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शिक्षकों के लिए जीवन कौशल प्रशिक्षण बेहद जरूरी : प्रो. दिनेश

वाईएमसीए यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर) के सहयोग से जीवन...

Danik Bhaskar | Jul 14, 2018, 02:05 AM IST
वाईएमसीए यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर) के सहयोग से जीवन कौशल विकास विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य शिक्षकों को रोजमर्रा की जिंदगी में आने वाली चुनौतियों का सामना करने, समस्याएं सुलझाने तथा निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने के लिए जरूरी जीवन कौशल से अवगत कराना था। जिससे शिक्षकों के माध्यम से बुनियादी जीवन कौशल की जानकारी विद्यार्थियों को मिल सके। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय तथा अन्य शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों ने हिस्सा लिया।

कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में शिक्षकों के लिए जीवन कौशल प्रशिक्षण बेहद जरूरी है, जो उनके संपूर्ण व्यक्तित्व विकास में मदद करता है। स्वयं को जानने, रचनात्मक सोच पैदा करने, जीवन की समस्याएं सुलझाने तथा निर्णय लेने की समझ विकसित करने तथा प्रभावी संवाद में जीवन कौशल प्रशिक्षण अहम भूमिका निभाता है। इस मौके पर डीन (संस्थान) डॉ. संदीप ग्रोवर तथा डीन (अकादमिक) डॉ. विक्रम सिंह भी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रचना अग्रवाल, अनुश्री चौहान तथा एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ की डॉ. रमा छाबड़ा ने किया।

पांच दिनी कार्यक्रम के दौरान लगभग 20 सत्र आयोजित किए गए। इसमें 10 विशेषज्ञ वक्ता प्रो. रवि के. हांडा, डॉ. पारुल खुराना, डॉ. मीतू मट्टा, प्रो. रितु गांधी अरोड़ा, प्रो. सुजाता शाही, डॉ. ज्योति राणा, प्रो. संदीप ग्रोवर तथा प्रो. अरविंद गुप्ता ने संबोधित किया। इन्होंने जीवन कौशल विकास का उद्देश्य व विद्यार्थियों के लिए महत्व, सॉफ्ट स्किल के विभिन्न प्रकारों, मानव मूल्यों, समय प्रबंधन, प्रभावी संवाद, भावनात्मक समझ, निर्णय लेने संबंधी क्षमता विकास तथा पारस्परिक संबंध विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। अंत में प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को लेकर अपने अनुभव भी साझा किए।

फरीदाबाद. वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. दिनेश कुमार।