुपए का खर्च आता है।

गरीब बच्चों का भी हो इंजीनियर बनने का सपना पूरा, इसके लिए काम करती है मानव सुपर-21 की पूरी टीम, फ्री में देते हैं कोचिंग

फरीदाबाद. मानव भवन में विशेषज्ञ बच्चों को आईआईटी की कोचिंग देते हुए।

समिति के अध्यक्ष पवन गुप्ता व मुख्य संयोजक कैलाश शर्मा ने बताया कि हर साल 21 बच्चों को आईआईटी कोचिंग के लिए बैच तैयार किया जाता है। इसके लिए पहले टेस्ट लिया जाता है। जो डिजर्बिंग होते हैं, उनका सिलेक्शन हाेता है। फिर इसके बाद इन बच्चों को आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराई जाती है। इसमें बताया जाता है कि कैसे आईआईटी की तैयारी करें।

हर बैच में 21 बच्चों को देते हैं कोचिंग

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