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जीवनशैली में बदलाव लाकर करें बीमारियों से बचाव : डॉ. जमाल

सेक्टर-16 स्थित एक निजी अस्पताल में स्लीप एप्निया व खर्राटे पर शिविर लगाया गया। इसमें 85 लोगों ने निदान और परामर्श का...

Danik Bhaskar | Jul 02, 2018, 02:05 AM IST
सेक्टर-16 स्थित एक निजी अस्पताल में स्लीप एप्निया व खर्राटे पर शिविर लगाया गया। इसमें 85 लोगों ने निदान और परामर्श का लाभ उठाया। डॉ. गुरमीत सिंह छाबरा, डॉ. दानिश जमाल व डॉ. आनंद गुप्ता ने मरीजों की जांच कर उन्हें अपनी जीवनशैली में बदलाव लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुरुषों में 17 इंच से अधिक और महिलाओं में 15 इंच से अधिक चौड़ी गर्दन होने पर यह समस्या हो सकती है। डॉ. गुरमीत ने कहा ऑबस्ट्रेक्टिव स्लीप एप्निया (ओएसए) सबसे सामान्य नींद विकारों में से एक है। इसमें नींद के दौरान सांस लेने में बार-बार रुकावट होती है। ओएसए की वजह से रक्त में ऑक्सीजन का स्तर घट जाता है। नींद में बाधा पड़ने से हृदय रोग का जोखिम पैदा हो जाता है। 90 प्रतिशत रोगियों में खर्राटे स्लीप एप्निया नामक स्थिति का संकेत होते हैं। भारत में करीब 24 प्रतिशत पुरुष (जिनमें ज्यादातर 40 साल से अधिक) इससे पीड़ित हैं। ईएनटी एक्सपर्ट डॉ. आनंद गुप्ता के मुताबिक जब कोई व्यक्ति 40 वर्ष को हो जाता है तो उसके शरीर की मांसपेशी के स्वास्थ्य में गिरावट आने लगती है। नींद के दौरान जब मांसपेशियां आराम की अवस्था में होती हैं तो जीभ का आधार वायु मार्ग में पूरी तरह से रुकावट पैदा कर सांस लेने में बाधा पहुंचाता है। डॉ. दानिश जमाल बताते हैं कि बढ़ता मोटापा, बदलती जीवन शैली, ज्यादा खाना, आराम तलब जीवन, धूम्रपान, शराब का सेवन आदि इसके लिए जिम्मेदार हैं। इस स्थिति का इलाज और प्रबंधन करने के दौरान शारीरिक गतिविधियों में वृद्धि, धूम्रपान से परहेज और शराब सेवन कम करने से अधिक लाभ होगा।